नई दिल्ली | 4 नवंबर 2026
दीपावली का त्योहार रोशनी, खुशहाली और सुख-समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। इस दिन घरों में मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की विशेष पूजा की जाती है। पूजा के दौरान दीपक जलाने की परंपरा भी सदियों से चली आ रही है। आपने अक्सर देखा होगा कि दिवाली पर कुछ लोग भगवान गणेश के सामने सरसों के तेल का दीपक जलाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसके पीछे क्या धार्मिक मान्यता है और इसे शुभ क्यों माना जाता है?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, दीपक को सकारात्मक ऊर्जा, अंधकार के नाश और शुभता का प्रतीक माना जाता है। सरसों के तेल का दीपक जलाने की परंपरा भी इसी आस्था से जुड़ी हुई है।
भगवान गणेश के सामने सरसों के तेल का दीपक क्यों जलाते हैं?
हिंदू धर्म में भगवान गणेश को विघ्नहर्ता और प्रथम पूज्य देवता माना जाता है। किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत उनसे पूजा करके की जाती है। दीपावली पर मां लक्ष्मी के साथ भगवान गणेश की पूजा करने की परंपरा है।
मान्यता है कि भगवान गणेश के सामने सरसों के तेल का दीपक जलाने से घर की नकारात्मकता दूर होती है और परिवार पर आने वाली बाधाएं कम होती हैं। कुछ धार्मिक परंपराओं में सरसों के तेल को शनि से भी जोड़कर देखा जाता है। इसलिए इसे शांति और बाधाओं से मुक्ति की कामना के साथ जलाया जाता है।
सरसों के तेल के दीपक का धार्मिक महत्व
1. नकारात्मकता दूर करने की मान्यता: धार्मिक विश्वास के अनुसार, सरसों के तेल का दीपक घर के वातावरण को शुद्ध और सकारात्मक बनाने का प्रतीक माना जाता है।
2. बाधाओं से मुक्ति की कामना: भगवान गणेश को विघ्नहर्ता कहा जाता है। उनके सामने दीपक जलाकर भक्त जीवन की परेशानियों और बाधाओं से मुक्ति की प्रार्थना करते हैं।
3. सुख-समृद्धि का प्रतीक: दीपावली पर जलाया गया दीपक घर में सुख, शांति और समृद्धि के आगमन का प्रतीक माना जाता है।
4. शनि दोष से राहत की मान्यता: सरसों के तेल का संबंध धार्मिक परंपराओं में शनिदेव से भी जोड़ा जाता है। कुछ लोग इसे शनि से जुड़ी परेशानियों से राहत की कामना के साथ जलाते हैं।
दीपावली पर दीपक जलाते समय रखें इन बातों का ध्यान
- पूजा स्थल को साफ-सुथरा रखें।
- भगवान गणेश और माता लक्ष्मी की पूजा के समय श्रद्धापूर्वक दीपक जलाएं।
- दीपक को सुरक्षित और स्थिर स्थान पर रखें।
- दीपक जलाते समय आसपास ज्वलनशील वस्तुएं न रखें।
- पूजा में अपनी पारिवारिक और क्षेत्रीय परंपराओं का पालन करें।
क्या गणेश जी के सामने केवल सरसों के तेल का दीपक जलाना चाहिए?
नहीं, धार्मिक परंपराओं में पूजा के लिए घी, तिल के तेल और सरसों के तेल के दीपक का उल्लेख मिलता है। भगवान गणेश की पूजा में घी का दीपक भी प्रचलित है। इसलिए यह जरूरी नहीं है कि गणेश जी के सामने केवल सरसों के तेल का ही दीपक जलाया जाए।
पूजा में सबसे महत्वपूर्ण श्रद्धा, स्वच्छता और भक्ति की भावना मानी जाती है। अलग-अलग परिवारों और क्षेत्रों में दीपक जलाने की परंपराएं भी अलग हो सकती हैं।
दिवाली पर गणेश-लक्ष्मी पूजा का विशेष महत्व
दीपावली पर भगवान गणेश और माता लक्ष्मी की एक साथ पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, भगवान गणेश बुद्धि, विवेक और विघ्नों को दूर करने वाले देवता हैं, जबकि माता लक्ष्मी धन, वैभव और समृद्धि की देवी मानी जाती हैं।
इसलिए दिवाली की पूजा में दोनों का विशेष स्थान होता है। भक्त उनसे अपने परिवार के लिए सुख, शांति, स्वास्थ्य और खुशहाली की कामना करते हैं।
ध्यान दें: सरसों के तेल का दीपक जलाने से नकारात्मक ऊर्जा या शनि दोष दूर होने जैसी बातें धार्मिक मान्यताओं पर आधारित हैं। इन्हें वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित तथ्य नहीं माना जाना चाहिए।
