11–12 मई 2026
लखनऊ/नई दिल्ली: 11 मई 2026 के आसपास उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों में बड़े मंगल (Bada Mangal) और हनुमान जयंती (Telugu Hanuman Jayanti) के अवसर पर श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या में भीड़ मंदिरों में देखने को मिली। इस दौरान पूरे देश में विशेष पूजा, भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया।
क्या है बड़ा मंगल?
बड़ा मंगल (जिसे कई जगह “बुढ़वा मंगल” भी कहा जाता है) ज्येष्ठ माह के मंगलवारों को मनाया जाता है।
इस दिन को विशेष रूप से भगवान हनुमान को समर्पित माना जाता है।
परंपराओं के अनुसार इस दिन:
- हनुमान जी की विशेष पूजा की जाती है
- व्रत और भक्ति कार्यक्रम आयोजित होते हैं
- विभिन्न स्थानों पर भंडारे (लंगर) का आयोजन किया जाता है
- भक्त बड़ी संख्या में मंदिरों में दर्शन के लिए पहुंचते हैं
12 मई 2026 को दूसरा बड़ा मंगल
इस वर्ष 12 मई 2026 (मंगलवार) को ज्येष्ठ माह का दूसरा बड़ा मंगल मनाया गया।
इस दिन मंदिरों में:
- सुबह से ही पूजा-अर्चना का सिलसिला शुरू हुआ
- श्रद्धालुओं की भीड़ लगातार बढ़ती रही
- भजन-कीर्तन और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए
- कई स्थानों पर भंडारे और प्रसाद वितरण किया गया
Telugu Hanuman Jayanti का आयोजन
इसी दिन दक्षिण भारत में विशेष रूप से तेलुगु हनुमान जयंती भी मनाई गई।
यह पर्व मुख्य रूप से:
- तेलंगाना
- आंध्र प्रदेश
में भगवान हनुमान के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है।
इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने:
- व्रत रखा
- हनुमान चालीसा का पाठ किया
- विशेष पूजा-अर्चना की
- मंदिरों में दर्शन किए
पंचांग और धार्मिक मान्यता
इस बार यह धार्मिक अवसर पंचक काल के साथ भी जुड़ा हुआ बताया गया।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार:
- हनुमान जी की पूजा को पंचक काल में भी शुभ माना जाता है
- भक्तों के अनुसार इस दौरान पूजा से मानसिक शांति और नकारात्मकता से मुक्ति मिलती है
मंदिरों में विशेष व्यवस्थाएं
देशभर के मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए विशेष व्यवस्थाएं की गईं:
- सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया
- भीड़ नियंत्रण के लिए बैरिकेडिंग की गई
- जल और प्रसाद वितरण की व्यवस्था की गई
- स्वयंसेवकों की तैनाती की गई
निष्कर्ष
11 और 12 मई 2026 को बड़े मंगल और हनुमान जयंती के अवसर पर देशभर में श्रद्धालुओं ने बड़े स्तर पर पूजा-अर्चना और धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लिया। इस दौरान मंदिरों में भारी भीड़ और धार्मिक गतिविधियों का वातावरण देखने को मिला।
डिस्क्लेमर
यह जानकारी धार्मिक परंपराओं, मान्यताओं और पंचांग आधारित विवरणों पर आधारित है। विभिन्न क्षेत्रों और परंपराओं के अनुसार इसमें भिन्नताएं हो सकती हैं।
