झारखंड में प्रदर्शनकारी छात्र सरकार से बातचीत को तैयार: कहा— मुख्यमंत्री मीडिया के सामने आकर करें सीधी बात; परीक्षा गड़बड़ी केस में अब तक 19 गिरफ्तार

रांची | 6 अगस्त, 2026

झारखंड की राजधानी रांची में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी और पेपर लीक के खिलाफ पिछले कई दिनों से आंदोलनरत छात्रों और अभ्यर्थियों का गुस्सा अब भी कम नहीं हुआ है। हालांकि, कड़े विरोध प्रदर्शन और क्रमिक अनशन के बीच छात्रों ने यह संकेत दिया है कि वे सरकार के साथ संवाद करने को तैयार हैं, बशर्ते मुख्यमंत्री खुद मीडिया के सामने आकर उनकी मांगों पर स्पष्ट बातचीत करें। दूसरी ओर, इस हाई-प्रोफाइल मामले में झारखंड पुलिस की सीआईडी (CID) लगातार कार्रवाई कर रही है और जांच का दायरा बढ़ाते हुए अब तक कुल 19 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

1. छात्रों की दो टूक: मुख्यमंत्री आएं सामने, बंद कमरों में नहीं होगी चर्चा

रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में लंबे समय से शांतिपूर्ण धरना और अनशन पर बैठे छात्र नेताओं और अभ्यर्थियों ने सरकार के प्रस्ताव पर अपनी प्रतिक्रिया दी है:

  • सीधी बातचीत की मांग: प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा छात्रों को बातचीत के लिए सीएम आवास भेजने के प्रस्ताव को ठुकराते हुए प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यदि सरकार वास्तव में गंभीर है, तो मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को सार्वजनिक रूप से मीडिया के सामने आकर उनकी समस्याओं का समाधान करना चाहिए।
  • मुख्य मांगें: छात्र जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी (JSSC) परीक्षाओं की पारदर्शी जांच, सीबीआई (CBI) से पूरे घोटाले की इंक्वायरी और tainted (संदिग्ध) एजेंसियों को ब्लैकलिस्ट कर परीक्षाओं को रद्द करने की अपनी जिद पर अड़े हुए हैं।

2. सीएम हेमंत सोरेन का बयान और सीआईडी की कार्रवाई तेज

बढ़ते राजनीतिक और छात्र दबाव के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्पष्ट किया है कि सरकार छात्रों की चिंताओं को लेकर पूरी तरह संवेदनशील है और बातचीत के दरवाजे हमेशा खुले हैं:

  • सीआईडी के शिकंजे में आरोपी: इस बीच, झारखंड पुलिस की सीआईडी टीम ने ताबड़तोड़ छापेमारी करते हुए हाल ही में 5 और लोगों को गिरफ्तार किया है, जिससे इस परीक्षा घोटाला मामले में कुल गिरफ्तारियों का आंकड़ा 19 तक पहुंच गया है।
  • विशेष जांच दल (SIT) डिजिटल रिकॉर्ड्स और ओएमआर शीट से जुड़े साक्ष्यों को खंगालने में जुटा हुआ है, लेकिन छात्र मौजूदा जांच एजेंसी की कार्यप्रणाली से पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं और केंद्रीय जांच की मांग पर डटे हुए हैं।

विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान छात्रों के इस उग्र रुख और प्रस्तावित विधानसभा घेराव कार्यक्रम को देखते हुए राज्य की सियासत गरमा गई है। सरकार और युवाओं के बीच चल रहे इस गतिरोध के जल्द ही किसी बड़े राजनीतिक मोड़ पर पहुंचने के आसार हैं।

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