पुणे, महाराष्ट्र | 31 अक्टूबर 2026
महाराष्ट्र के पुणे से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने परिवार और पुलिस दोनों को हैरान कर दिया है। लंदन में MBA की पढ़ाई करने गई 34 वर्षीय मुग्धा अविनाश देशमुख का शव पुणे के गहुंजे इलाके स्थित एक किराये के फ्लैट में संदिग्ध परिस्थितियों में मिला। परिवार को करीब दो महीने तक यही जानकारी थी कि मुग्धा लंदन में रहकर पढ़ाई कर रही है, जबकि वह अगस्त 2026 में ही ब्रिटेन छोड़कर भारत लौट आई थी।
मुग्धा के परिवार को उसके पुणे में होने की जानकारी तब मिली, जब उसके बैंक ट्रांजैक्शन और ऑनलाइन फूड डिलीवरी से जुड़े रिकॉर्ड की जांच की गई। इसके बाद पुलिस ने उसकी लोकेशन का पता लगाया और फ्लैट तक पहुंची। अंदर दरवाजा बंद था और काफी समय से कोई संपर्क नहीं हो पा रहा था। पुलिस की मदद से फ्लैट खुलवाया गया तो अंदर मुग्धा का शव मिला। फिलहाल उसकी मौत का कारण स्पष्ट नहीं है और पुलिस सभी संभावित पहलुओं से जांच कर रही है।
जुलाई 2025 में MBA की पढ़ाई के लिए गई थी लंदन
पुलिस के अनुसार, मुग्धा देशमुख मूल रूप से महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर की रहने वाली थी। वह जुलाई 2025 में MBA की पढ़ाई करने के लिए लंदन गई थी। वहां पढ़ाई के साथ-साथ वह पार्टटाइम काम भी करती थी। परिवार के साथ उसकी नियमित रूप से फोन और व्हाट्सऐप के माध्यम से बातचीत होती रहती थी।
परिजनों को विश्वास था कि वह अभी भी लंदन में ही रह रही है। हालांकि, उन्हें यह जानकारी नहीं थी कि मुग्धा अगस्त 2026 में ही भारत लौट चुकी है और पुणे के गहुंजे इलाके में एक किराये के फ्लैट में अकेले रह रही है।
23 अक्टूबर को हुई थी माता-पिता से आखिरी बातचीत
मुग्धा के पिता अविनाश देशमुख के अनुसार, 23 अक्टूबर को उनकी बेटी की मां से फोन पर बातचीत हुई थी। इस दौरान मुग्धा ने बताया था कि उसे एक जॉब इंटरव्यू के लिए जाना है और जल्दबाजी में फोन रख दिया।
इसके अगले दिन यानी 24 अक्टूबर से मुग्धा का फोन बंद आने लगा। परिवार ने कई बार संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। लगातार संपर्क नहीं होने पर परिजनों की चिंता बढ़ गई।
इसके बाद परिवार ने लंदन में रहने वाली मुग्धा की दोस्त निकिता से संपर्क किया। निकिता ने बताया कि उसकी मुग्धा से आखिरी बातचीत 22 अक्टूबर को मैसेज के जरिए हुई थी। इसके बाद उसने लंदन पुलिस से भी संपर्क किया।
लंदन पुलिस की जानकारी से परिवार के सामने आया बड़ा खुलासा
मुग्धा की तलाश के दौरान उसकी दोस्त ने लंदन पुलिस को गुमशुदगी की जानकारी दी। जांच के बाद लंदन पुलिस ने बताया कि मुग्धा अगस्त 2026 में ही ब्रिटेन छोड़ चुकी थी।
यह जानकारी परिवार के लिए चौंकाने वाली थी, क्योंकि उन्हें लगातार यही लगता रहा कि उनकी बेटी लंदन में है। इसके बाद परिजनों ने भारत में उसकी तलाश शुरू की और छत्रपति संभाजीनगर पुलिस से संपर्क किया।
बैंक ट्रांजैक्शन और फूड डिलीवरी रिकॉर्ड से मिला पुणे का पता
मुग्धा के पिता ने उसके बैंक स्टेटमेंट की जांच की तो 8 से 25 अक्टूबर के बीच कई ऑनलाइन लेनदेन सामने आए। इनमें स्विगी, जोमैटो, ब्लिंकिट, बुकमायशो और मेकमायट्रिप जैसे प्लेटफॉर्म से जुड़े भुगतान शामिल थे।
इन लेनदेन से पुलिस को संकेत मिला कि मुग्धा भारत में मौजूद हो सकती है। इसके बाद पुलिस ने ऑनलाइन फूड डिलीवरी रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल जानकारियों की मदद से उसकी लोकेशन का पता लगाया।
जांच के दौरान पुणे के गहुंजे स्थित लोधा बेलमोंडो सोसायटी का पता सामने आया। पुलिस टीम वहां पहुंची और फ्लैट तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक चाबी की मदद ली।
बंद फ्लैट के अंदर सड़ी-गली हालत में मिला शव
28 अक्टूबर 2026 को पुलिस टीम गहुंजे स्थित सोसायटी के फ्लैट में पहुंची। दरवाजा अंदर से बंद था। जब पुलिस ने वैकल्पिक चाबी की मदद से फ्लैट खोला तो मुग्धा का शव अंदर मिला। शव काफी समय से पड़ा होने के कारण सड़ी-गली अवस्था में था।
प्रारंभिक जांच में मुग्धा के शरीर पर चोट के कोई स्पष्ट बाहरी निशान नहीं मिले। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और कानूनी प्रक्रिया पूरी की। मामले में आकस्मिक मृत्यु रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की गई।
अप्रैल में किराये पर लिया था फ्लैट, अगस्त से रह रही थी अकेले
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया कि मुग्धा ने पुणे के लोधा बेलमोंडो सोसायटी में अप्रैल 2026 के आसपास फ्लैट किराये पर लिया था। हालांकि, वहां रहना उसने अगस्त या सितंबर से शुरू किया था।
पड़ोसियों के मुताबिक, मुग्धा ज्यादा लोगों से बातचीत नहीं करती थी और ज्यादातर समय अकेले ही रहती थी। सोसायटी में भी उसकी आवाजाही सीमित थी। वह ऑनलाइन फूड ऑर्डर करती थी और घर पर खाना भी बनाती थी।
पुलिस को यह जानकारी भी मिली कि मुग्धा पुणे में रहते हुए MBA के विद्यार्थियों को ऑनलाइन कुछ विषय पढ़ाती थी।
घरेलू सहायिका को भी काम पर आने से कर दिया था मना
जांच के दौरान एक और महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई। मुग्धा के घर काम करने वाली घरेलू सहायिका के अनुसार, उसने 21 अक्टूबर के आसपास उसे काम पर आने से मना कर दिया था। मुग्धा ने कथित तौर पर कहा था कि वह फ्लैट छोड़कर जाने की योजना बना रही है। उसने घरेलू सहायिका को पूरे महीने का भुगतान भी कर दिया था।
पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि मुग्धा आखिर फ्लैट क्यों छोड़ना चाहती थी और क्या वह वास्तव में कहीं जाने की तैयारी कर रही थी।
CCTV कैमरे बंद होने से जांच में चुनौती
सोसायटी के जिस हिस्से में मुग्धा का फ्लैट था, वहां का CCTV कैमरा कथित तौर पर पिछले दो महीने से काम नहीं कर रहा था। ऐसे में पुलिस को उसकी गतिविधियों और फ्लैट पर आने-जाने वाले लोगों की जानकारी जुटाने में परेशानी हो रही है।
जांच अधिकारी मुग्धा के मोबाइल फोन, कॉल रिकॉर्ड, बैंक लेनदेन और ऑनलाइन गतिविधियों की पड़ताल कर रहे हैं, ताकि भारत लौटने के बाद से लेकर मौत तक की घटनाओं का क्रम समझा जा सके।
पोस्टमार्टम में नहीं मिला चोट का निशान, रिपोर्ट का इंतजार
पुलिस के अनुसार, पोस्टमार्टम के दौरान शरीर पर किसी तरह के स्पष्ट बाहरी चोट के निशान नहीं मिले। मौत का वास्तविक कारण जानने के लिए विसरा सुरक्षित रखा गया है और रासायनिक जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
पुलिस सभी संभावित पहलुओं से मामले की जांच कर रही है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि मुग्धा की मौत प्राकृतिक कारणों से हुई, किसी बीमारी के कारण हुई या इसके पीछे कोई अन्य वजह थी।
कई सवालों के जवाब तलाश रही पुलिस
मुग्धा देशमुख की मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस के सामने फिलहाल कुछ प्रमुख सवाल हैं:
- मुग्धा ने लंदन छोड़कर भारत लौटने की जानकारी अपने माता-पिता को क्यों नहीं दी?
- अगस्त से पुणे में अकेले रहने के पीछे क्या वजह थी?
- 21 अक्टूबर के आसपास उसने घरेलू सहायिका को काम पर आने से क्यों रोक दिया?
- 23 अक्टूबर को इंटरव्यू की बात करने के बाद उसके साथ क्या हुआ?
- उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई और क्या इसमें किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी?
फिलहाल पुलिस इन सवालों के जवाब तलाश रही है। विसरा की रासायनिक जांच, मोबाइल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्यों से मामले की गुत्थी सुलझाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
मुग्धा की मौत का मामला केवल एक संदिग्ध मृत्यु की जांच नहीं है, बल्कि यह भी सवाल छोड़ रहा है कि आखिर वह अपने परिवार से अपनी वापसी और पुणे में रहने की बात क्यों छिपा रही थी। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही इस पूरे घटनाक्रम की वास्तविक तस्वीर सामने आ सकेगी।
