ग्लासगो (स्कॉटलैंड) | 3 अगस्त, 2026
ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का रोमांचक समापन हो गया है। इस बार के खेलों का प्रारूप छोटा होने और कई पारंपरिक खेलों (जैसे कुश्ती, बैडमिंटन, शूटिंग) के बाहर होने के बावजूद भारतीय दल ने शानदार प्रदर्शन किया है। भारत कुल 39 पदक (13 स्वर्ण, 17 रजत और 9 कांस्य) जीतकर पदक तालिका में चौथे स्थान पर रहा।
Indiatimes+ 1
इस बार के खेलों में सबसे खास बात यह रही कि बॉक्सिंग भारत का सबसे मजबूत स्तंभ बनकर उभरी, जबकि ट्रैक एंड फील्ड (एथलेटिक्स) में मुख्य स्पर्धाओं के तहत कोई स्वर्ण पदक हाथ नहीं लग सका।
The Indian Express
1. बॉक्सिंग में ऐतिहासिक प्रदर्शन: सात गोल्ड और तीन सिल्वर Indiatimes
ग्लासगो में भारतीय मुक्केबाजों ने रिंग में अपना खौफ कायम रखते हुए ऐतिहासिक सफलता हासिल की है:
- शानदार सफलता: भारतीय बॉक्सिंग दल ने कुल 10 पदक अपने नाम किए, जिसमें 7 स्वर्ण और 3 रजत पदक शामिल हैं। Indiatimes
- महिला मुक्केबाजों का दबदबा: महिला वर्ग में प्रीति पवार, जैस्मिन लैम्बोरिया, साक्षी चौधरी, प्रिया घंघस और अरुंधति चौधरी ने अपने-अपने भार वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। पुरुष वर्ग में सचिन सिवाच और अंकुश पंघाल ने भी देश के लिए पीला तमगा (गोल्ड) जीता। India Today+ 1
- शत-प्रतिशत पोडियम फिनिश: जितने भी भारतीय मुक्केबाज पदक मुकाबलों (सेमीफाइनल/फाइनल) में पहुंचे, उन सभी ने देश के लिए पदक पक्का किया। Indiatimes+ 1
2. एथलेटिक्स में सिल्वर और ब्रॉन्ज तो मिले, पर गोल्ड नहीं
एथलेटिक्स और पैरा-एथलेटिक्स ने भारत की झोली में कुल 16 पदक डाले, लेकिन मुख्य एथलेटिक्स स्पर्धाओं में कोई भी भारतीय एथलीट शीर्ष स्थान यानी स्वर्ण पदक हासिल नहीं कर सका:
The Economic Times
- नीरज चोपड़ा और अन्य का प्रदर्शन: स्टार जैवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा और लॉन्ग जम्पर मुरली श्रीशंकर को रजत पदक से संतोष करना पड़ा। इसके अलावा गुलveer सिंह और अन्य एथलीटों ने भी पोडियम पर जगह बनाई। Hindustan Times+ 2
- पैरा-एथलेटिक्स में चमके भारतीय: हालांकि, मुख्य एथलेटिक्स में गोल्ड की कमी को पैरा-एथलीटों ने पूरा किया, जहां दिलीप गावित, शर्मिला और सोमन राणा ने शानदार स्वर्ण पदक जीतकर देश का मान बढ़ाया। Hindustan Times+ 1
3. 31% का शानदार सक्सेस रेट: 123 खिलाड़ियों में 38 बने मेडलिस्ट
ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के लिए भारत की ओर से कुल 123 खिलाड़ियों का दल भेजा गया था।
- इन 123 खिलाड़ियों में से 38 खिलाड़ियों ने किसी न किसी स्पर्धा में पदक अपने नाम किया।
- इस प्रकार भारतीय दल का ओवरऑल सक्सेस रेट लगभग 31% रहा, जो यह साबित करता है कि कम खिलाड़ियों के छोटे दल के बावजूद भारतीय एथलीटों ने उच्च स्तर की दक्षता और परिणाम दिए हैं।
कुश्ती और शूटिंग जैसे खेलों की अनुपस्थिति के बावजूद भारत का यह प्रदर्शन भविष्य के बहु-विषयक टूर्नामेंट्स के लिए बेहद सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
India Today
