अंकिता भंडारी हत्याकांड में CBI की जांच तेज, पत्रकार आशुतोष नेगी का बयान दर्ज; कथित VIP कनेक्शन की पड़ताल जारी

नई दिल्ली/देहरादून, 28 अक्टूबर 2026। उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए पत्रकार आशुतोष नेगी का बयान दर्ज किया है। मंगलवार, 27 अक्टूबर को नेगी को दिल्ली स्थित CBI मुख्यालय बुलाया गया था। वह उन लोगों में शामिल रहे हैं, जिन्होंने वर्ष 2022 में अंकिता की हत्या के बाद मामले की जांच केंद्रीय एजेंसी से कराने की मांग उठाई थी। फिलहाल CBI इस मामले में एक कथित ‘VIP’ की भूमिका और संभावित रूप से साक्ष्य छिपाए जाने या नष्ट किए जाने से जुड़े आरोपों की जांच कर रही है।

दिल्ली में CBI मुख्यालय पहुंचे पत्रकार आशुतोष नेगी

पत्रकार आशुतोष नेगी को CBI की जांच टीम ने पूछताछ के लिए दिल्ली के लोदी रोड स्थित मुख्यालय बुलाया। अधिकारियों के मुताबिक, एजेंसी ने उनका बयान दर्ज किया है। नेगी स्वतंत्र पत्रकार होने के साथ उत्तराखंड क्रांति दल (डेमोक्रेटिक) से भी जुड़े रहे हैं।

अंकिता भंडारी की हत्या के बाद नेगी ने मामले की जांच और उससे जुड़े कई पहलुओं पर सवाल उठाए थे। अक्टूबर 2022 में उन्होंने उत्तराखंड हाईकोर्ट में याचिका दायर कर जांच CBI को सौंपने की मांग की थी। बाद में अंकिता के माता-पिता भी इस मांग से जुड़े। हालांकि, दिसंबर 2022 में हाईकोर्ट ने उस समय उपलब्ध परिस्थितियों के आधार पर जांच CBI को सौंपने की याचिका खारिज कर दी थी।

कथित VIP की भूमिका की जांच क्यों हो रही है?

अंकिता भंडारी मामले में मुख्य आरोपियों को सजा मिलने के बावजूद एक कथित VIP की भूमिका को लेकर सवाल उठते रहे हैं। सोशल मीडिया पर प्रसारित कुछ ऑडियो और वीडियो रिकॉर्डिंग में एक प्रभावशाली व्यक्ति के कथित तौर पर मामले से जुड़े होने के दावे किए गए थे। इन रिकॉर्डिंग के सामने आने के बाद मामले की दोबारा चर्चा शुरू हुई।

CBI ने फरवरी 2026 में अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था, ताकि कथित VIP की भूमिका और मामले से संबंधित संभावित साक्ष्य छिपाए जाने या नष्ट किए जाने के आरोपों की जांच की जा सके। एजेंसी की FIR में सोशल मीडिया पर प्रसारित सामग्री और उसमें लगाए गए आरोपों का उल्लेख है।

यह स्पष्ट रहना जरूरी है कि सोशल मीडिया पर लगाए गए आरोप अपने आप में किसी व्यक्ति की संलिप्तता का प्रमाण नहीं हैं। कथित VIP की भूमिका की जांच जारी है और उपलब्ध रिपोर्टों में CBI की ओर से किसी व्यक्ति की दोषसिद्धि की घोषणा नहीं की गई है।

ऑडियो-वीडियो सामने आने के बाद फिर गरमाया मामला

दिसंबर 2025 में अभिनेत्री उर्मिला सनावर ने कुछ ऑडियो और वीडियो रिकॉर्डिंग प्रसारित की थीं, जिनमें कथित VIP का जिक्र होने का दावा किया गया। इन रिकॉर्डिंग के बाद अंकिता के परिवार और अन्य लोगों ने मामले के इस पहलू की जांच की मांग तेज की।

रिकॉर्डिंग की प्रामाणिकता और उनमें किए गए दावों को लेकर विवाद भी सामने आया। इस प्रकरण में जिन लोगों के नाम सार्वजनिक चर्चाओं में आए, उनमें से कुछ ने आरोपों का खंडन किया है। इसलिए जांच एजेंसी के लिए रिकॉर्डिंग की सत्यता, उनके स्रोत और उनमें किए गए दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करना महत्वपूर्ण होगा।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अंकिता के माता-पिता की मांग के बाद मामले में कथित VIP की भूमिका की जांच के लिए CBI जांच की सिफारिश की थी। इसके बाद एजेंसी ने इस पहलू पर अलग से कार्रवाई शुरू की।

2022 में हुई थी 19 वर्षीय अंकिता की हत्या

अंकिता भंडारी उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले में ऋषिकेश के निकट स्थित वनंतरा रिसॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के रूप में काम करती थीं। सितंबर 2022 में उनके लापता होने की सूचना मिली थी। कुछ दिन बाद उनका शव चिल्ला नहर से बरामद हुआ था।

मामले की जांच के दौरान रिसॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य और उसके दो कर्मचारियों अंकित गुप्ता तथा सौरभ भास्कर को गिरफ्तार किया गया। अभियोजन पक्ष की ओर से पेश साक्ष्यों और सुनवाई के बाद मई 2025 में अदालत ने तीनों को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।

इस प्रकार, हत्या के मुख्य मामले में तीन लोगों को दोषी ठहराया जा चुका है। वर्तमान CBI जांच का केंद्र इससे अलग कथित VIP की भूमिका और उससे संबंधित अन्य आरोप हैं।

पहले भी उठे थे जांच और साक्ष्यों को लेकर सवाल

आशुतोष नेगी ने अपनी 2022 की याचिका में पुलिस और विशेष जांच दल (SIT) की जांच से जुड़े कुछ पहलुओं पर सवाल उठाए थे। इनमें पोस्टमार्टम रिपोर्ट सार्वजनिक न किए जाने और रिसॉर्ट के उस कमरे को गिराए जाने जैसे मुद्दे शामिल थे, जहां अंकिता काम करती थीं।

उस समय हाईकोर्ट ने राज्य पुलिस की जांच को CBI को सौंपने की मांग स्वीकार नहीं की थी। अब कथित VIP के संबंध में सामने आए नए दावों के बाद CBI की अलग जांच चल रही है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि वर्तमान जांच में कौन-से साक्ष्य सामने आते हैं और उनका मामले से क्या संबंध स्थापित होता है।

अंकिता के माता-पिता ने भी CBI अधिकारियों से की थी मुलाकात

अक्टूबर 2026 में अंकिता के माता-पिता ने दिल्ली में CBI के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने मामले के विभिन्न पहलुओं से संबंधित जानकारी साझा की। CBI की ओर से उन्हें निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिए जाने की जानकारी भी सामने आई थी।

परिवार लंबे समय से चाहता रहा है कि हत्या के मामले में कथित VIP की भूमिका सहित सभी अनसुलझे सवालों की जांच की जाए। पत्रकार आशुतोष नेगी का बयान दर्ज किया जाना इसी विस्तृत जांच प्रक्रिया का हिस्सा है। हालांकि, उनके बयान में क्या जानकारी सामने आई और उसका जांच पर क्या प्रभाव पड़ेगा, इस संबंध में विस्तृत आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं हुई है।

अब जांच में किन सवालों पर रहेगा ध्यान?

CBI की मौजूदा जांच में मुख्य रूप से यह स्पष्ट करना जरूरी होगा कि कथित VIP से जुड़े दावों का आधार क्या है, सामने आई ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग कितनी विश्वसनीय हैं और क्या किसी तरह के साक्ष्य को छिपाने या नष्ट करने की पुष्टि करने वाला स्वतंत्र प्रमाण उपलब्ध है।

पत्रकारों, परिवार के सदस्यों और अन्य संभावित गवाहों से मिली जानकारी की जांच के साथ एजेंसी को दस्तावेजों तथा डिजिटल साक्ष्यों का मिलान करना होगा। फिलहाल जांच के निष्कर्षों को लेकर कोई अंतिम दावा करना जल्दबाजी होगी।

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