MP में राइट-टू-रिकॉल पर आज फैसला: कुसुम पस्तोर की कुर्सी का भविष्य मतगणना पर टिका

निवाड़ी। 6 नवंबर

मध्य प्रदेश के निवाड़ी जिले की जेरोन खालसा नगर परिषद में अध्यक्ष कुसुम पस्तोर के राजनीतिक भविष्य का फैसला आज, 6 नवंबर को होने जा रहा है। अध्यक्ष को पद से वापस बुलाने यानी राइट-टू-रिकॉल के तहत 4 नवंबर को हुए मतदान की मतगणना शुक्रवार को निर्धारित है। नतीजे से स्पष्ट होगा कि कुसुम पस्तोर अध्यक्ष पद पर बनी रहेंगी या उन्हें पद छोड़ना पड़ेगा।

15 में से 12 पार्षदों ने शुरू की थी प्रक्रिया

कुसुम पस्तोर वर्ष 2022 में जेरोन खालसा नगर परिषद की अध्यक्ष निर्वाचित हुई थीं। इसी वर्ष अप्रैल में नगर परिषद के पार्षदों ने उनके खिलाफ राइट-टू-रिकॉल की प्रक्रिया शुरू करने की पहल की। नगर परिषद के कुल 15 निर्वाचित पार्षदों में से 12 ने मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 47 के तहत अध्यक्ष को पद से वापस बुलाने का प्रस्ताव कलेक्टर को सौंपा था।

हालांकि, बाद में तीन पार्षदों ने अपने रुख में बदलाव किया और अध्यक्ष के समर्थन की बात कही। इस मामले को लेकर कुसुम पस्तोर ने भी आरोप लगाया था कि पार्षदों से गुमराह करके हस्ताक्षर करवाए गए।

7,799 मतदाताओं में से 4,798 ने किया मतदान

4 नवंबर को हुए मतदान में जेरोन खालसा नगर परिषद क्षेत्र के मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया।

  • कुल मतदाता: 7,799
  • पुरुष मतदाता: 4,031
  • महिला मतदाता: 3,768
  • कुल पड़े वोट: 4,798
  • मतदान प्रतिशत: 61.52%

पुरुषों का मतदान प्रतिशत 65.37 रहा, जबकि महिलाओं का मतदान प्रतिशत 57.40 दर्ज किया गया।

मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम की धारा 47 के तहत कार्रवाई

इस पूरे मामले में मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 47 महत्वपूर्ण है। इसी प्रावधान के तहत नगर परिषद अध्यक्ष को पद से वापस बुलाने की प्रक्रिया शुरू की गई। निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार मतदाताओं के गुप्त मतदान से यह तय होना है कि अध्यक्ष को पद पर बनाए रखा जाए या वापस बुलाया जाए।

हाईकोर्ट तक पहुंचा था मामला

राइट-टू-रिकॉल की प्रक्रिया को लेकर कुसुम पस्तोर और अन्य की ओर से मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में भी चुनौती दी गई थी। 2 नवंबर 2026 को हाईकोर्ट की खंडपीठ ने उनकी अपील खारिज कर दी। इसके बाद निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मतदान और मतगणना की प्रक्रिया आगे बढ़ी।

आज के नतीजे पर टिकी निगाहें

जेरोन खालसा में अब सभी की निगाहें मतगणना पर हैं। 61.52 प्रतिशत मतदान के बाद आने वाला परिणाम तय करेगा कि कुसुम पस्तोर अध्यक्ष पद पर बनी रहेंगी या जनता के फैसले के बाद उन्हें पद छोड़ना होगा। यह मध्य प्रदेश में स्थानीय निकाय स्तर पर राइट-टू-रिकॉल प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण मामला है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *