‘मैं मशीन या रोबोट नहीं हूं…’ 57 रन ठोकने के बाद संजू सैमसन का छलका दर्द, वैभव के सेलेक्शन पर भी बोले

नई दिल्ली, 16 सितंबर 2026: अफगानिस्तान के खिलाफ दूसरे टी20 इंटरनेशनल में बल्ले से शानदार प्रदर्शन करने के बाद भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज संजू सैमसन ने अपने आलोचकों, टीम में चयन को लेकर होने वाली चर्चा और युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी के चयन पर खुलकर बात की। 15 सितंबर को अरुण जेटली स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में सैमसन ने महज 22 गेंदों में 57 रन की तूफानी पारी खेली और भारत ने अफगानिस्तान को 7 विकेट से हराकर तीन मैचों की सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली।

मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में सैमसन ने माना कि भारतीय क्रिकेटरों को लेकर सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर होने वाली लगातार चर्चा से खिलाड़ी पूरी तरह अप्रभावित नहीं रहते। उन्होंने कहा कि समय के साथ उन्होंने इससे निपटना जरूर सीखा है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि आलोचनाओं का उन पर कोई असर ही नहीं होता।

‘मैं मशीन नहीं हूं, हम रोबोट नहीं हैं’

संजू सैमसन से जब लगातार होने वाली आलोचना और बाहरी दबाव के बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने बेहद साफ शब्दों में अपनी स्थिति बताई।

सैमसन ने कहा कि वह सोशल मीडिया और बाहरी चर्चाओं से खुद को दूर रखने की कोशिश करते हैं। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि वह अपना Wi-Fi बंद रखने की कोशिश करते हैं, लेकिन कभी-कभी वह फिर चालू हो जाता है और कमेंट्स सामने आ जाते हैं।

उन्होंने माना कि ऐसी बातें खिलाड़ियों को प्रभावित करती हैं।

सैमसन के मुताबिक, पहले ऐसी चीजें उन्हें ज्यादा परेशान करती थीं, लेकिन अब अनुभव के साथ उन्होंने उनसे निपटना सीख लिया है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ी इंसान हैं, इसलिए यह कहना सही नहीं होगा कि बाहरी आलोचनाओं का बिल्कुल कोई असर नहीं पड़ता।

57 रन की पारी से दिया जवाब

संजू सैमसन के लिए अफगानिस्तान के खिलाफ दूसरा टी20 बेहद खास रहा। पहले मुकाबले में वह सिर्फ 10 रन बनाकर आउट हुए थे। इसके बाद उनकी जगह और टीम में वैभव सूर्यवंशी को मौका दिए जाने को लेकर चर्चा तेज हो गई थी।

लेकिन दूसरे टी20 में सैमसन ने शानदार अंदाज में वापसी की।

उन्होंने केवल 22 गेंदों में 57 रन बनाए। उनकी पारी में 7 चौके और 4 छक्के शामिल रहे। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी ने भारत को 160 रन के लक्ष्य का पीछा करने में तेज शुरुआत दी। भारत ने 14.5 ओवर में 162/3 बनाकर मुकाबला अपने नाम कर लिया।

सैमसन और अभिषेक शर्मा ने शुरुआती ओवरों में ही अफगानिस्तान के गेंदबाजों पर दबाव बना दिया। दोनों के बीच 88 रन की साझेदारी हुई और भारत ने पावरप्ले में ही 82 रन जोड़ दिए।

वैभव सूर्यवंशी को लेकर क्या बोले संजू?

संजू सैमसन से सबसे ज्यादा सवाल वैभव सूर्यवंशी को लेकर ही हुए। 15 साल के वैभव को भारतीय टी20 टीम में शामिल किया गया है और जिम्बाब्वे के खिलाफ पिछली सीरीज में उन्हें शानदार प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ द सीरीज चुना गया था।

अफगानिस्तान के खिलाफ शुरुआती दोनों मुकाबलों में टीम मैनेजमेंट ने सैमसन और अभिषेक शर्मा को ओपनिंग की जिम्मेदारी दी, जबकि वैभव को प्लेइंग XI में जगह नहीं मिली।

सैमसन ने इस स्थिति को व्यक्तिगत प्रतिस्पर्धा के तौर पर देखने से इनकार किया।

उन्होंने कहा कि वैभव और अभिषेक उनके लिए या टीम के लिए दुश्मन नहीं हैं। बाहर की दुनिया इन्हें एक-दूसरे का प्रतिस्पर्धी मान सकती है, लेकिन टीम के अंदर सभी का लक्ष्य भारत के लिए मैच जीतना है।

‘हम एक टीम हैं’

सैमसन ने कहा कि अगर किसी खिलाड़ी को किसी मैच में मौका नहीं मिलता है तो उसे नकारात्मक सोच में नहीं जाना चाहिए।

उनके मुताबिक, टीम में ऐसी सोच नहीं होनी चाहिए कि “मुझे मौका क्यों नहीं मिला और उसे क्यों मिला?”

उन्होंने साफ किया कि भारतीय टीम में अंतिम लक्ष्य व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं बल्कि मैच जीतना है। प्लेइंग XI को लेकर अंतिम फैसला टीम मैनेजमेंट करता है और खिलाड़ियों को उस फैसले का सम्मान करते हुए टीम के लक्ष्य पर ध्यान देना चाहिए।

वैभव को मौका मिलने की वजह भी समझते हैं सैमसन

सैमसन ने वैभव की उम्र और हालिया प्रदर्शन का भी जिक्र किया।

उन्होंने कहा कि भारतीय टीम के लिए खेलना और लगातार रन बनाना आसान नहीं है। एक तरफ उनके पास खुद का प्रदर्शन था, वहीं दूसरी तरफ 15 साल का एक खिलाड़ी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार रन बनाकर टीम के दरवाजे पर दस्तक दे रहा था।

सैमसन ने माना कि जब वह खुद कुछ मैचों में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए और वैभव अच्छी फॉर्म में थे, तब टीम मैनेजमेंट की ओर से वैभव को मौका देने की सोच को समझा जा सकता है।

यानी सैमसन ने वैभव के चयन को अपने खिलाफ फैसले के तौर पर पेश करने के बजाय इसे टीम मैनेजमेंट की परिस्थितियों के हिसाब से लिया गया फैसला बताया।

पहले मैच में 10 रन, दूसरे में 57

अफगानिस्तान के खिलाफ सैमसन की कहानी दो मैचों में पूरी तरह बदल गई।

पहले टी20 में वह 8 गेंदों पर केवल 10 रन बना पाए। इसके बाद उनके स्थान को लेकर चर्चा शुरू हो गई। खासतौर पर इसलिए क्योंकि टीम में वैभव सूर्यवंशी जैसा युवा विकल्प मौजूद था।

लेकिन दूसरे मुकाबले में सैमसन ने शुरुआत में थोड़ा समय लेने के बाद अपने शॉट्स खोल दिए।

उन्होंने 22 गेंदों में 57 रन बनाकर न सिर्फ भारत को तेज शुरुआत दी बल्कि टीम में अपनी जगह को लेकर चल रही बहस का जवाब मैदान पर अपने प्रदर्शन से दिया।

बाहर का शोर कितना प्रभावित करता है?

सैमसन ने कहा कि बाहर की आवाजों को पूरी तरह नजरअंदाज करना आसान नहीं है।

भारतीय क्रिकेटरों के प्रदर्शन पर सोशल मीडिया, पूर्व खिलाड़ियों की राय और क्रिकेट प्रशंसकों की प्रतिक्रियाएं लगातार आती रहती हैं। एक खिलाड़ी अगर अच्छा प्रदर्शन करता है तो तारीफ होती है और असफल होने पर टीम में उसकी जगह तक पर सवाल उठने लगते हैं।

सैमसन ने स्वीकार किया कि यह सब खिलाड़ियों को प्रभावित कर सकता है। हालांकि उन्होंने कहा कि खिलाड़ी को अपनी तैयारी और मानसिकता को स्पष्ट रखना जरूरी है।

उन्होंने यह भी समझाया कि अगर वह हर गेंद खेलने से पहले यह सोचने लगें कि आउट होने के बाद सोशल मीडिया पर क्या लिखा जाएगा, तो उनके लिए स्वाभाविक तरीके से बल्लेबाजी करना मुश्किल हो जाएगा।

अनुभव से सीखा दबाव संभालना

सैमसन ने माना कि पहले बाहरी आलोचनाओं का उन पर ज्यादा असर होता था। लेकिन समय के साथ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने के अनुभव ने उन्हें ऐसी परिस्थितियों को बेहतर तरीके से संभालना सिखाया है।

उन्होंने कहा कि अब वह यह समझते हैं कि आलोचनाओं पर ज्यादा ध्यान देने से उनके प्रदर्शन पर ही असर पड़ेगा। इसलिए उनकी कोशिश तैयारी और खेल पर ध्यान देने की रहती है।

यही वजह रही कि अफगानिस्तान के खिलाफ दूसरे टी20 में उन्होंने किसी अतिरिक्त दबाव के बजाय आक्रामक बल्लेबाजी का रास्ता चुना।

भारत ने सीरीज पर कब्जा किया

दूसरे टी20 में अफगानिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत के सामने 160 रन का लक्ष्य रखा था। भारत ने इसे 14.5 ओवर में 3 विकेट खोकर हासिल कर लिया।

सैमसन ने 57 और अभिषेक शर्मा ने 39 रन की पारी खेली। दोनों ने मिलकर भारत की जीत की नींव रखी। इस जीत के साथ भारत ने तीन मैचों की सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली।

अब सीरीज का तीसरा और अंतिम मुकाबला 17 सितंबर को खेला जाना है।

वैभव की बारी कब आएगी?

अफगानिस्तान के खिलाफ शुरुआती दो मैचों में वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग XI में जगह नहीं मिली है। ऐसे में अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या तीसरे मुकाबले में टीम मैनेजमेंट उन्हें मौका देता है।

हालांकि इस बारे में अंतिम फैसला टीम मैनेजमेंट ही करेगा। सैमसन के बयान से इतना जरूर स्पष्ट हुआ कि वह वैभव को अपने लिए खतरे के रूप में नहीं देख रहे हैं और टीम के भीतर व्यक्तिगत प्रतिस्पर्धा से ज्यादा टीम के लक्ष्य को महत्व देने की बात कर रहे हैं।

सैमसन के बयान का बड़ा संदेश

संजू सैमसन की बातों में एक तरफ उनके प्रदर्शन का आत्मविश्वास दिखाई दिया, तो दूसरी तरफ लगातार होने वाली आलोचना का मानवीय असर भी सामने आया।

उन्होंने यह बताने की कोशिश की कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने वाला खिलाड़ी भी दबाव, निराशा और आलोचना महसूस करता है। फर्क सिर्फ इतना है कि समय और अनुभव के साथ खिलाड़ी यह सीखता है कि इन चीजों को अपने खेल पर हावी नहीं होने देना है।

अफगानिस्तान के खिलाफ 57 रन की पारी के बाद सैमसन का संदेश साफ था—टीम में जगह के लिए प्रतिस्पर्धा हो सकती है, लेकिन खिलाड़ियों का पहला लक्ष्य भारत को जीत दिलाना होना चाहिए।

और जहां तक वैभव सूर्यवंशी का सवाल है, सैमसन ने उनके चयन को लेकर किसी शिकायत के बजाय टीम मैनेजमेंट के फैसले को समझने की बात कही। अब नजर तीसरे टी20 और उसके बाद टीम इंडिया की प्लेइंग XI पर रहेगी।

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