2 अक्टूबर को कई राज्यों में बदलेगा मौसम, बारिश-आंधी का अलर्ट; जानें दिल्ली से एमपी तक का हाल

नई दिल्ली | 2 अक्टूबर 2026

देश के कई हिस्सों में मानसून की विदाई के बीच मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। 2 अक्टूबर 2026 को कई राज्यों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की गतिविधि देखने को मिल सकती है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान में कुछ क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है, जबकि कई राज्यों में आंधी और बिजली चमकने को लेकर चेतावनी जारी की गई है।

मौसम का असर खासतौर पर पूर्वोत्तर, पूर्वी भारत और दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में अधिक देखने को मिल सकता है। वहीं उत्तर और मध्य भारत के कई हिस्सों में मानसून की वापसी की प्रक्रिया जारी रहने के कारण मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रहने की संभावना भी है।

20 राज्यों में मौसम खराब होने की संभावना

2 अक्टूबर के लिए उपलब्ध मौसम अपडेट में दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, महाराष्ट्र, असम, जम्मू-कश्मीर, केरल, छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, गुजरात, तेलंगाना, मेघालय और त्रिपुरा समेत कई राज्यों में बारिश या आंधी-गरज की गतिविधि का उल्लेख किया गया है।

हालांकि, सभी राज्यों में बारिश की तीव्रता एक जैसी नहीं रहेगी। कहीं हल्की या मध्यम बारिश हो सकती है तो कुछ इलाकों में भारी बारिश और तेज हवाओं की स्थिति बन सकती है।

पूर्वोत्तर में भारी बारिश का ज्यादा असर

पूर्वोत्तर भारत में मौसम सक्रिय रहने की संभावना है। अरुणाचल प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में गरज-चमक और बिजली के साथ बारिश की संभावना जताई गई है।

सिक्किम और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में भी कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं।

दक्षिण भारत में भी बारिश और तेज हवाएं

केरल, माहे, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में गरज-चमक और बिजली के साथ तेज हवाओं की संभावना है। इन इलाकों में हवा की गति कुछ स्थानों पर 40 से 50 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

आंध्र प्रदेश में भी गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना है। कुछ क्षेत्रों में मजबूत सतही हवाएं चलने का अनुमान है।

मध्य प्रदेश में कैसा रहेगा मौसम?

मध्य प्रदेश में भी 2 अक्टूबर को मौसम के बदलाव का असर दिखाई दे सकता है। उपलब्ध अपडेट में राज्य के कुछ हिस्सों में बारिश और तेज हवाओं की संभावना बताई गई है। भोपाल समेत कई शहरों में बादल और स्थानीय बारिश की स्थिति बन सकती है।

IMD के अनुसार मध्य प्रदेश के बड़े हिस्से से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की परिस्थितियां भी अनुकूल हो रही हैं। इसका मतलब यह है कि राज्य के सभी हिस्सों में एक जैसी बारिश नहीं होगी और स्थानीय मौसम में अंतर रह सकता है।

दिल्ली-NCR में क्या रहेगा हाल?

दिल्ली और उत्तर भारत को लेकर अलग-अलग अपडेट में अंतर दिखाई देता है। ताजा व्यापक पूर्वानुमान के अनुसार दिल्ली और हरियाणा में 2 अक्टूबर को मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रहने की संभावना है, जबकि कुछ अन्य अपडेट में स्थानीय बारिश की संभावना का उल्लेख किया गया है। इसलिए दिल्ली-NCR में मौसम के लिए स्थानीय और नवीनतम IMD अपडेट को प्राथमिकता देना जरूरी है।

राजस्थान और उत्तर भारत में मानसून की विदाई

राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कई हिस्सों से मानसून की वापसी की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। IMD के अनुसार अगले 48 घंटों में इन क्षेत्रों के कुछ और हिस्सों से मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल हो सकती हैं।

हालांकि, मानसून की वापसी का मतलब यह नहीं है कि हर जगह बारिश तुरंत पूरी तरह बंद हो जाएगी। स्थानीय मौसम प्रणालियों के प्रभाव से कुछ क्षेत्रों में बारिश और आंधी की गतिविधियां जारी रह सकती हैं।

70 किमी प्रति घंटे तक हवा का अलर्ट कितना सही?

2 अक्टूबर के मौसम संबंधी कुछ रिपोर्टों में 70 किमी प्रति घंटे तक की हवा का उल्लेख किया गया है। लेकिन यह गति पूरे देश या सभी 20 राज्यों के लिए समान नहीं है। अलग-अलग क्षेत्रों के लिए IMD के पूर्वानुमान में हवा की गति अलग-अलग बताई गई है। उदाहरण के लिए दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में 40-50 किमी प्रति घंटे तक की तेज हवाओं का अनुमान है, जबकि पूर्वोत्तर और अन्य क्षेत्रों में अलग-अलग स्तर की हवाएं चल सकती हैं।

इसलिए स्थानीय स्तर पर जारी चेतावनी को देखकर ही यात्रा या अन्य गतिविधियों की योजना बनाना बेहतर रहेगा।

बारिश और आंधी के दौरान सावधानी जरूरी

तेज बारिश और आंधी के दौरान लोगों को खुले मैदान, पेड़ और कमजोर संरचनाओं के पास खड़े होने से बचना चाहिए। बिजली चमकने के दौरान विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

सड़क पर यात्रा करने वालों को कम दृश्यता और जलभराव वाले रास्तों पर वाहन की गति नियंत्रित रखने की सलाह दी जाती है। समुद्री क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और मछुआरों को मौसम विभाग की स्थानीय चेतावनियों का पालन करना चाहिए।

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