क्राइम रिपोर्ट: पति के ‘काले साम्राज्य’ की दुश्मन बनी कमांडो काजल!

सोनीपत/दिल्ली | 30 जनवरी 2026

दिल्ली पुलिस में कमांडो के पद पर तैनात काजल की हत्या के आरोप में पुलिस ने उसके पति अंकुर को गिरफ्तार कर लिया है। शुरुआती जांच में जो कहानी सामने आई है, वह बेहद खौफनाक है। पुलिस का मानना है कि काजल को अपने पति के उन काले कारनामों की भनक लग गई थी, जिन्हें वह दुनिया से छिपाकर बैठा था।

1. हत्या की वजह: पेपर लीक माफिया से कनेक्शन?

जांच में यह बात सामने आई है कि अंकुर का नाम हरियाणा पेपर लीक माफिया के साथ जुड़ा हुआ था।

  • भनक लग गई थी काजल को: काजल खुद पुलिस विभाग में थी, इसलिए उसे अंकुर की संदिग्ध गतिविधियों और उसके पास आने वाले मोटी रकम के फोन कॉल्स पर शक हो गया था।
  • विरोध बना काल: बताया जा रहा है कि काजल ने अंकुर को इन गलत कामों को छोड़ने की चेतावनी दी थी। उसने धमकी दी थी कि अगर वह नहीं सुधरा, तो वह खुद उसे सलाखों के पीछे पहुंचा देगी।

2. डंबल से हमला और वारदात की रात

पुलिस के मुताबिक, हत्या की रात (28-29 जनवरी की दरम्यानी रात) दोनों के बीच इसी मुद्दे पर तीखी बहस हुई थी।

  • साजिश के तहत हमला: जब काजल सो रही थी, तब अंकुर ने जिम में इस्तेमाल होने वाले भारी डंबल से उसके सिर पर ताबड़तोड़ वार किए।
  • कमांडो की मौत: काजल एक ट्रेंड कमांडो थी, लेकिन नींद में होने और अचानक हुए हमले के कारण उसे संभलने का मौका नहीं मिला और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

3. खुद को बचाने की नाकाम कोशिश

वारदात को अंजाम देने के बाद अंकुर ने इसे एक हादसे या लूट का रूप देने की कोशिश की थी। उसने घर का सामान बिखेर दिया था, लेकिन फॉरेंसिक टीम और पुलिस की सख्त पूछताछ के सामने वह टूट गया और अपना जुर्म कबूल कर लिया।

4. काजल: विभाग की जांबाज अफसर

काजल दिल्ली पुलिस की Special Cell में कमांडो के तौर पर तैनात थी। उसकी बहादुरी के किस्से विभाग में मशहूर थे। सहकर्मियों का कहना है कि वह एक ईमानदार अफसर थी और शायद यही ईमानदारी उसके घर में उसकी जान की दुश्मन बन गई।


जांच के अहम बिंदु:

  • बैंक ट्रांजेक्शन: पुलिस अंकुर के बैंक खातों की जांच कर रही है ताकि पेपर लीक से मिले पैसों का सुराग मिल सके।
  • कॉल डिटेल्स: काजल के फोन से मिले कुछ आखिरी मैसेज और कॉल्स इस बात की पुष्टि करते हैं कि वह किसी बड़े खुलासे की तैयारी में थी।

पुलिस का बयान: “आरोपी अंकुर ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है। हम इस बात की भी जांच कर रहे हैं कि क्या इस हत्याकांड में पेपर लीक गिरोह के अन्य सदस्य भी शामिल थे जिन्होंने अंकुर पर दबाव बनाया था।”