उज्जैन, मध्य प्रदेश, 24 अगस्त 2026: मध्य प्रदेश के उज्जैन से सरकारी कार्यालय में जन्मदिन मनाने का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने विभागीय व्यवस्था और सरकारी दफ्तरों की गरिमा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बिजली विभाग के सहायक यंत्री रविकांत मालवीय का जन्मदिन बेहद भव्य अंदाज में मनाया गया। वायरल वीडियो में अधिकारी हाथी पर सवार होकर कार्यालय पहुंचते दिखाई दे रहे हैं। उनके स्वागत में ढोल-नगाड़े बज रहे थे, लोग नाच रहे थे और फूल बरसाए जा रहे थे। इसके बाद कार्यालय परिसर में नोटों की गड्डियों जैसा दिखने वाला केक काटकर जन्मदिन मनाया गया।
मामला सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर वीडियो तेजी से वायरल हुआ। वीडियो ने लोगों का ध्यान इसलिए खींचा क्योंकि आयोजन किसी निजी समारोह की तरह नहीं बल्कि सरकारी बिजली विभाग के कार्यालय परिसर में हुआ था। इसके बाद विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी इस पर नाराजगी जताई और संबंधित सहायक यंत्री को नोटिस जारी करने की बात कही।
हाथी पर बैठकर हुई ‘शाही’ एंट्री
वायरल वीडियो में सहायक यंत्री रविकांत मालवीय हाथी पर सवार होकर बिजली विभाग के कार्यालय की ओर आते नजर आ रहे हैं। हाथी के आगे ढोल-नगाड़े बज रहे थे और उनके साथ मौजूद लोग जश्न मनाते हुए दिखाई दे रहे थे।
कार्यालय पहुंचने के बाद उनका स्वागत फूलों के साथ किया गया। वीडियो में कार्यालय के बाहर कर्मचारियों और परिचितों के डांस करने के दृश्य भी दिखाई देते हैं।
इस पूरी एंट्री ने जन्मदिन के सामान्य कार्यक्रम को एक तरह के राजसी जुलूस का रूप दे दिया।
नोटों की गड्डियों जैसा बनाया गया केक
इस जन्मदिन समारोह की दूसरी सबसे ज्यादा चर्चा जिस बात को लेकर हुई, वह था केक।
रिपोर्ट के मुताबिक जन्मदिन के लिए ऐसा केक तैयार कराया गया था, जिस पर 500-500 रुपये के नोटों की गड्डियों जैसा डिजाइन बनाया गया था। अधिकारी ने इसी केक को काटकर जन्मदिन मनाया।
केक की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद मामला और ज्यादा चर्चा में आ गया।
हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि केक की डिजाइन का उद्देश्य क्या था, लेकिन सरकारी कार्यालय में इस तरह का प्रदर्शन होने के कारण लोगों ने इस पर सवाल जरूर उठाए।
रविवार को सरकारी कार्यालय क्यों खुला?
मामले का एक अहम पहलू यह भी है कि यह आयोजन रविवार को हुआ था।
आमतौर पर रविवार को सरकारी कार्यालय बंद रहते हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जन्मदिन समारोह के लिए कार्यालय परिसर का इस्तेमाल किस अनुमति के तहत किया गया और क्या संबंधित अधिकारियों से इसकी मंजूरी ली गई थी।
Aaj Tak की रिपोर्ट के अनुसार, विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी इसी पहलू को गंभीर माना है और मामले की जांच की बात कही है।
कार्यालय में कर्मचारी भी रहे मौजूद
जन्मदिन के इस आयोजन में सिर्फ अधिकारी के करीबी लोग ही नहीं, बल्कि विभाग से जुड़े कर्मचारी भी नजर आए।
वीडियो में कार्यालय परिसर में लोगों की मौजूदगी और जन्मदिन का जश्न दिखाई देता है। ढोल-नगाड़े बजाए गए और अधिकारी का फूलों से स्वागत किया गया।
इसके बाद कार्यालय के अंदर भी जन्मदिन मनाया गया और केक काटा गया।
वायरल वीडियो के बाद मचा हड़कंप
शुरुआत में यह समारोह स्थानीय स्तर पर हुआ, लेकिन जैसे ही इसका वीडियो सोशल मीडिया पर पहुंचा, मामला तेजी से वायरल होने लगा।
लोगों ने सरकारी कार्यालय में इस तरह के आयोजन को लेकर सवाल उठाए। मामला विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचा और इसके बाद कार्रवाई की बात सामने आई।
यही वजह है कि जन्मदिन का यह निजी कार्यक्रम अब विभागीय जांच का विषय बन गया है।
विभाग ने माना- ऐसा आयोजन उचित नहीं
मध्य प्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अधीक्षण यंत्री वीके मालवीय ने इस मामले पर प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने कहा कि विभाग में इस तरह से जन्मदिन मनाना गलत है। अधिकारी के खिलाफ नोटिस जारी किया गया है ताकि मामले में जवाब लिया जा सके और भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो।
Aaj Tak की रिपोर्ट के अनुसार अधीक्षण यंत्री विनोद कुमार मालवीय ने भी कहा कि इस तरह का कृत्य सरकारी कार्यालय की गरिमा और अनुशासन के विपरीत है।
अब नोटिस का जवाब देना होगा
विभाग की ओर से नोटिस जारी किए जाने के बाद अब सहायक यंत्री रविकांत मालवीय से इस पूरे आयोजन को लेकर जवाब मांगा जा सकता है।
जांच में यह देखा जा सकता है कि:
- कार्यालय रविवार को किस अनुमति से खोला गया?
- क्या जन्मदिन समारोह के लिए विभागीय परिसर का इस्तेमाल करने की अनुमति थी?
- आयोजन में कौन-कौन लोग मौजूद थे?
- क्या सरकारी संसाधनों का किसी तरह इस्तेमाल हुआ?
- कार्यालयीन अनुशासन का उल्लंघन हुआ या नहीं?
इन सवालों के जवाब जांच के बाद ही स्पष्ट होंगे।
सरकारी दफ्तर में निजी कार्यक्रम पर सवाल
सरकारी कार्यालय किसी अधिकारी या कर्मचारी की निजी संपत्ति नहीं होते। वहां आमतौर पर सरकारी कामकाज और जनता से जुड़े कार्य किए जाते हैं।
ऐसे में कार्यालय परिसर में किसी निजी समारोह को बड़े स्तर पर आयोजित करने के लिए अनुमति और नियमों का पालन जरूरी होता है।
इस मामले में विवाद सिर्फ जन्मदिन मनाने को लेकर नहीं है, बल्कि जन्मदिन मनाने के तरीके और सरकारी परिसर के इस्तेमाल को लेकर ज्यादा है।
‘शाही’ अंदाज ने बढ़ाई चर्चा
उज्जैन का यह मामला इसलिए भी लोगों का ध्यान खींच रहा है क्योंकि जन्मदिन मनाने का तरीका असामान्य था।
अगर सिर्फ कार्यालय में केक काटकर जन्मदिन मनाया जाता तो शायद मामला इतना चर्चा में नहीं आता। लेकिन हाथी की सवारी, ढोल-नगाड़े, फूलों की बारिश, डांस और नोटों की गड्डियों जैसी केक डिजाइन ने इसे सोशल मीडिया पर वायरल होने वाला मामला बना दिया।
इसी वजह से लोगों ने इसे ‘राजसी जन्मदिन’ का नाम देना शुरू कर दिया।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल
वीडियो में अधिकारी को हाथी पर बैठे हुए देखा जा सकता है। उनके आसपास लोग जश्न मनाते नजर आते हैं। कार्यालय पहुंचने के बाद स्वागत और केक काटने का दृश्य भी वीडियो में दिखाई देता है।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद लोगों के बीच इस बात की चर्चा शुरू हो गई कि आखिर सरकारी कार्यालय में इस तरह का कार्यक्रम कैसे आयोजित हुआ।
क्या जन्मदिन मनाना अपराध है?
सिर्फ सरकारी कार्यालय में जन्मदिन मनाना अपने आप में अपराध नहीं माना जा सकता। लेकिन इस मामले में सवाल आयोजन की परिस्थितियों को लेकर है।
रिपोर्टों के मुताबिक रविवार को कार्यालय खुलवाया गया, बड़ी संख्या में लोग वहां पहुंचे और परिसर में ढोल-नगाड़ों के साथ कार्यक्रम हुआ। इसलिए विभाग अब यह जांच कर रहा है कि क्या इससे कार्यालयीन अनुशासन और सरकारी संपत्ति के इस्तेमाल से जुड़े नियमों का उल्लंघन हुआ।
विभागीय जांच से सामने आएगी पूरी तस्वीर
अभी तक सामने आई जानकारी के आधार पर विभाग ने नोटिस जारी करने और जांच की बात कही है। इसलिए यह कहना जल्दबाजी होगी कि अधिकारी के खिलाफ अंतिम रूप से क्या कार्रवाई होगी।
जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कार्यक्रम के आयोजन में किसी नियम का उल्लंघन हुआ था या नहीं और यदि हुआ तो उसके लिए क्या कार्रवाई की जाएगी।
सरकारी कार्यालयों की गरिमा पर बहस
इस घटना ने एक बार फिर सरकारी कार्यालयों में अधिकारियों और कर्मचारियों के आचरण को लेकर बहस छेड़ दी है।
सरकारी कार्यालय आम जनता के लिए महत्वपूर्ण संस्थान होते हैं। यहां अधिकारी और कर्मचारी जनता की समस्याओं और सरकारी कामकाज से जुड़े मामलों पर काम करते हैं।
ऐसे में कार्यालय की गरिमा बनाए रखना प्रशासनिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।
उज्जैन से सामने आया अनोखा मामला
उज्जैन धार्मिक और ऐतिहासिक पहचान वाला शहर है, लेकिन इस बार शहर एक अलग वजह से चर्चा में है।
बिजली विभाग के सहायक यंत्री का हाथी पर सवार होकर कार्यालय पहुंचना और नोटों की गड्डियों जैसा केक काटना सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है।
घटना का वीडियो सामने आने के बाद विभाग ने भी इसे गंभीरता से लिया और संबंधित अधिकारी के खिलाफ नोटिस की प्रक्रिया शुरू की।
अब नजर विभागीय कार्रवाई पर
फिलहाल इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि विभागीय जांच के बाद क्या कार्रवाई होती है।
अगर जांच में कार्यालयीन नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो विभाग अधिकारी के खिलाफ आगे की कार्रवाई कर सकता है। वहीं यदि अनुमति और अन्य प्रक्रियाओं से जुड़े तथ्य सामने आते हैं तो मामले की तस्वीर अलग हो सकती है।
फिलहाल विभाग ने नोटिस जारी कर अपना रुख स्पष्ट कर दिया है कि सरकारी कार्यालय में इस तरह का आयोजन स्वीकार्य नहीं माना जा रहा।
निष्कर्ष
उज्जैन में बिजली विभाग के सहायक यंत्री रविकांत मालवीय का हाथी पर सवार होकर सरकारी कार्यालय पहुंचना, ढोल-नगाड़ों के बीच स्वागत और नोटों की गड्डियों जैसी डिजाइन वाला केक काटना अब चर्चा और जांच का विषय बन गया है।
24 अगस्त 2026 को सामने आई इस खबर ने सरकारी कार्यालय की गरिमा, कार्यालयीन अनुशासन और निजी आयोजनों के लिए सरकारी परिसर के इस्तेमाल पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। विभाग ने अधिकारी को नोटिस जारी करने और मामले की जांच की बात कही है। अब आगे की कार्रवाई जांच और अधिकारी के जवाब पर निर्भर करेगी।
