8 नवंबर को एक ही दिन मनेगी छोटी और बड़ी दिवाली, 7 नवंबर की तारीख को लेकर क्यों है भ्रम? जानिए सही पंचांग

भोपाल। 5 नवंबर 2026

दीपावली 2026 की तारीख को लेकर इस बार लोगों के बीच असमंजस बना हुआ है। कोई 7 नवंबर को छोटी दिवाली बता रहा है, तो कहीं 8 नवंबर को नरक चतुर्दशी और मुख्य दीपावली दोनों मनाने की बात कही जा रही है। पंचांग की गणना के अनुसार इस वर्ष तिथियों के विशेष संयोग के कारण छोटी दिवाली और बड़ी दिवाली का पर्व 8 नवंबर, रविवार को ही मनाया जाएगा।

हालांकि, चतुर्दशी तिथि 7 नवंबर को सुबह 10 बजकर 48 मिनट से शुरू हो जाएगी और 8 नवंबर को सुबह 11 बजकर 28 मिनट तक रहेगी। वहीं अमावस्या तिथि 8 नवंबर को सुबह 11 बजकर 28 मिनट से शुरू होकर 9 नवंबर को दोपहर 12 बजकर 32 मिनट तक रहेगी। इसी तिथि के आधार पर दोनों पर्वों की तारीख को लेकर भ्रम पैदा हुआ है।

7 नवंबर को क्यों बताई जा रही है छोटी दिवाली?

पंचांग के अनुसार नरक चतुर्दशी की तिथि 7 नवंबर को शुरू हो रही है। इसी वजह से कुछ कैलेंडर और धार्मिक जानकार छोटी दिवाली की तारीख 7 नवंबर बता रहे हैं। लेकिन नरक चतुर्दशी का प्रमुख अनुष्ठान अभ्यंग स्नान सूर्योदय से पहले किया जाता है। इस वर्ष यह समय 8 नवंबर की सुबह चतुर्दशी तिथि के दौरान पड़ रहा है।

इसी कारण कई पंचांगों में छोटी दिवाली यानी नरक चतुर्दशी का मुख्य पर्व 8 नवंबर को बताया गया है। इस दिन भगवान श्रीकृष्ण द्वारा नरकासुर का वध करने की धार्मिक कथा का स्मरण किया जाता है।

8 नवंबर को होगी लक्ष्मी-गणेश की पूजा

मुख्य दीपावली यानी लक्ष्मी पूजन 8 नवंबर, रविवार को किया जाएगा। इस दिन कार्तिक अमावस्या रहेगी। मान्यता है कि अमावस्या की प्रदोष बेला में मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि और खुशहाली आती है।

नई दिल्ली के पंचांग के अनुसार लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 5 बजकर 54 मिनट से रात 7 बजकर 50 मिनट तक बताया गया है। अलग-अलग शहरों में सूर्योदय और सूर्यास्त के समय के अनुसार मुहूर्त में अंतर हो सकता है।

क्या है छोटी और बड़ी दिवाली का धार्मिक महत्व?

छोटी दिवाली को नरक चतुर्दशी या रूप चौदस भी कहा जाता है। पौराणिक मान्यता के अनुसार इस दिन भगवान श्रीकृष्ण ने नरकासुर का वध कर उसके अत्याचारों से लोगों को मुक्ति दिलाई थी। इसीलिए यह पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। इस दिन अभ्यंग स्नान, दीपदान और पूजा का विशेष महत्व है।

वहीं बड़ी दिवाली पर भगवान श्रीराम के 14 वर्ष के वनवास के बाद अयोध्या लौटने की खुशी में दीप जलाने की परंपरा जुड़ी हुई है। इस दिन घरों में दीप सजाए जाते हैं और मां लक्ष्मी तथा भगवान गणेश की पूजा की जाती है।

दिवाली के बाद कब होगी गोवर्धन पूजा और भाई दूज?

इस साल दीपावली के बाद गोवर्धन पूजा और भाई दूज की तारीखें भी जानना जरूरी है।

  • धनतेरस: 6 नवंबर, शुक्रवार
  • छोटी दिवाली / नरक चतुर्दशी: 8 नवंबर, रविवार
  • बड़ी दिवाली / लक्ष्मी पूजन: 8 नवंबर, रविवार
  • गोवर्धन पूजा: 10 नवंबर, मंगलवार
  • भाई दूज: 11 नवंबर, बुधवार

तारीख का भ्रम कैसे समझें?

इस वर्ष चतुर्दशी तिथि 7 नवंबर को शुरू होकर 8 नवंबर की सुबह समाप्त हो रही है, जबकि अमावस्या 8 नवंबर को शुरू हो रही है। इसलिए दोनों पर्वों के लिए अलग-अलग तिथि होने के बावजूद उनके मुख्य धार्मिक अनुष्ठान एक ही दिन पड़ रहे हैं।

इस प्रकार 2026 में छोटी और बड़ी दिवाली दोनों 8 नवंबर को मनाई जाएंगी। पूजा का समय और स्थानीय परंपराओं के अनुसार अनुष्ठान करने के लिए अपने शहर के पंचांग या स्थानीय पंडित से भी पुष्टि करना उचित रहेगा।

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