नागोया/आइची | 2 अक्टूबर 2026
एशियन गेम्स 2026 में शुक्रवार का दिन भारतीय खेल प्रेमियों के लिए बड़ी खबर लेकर आया। भारतीय मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन ने महिलाओं की 75 किलोग्राम कैटेगरी में चीन की बाओ जियी को हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। यह एशियन गेम्स में लवलीना का पहला स्वर्ण पदक है। इस जीत के साथ वह एशियाई खेलों में बॉक्सिंग गोल्ड जीतने वाली भारत की दूसरी महिला मुक्केबाज बन गई हैं।
इसी दिन कुश्ती के 65 किलोग्राम फ्रीस्टाइल वर्ग में सुजीत कलकल ने भी शानदार शुरुआत करते हुए अफगानिस्तान के सैयद उमर जाजई को 13-3 से तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर हराकर क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया।
लवलीना ने बदला पदक का रंग
लवलीना बोरगोहेन इससे पहले 2022 एशियन गेम्स में रजत पदक जीत चुकी थीं। इस बार उन्होंने अपने प्रदर्शन में सुधार करते हुए फाइनल में जगह बनाई और निर्णायक मुकाबले में चीन की बाओ जियी को मात देकर स्वर्ण पदक हासिल किया।
लवलीना की यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि वह एशियन गेम्स में स्वर्ण जीतने वाली भारत की केवल दूसरी महिला बॉक्सर बनी हैं। उनसे पहले यह उपलब्धि मैरी कॉम ने हासिल की थी।
फाइनल में चीन की बॉक्सर से हुआ मुकाबला
महिलाओं के 75 किलोग्राम फाइनल में लवलीना का सामना चीन की बाओ जियी से हुआ। नागोया के निशियो जिम्नेजियम में हुए इस मुकाबले में भारतीय मुक्केबाज ने जीत दर्ज करते हुए अपना पहला एशियन गेम्स गोल्ड हासिल किया।
यह स्वर्ण पदक लवलीना के अंतरराष्ट्रीय करियर में एक और बड़ी उपलब्धि के रूप में जुड़ गया है। वह ओलंपिक, विश्व चैंपियनशिप और एशियन चैंपियनशिप में भी पदक जीत चुकी हैं।
सुजीत कलकल की भी शानदार शुरुआत
दूसरी ओर, 65 किलोग्राम फ्रीस्टाइल कुश्ती में सुजीत कलकल ने अपने एशियन गेम्स अभियान की शुरुआत जीत के साथ की। प्री-क्वार्टर फाइनल में उनका मुकाबला अफगानिस्तान के सैयद उमर जाजई से हुआ।
सुजीत ने शुरुआत में तीन अंक गंवाए, लेकिन इसके बाद मुकाबले पर नियंत्रण बना लिया। उन्होंने लगातार अंक जुटाते हुए पहले दौर के अंत तक 9-3 की बढ़त बना ली। दूसरे दौर में भी उन्होंने आक्रामक खेल जारी रखा और स्कोर 13-3 तक पहुंचाकर तकनीकी श्रेष्ठता से मुकाबला समाप्त कर दिया।
अब क्वार्टर फाइनल में ईरानी पहलवान से मुकाबला
प्री-क्वार्टर फाइनल जीतने के बाद सुजीत कलकल क्वार्टर फाइनल में पहुंच गए हैं। उनका अगला मुकाबला ईरान के अब्बास इब्राहिमजादेसवादकुही से होना है।
सुजीत 65 किलोग्राम वर्ग में भारत की प्रमुख पदक उम्मीदों में शामिल हैं। 2026 में वह एशियन चैंपियनशिप का खिताब भी जीत चुके हैं और एशियन गेम्स से पहले उनका प्रदर्शन लगातार चर्चा में रहा है।
पदक पक्का होने की स्थिति
सुजीत की जीत के बाद उनके पदक की उम्मीद मजबूत हुई है, लेकिन क्वार्टर फाइनल जीतकर सेमीफाइनल में पहुंचना ही वह चरण होगा जहां उनका पदक सुनिश्चित होगा। इसलिए फिलहाल उन्हें क्वार्टर फाइनल मुकाबले पर ध्यान देना होगा।
उनके वर्ग में जापान के ओलंपिक चैंपियन कोटारो कियोका भी प्रमुख दावेदारों में शामिल हैं और टूर्नामेंट के ड्रॉ के अनुसार सुजीत और कियोका की संभावित भिड़ंत आगे के चरण में हो सकती है।
भारत के लिए पदक अभियान में एक और बड़ा दिन
लवलीना के स्वर्ण पदक ने भारत के पदक अभियान में महत्वपूर्ण इजाफा किया है। वहीं सुजीत की जीत ने कुश्ती में एक और पदक की उम्मीद कायम रखी है।
2 अक्टूबर को भारत के लिए बॉक्सिंग और कुश्ती के अलावा तीरंदाजी और महिला हॉकी में भी पदक मुकाबले निर्धारित हैं। भारतीय महिला हॉकी टीम का सामना फाइनल में चीन से होना है।
