नई दिल्ली, 22 सितंबर 2026। रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाले साबुन, शैंपू और टूथपेस्ट को लेकर केंद्र सरकार ने पैकेजिंग नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। अब इन उत्पादों के पैकेट पर यह स्पष्ट करना जरूरी होगा कि उनमें इस्तेमाल सामग्री शाकाहारी मूल की है या मांसाहारी मूल की। इसके लिए पैकेजिंग पर निर्धारित रंगों वाले निशान का इस्तेमाल किया जाएगा।
नया प्रावधान Legal Metrology (Packaged Commodities) Rules, 2011 में संशोधन के जरिए किया गया है। सरकार ने इसके लिए Legal Metrology (Packaged Commodities) Fourth Amendment Rules, 2026 जारी किए हैं। अधिसूचना 21 सितंबर 2026 को राजपत्र में प्रकाशित हुई और उसी दिन से नियम प्रभावी हो गया।
हरे निशान का मतलब होगा शाकाहारी मूल
नए नियम के अनुसार, यदि साबुन, शैंपू, टूथपेस्ट या संबंधित कॉस्मेटिक उत्पाद में इस्तेमाल सामग्री शाकाहारी मूल की है तो पैकेट पर हरा डॉट लगाया जाएगा।
इससे ग्राहक को पैकेट देखकर ही उत्पाद में इस्तेमाल सामग्री के मूल के बारे में जानकारी मिल सकेगी।
लाल या भूरा निशान बताएगा मांसाहारी मूल
वहीं, जिन उत्पादों में इस्तेमाल सामग्री मांसाहारी मूल की है, उनकी पैकेजिंग पर लाल या भूरा डॉट लगाया जाएगा।
इस तरह हरे और लाल/भूरे निशान के माध्यम से उत्पाद की प्रकृति को आसानी से पहचाना जा सकेगा।
पैकेट पर कहां लगाया जाएगा निशान?
सरकार ने केवल रंग निर्धारित नहीं किए हैं, बल्कि निशान की जगह को लेकर भी नियम तय किया है।
यह पहचान चिह्न पैकेट के Principal Display Panel यानी मुख्य डिस्प्ले पैनल के सबसे ऊपर लगाया जाना होगा। इसका उद्देश्य यह है कि ग्राहक को उत्पाद की जानकारी पैकेट देखते ही आसानी से मिल सके।
सिर्फ साबुन और शैंपू तक सीमित नहीं है नियम
यह बदलाव केवल साबुन, शैंपू और टूथपेस्ट तक सीमित नहीं है। अधिसूचना में अन्य कॉस्मेटिक्स और टॉयलेटरी उत्पादों को भी शामिल किया गया है।
यानी संबंधित उत्पादों की पैकेजिंग पर भी उनके इस्तेमाल किए गए घटकों के मूल के अनुसार निर्धारित रंग का निशान लगाना होगा।
कंपनियों को पैकेजिंग में करना होगा बदलाव
नियम लागू होने के बाद कंपनियों को अपनी पैकेजिंग और लेबलिंग व्यवस्था को नए प्रावधानों के अनुरूप करना होगा। इसका सीधा असर उन उत्पादों की नई पैकेजिंग पर पड़ेगा जिन्हें नियम लागू होने के बाद बाजार में पैक और सप्लाई किया जाएगा।
इस बदलाव से उपभोक्ताओं को उत्पाद खरीदते समय उसके मूल से जुड़ी जानकारी पैकेट पर स्पष्ट रूप से मिल सकेगी।
ग्राहकों के लिए क्या बदलेगा?
अब साबुन, शैंपू, टूथपेस्ट या अन्य संबंधित कॉस्मेटिक उत्पाद खरीदते समय ग्राहक पैकेट के मुख्य हिस्से पर लगे निशान को देखकर जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
हरा डॉट — शाकाहारी मूल
लाल या भूरा डॉट — मांसाहारी मूल
इस व्यवस्था का उद्देश्य पैकेजिंग पर उत्पाद से जुड़ी यह जानकारी अधिक स्पष्ट और आसानी से दिखाई देने योग्य बनाना है।
लंबे समय से चर्चा में था यह प्रावधान
साबुन, शैंपू, टूथपेस्ट और कॉस्मेटिक्स पर ऐसे पहचान चिह्न लगाने का विषय नया नहीं है। इस तरह की लेबलिंग को लेकर पहले भी सरकारी स्तर पर चर्चा और विचार-विमर्श हो चुका है। अब 2026 में सरकार ने इसे Legal Metrology के पैकेजिंग नियमों के तहत अनिवार्य कर दिया है।
