नई दिल्ली | 4 अगस्त, 2026
देश के विभिन्न राज्यों में मानसून का तांडव लगातार जारी है। पूर्वी भारत से लेकर पहाड़ी क्षेत्रों और मैदानी राज्यों तक भारी बारिश और खराब मौसम ने भारी तबाही मचाई है। बिहार और पश्चिम बंगाल में वज्रपात (आकाशीय बिजली) गिरने से 11 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है, वहीं उत्तराखंड में बद्रीनाथ हाईवे पर हुए भीषण भूस्खलन के कारण सैकड़ों यात्री फंस गए हैं। इसके अलावा हरियाणा के अंबाला और झज्जर जिलों में भारी जलभराव से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
1. बिहार और पश्चिम बंगाल में वज्रपात का कहर: 11 लोगों की मौत
- आकाशीय बिजली से हादसे: मानसून के सक्रिय दौर के बीच बिहार और पश्चिम बंगाल के कई जिलों में अचानक मौसम बिगड़ने के बाद आकाशीय बिजली (Lightning) गिरने की घटनाएं सामने आईं।
- जानमाल का नुकसान: दोनों राज्यों में अलग-अलग जगहों पर खेतों में काम कर रहे या सुरक्षित स्थान की तलाश कर रहे कुल 11 लोगों की मौत हो गई है, जबकि कई अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान पेड़ों या खुले मैदानों में न जाने की अपील की है।
2. उत्तराखंड: बद्रीनाथ हाईवे पर लैंडस्लाइड, 200 से अधिक यात्री फंसे
पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते पहाड़ों के दरकने का सिलसिला थम नहीं रहा है:
- हाइवे बंद: चमोली जिले के पास बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर भारी लैंडस्लाइड (भूस्खलन) हुआ है, जिससे सड़क का एक बड़ा हिस्सा मलबे से पट गया है।
- यात्री फंसे: मार्ग अवरुद्ध होने के कारण बद्रीनाथ धाम की यात्रा पर जा रहे 200 से अधिक तीर्थयात्री और पर्यटक बीच रास्ते में अलग-अलग जगहों पर फंस गए हैं। बीआरओ (BRO) और आपदा प्रबंधन की टीमें मौके पर पहुंचकर मलबे को हटाने और मार्ग को सुचारू करने के कार्य में जुटी हुई हैं।
3. हरियाणा: अंबाला और झज्जर में सड़कें बनीं तालाब, दुकानों में घुसा पानी
मैदानी राज्य हरियाणा में भी भारी बारिश के चलते शहरी बाढ़ (Urban Flooding) जैसे हालात पैदा हो गए हैं:
- जलभराव: अंबाला और झज्जर जिलों में कुछ ही घंटों की मूसलाधार बारिश से ड्रेनेज सिस्टम फेल हो गया, जिससे मुख्य सड़कें और बस्तियां तालाब में तब्दील हो गईं।
- व्यापारी परेशान: पानी की निकासी न होने के कारण कई बाजारों में पानी दुकानों के भीतर तक घुस गया, जिससे दुकानदारों का सामान खराब हो गया और रोजमर्रा का कारोबार पूरी तरह ठप हो गया। प्रशासन जल निकासी के पंप लगाने के काम में जुटा है।
