बीजिंग | 3 अगस्त, 2026
दुनियाभर में अपनी सैन्य ताकत और अत्याधुनिक डिफेंस टेक्नोलॉजी का दम भरने वाली पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) यानी चीनी सेना इन दिनों अपनी ताकत से ज्यादा अपनी अंदरूनी खोखलेपन को लेकर चर्चा में है। हाल ही में अपनी स्थापना के 99 साल पूरे करने वाली चीनी सेना के भीतर भ्रष्टाचार का ऐसा सनसनीखेज सच सामने आया है, जिसने राष्ट्रपति शी जिनपिंग की नींद उड़ा दी है। अमेरिकी खुफिया एजेंसियों (US Intelligence) की रिपोर्ट्स और दुनिया भर के रक्षा विशेषज्ञों के खुलासों ने यह साबित कर दिया है कि चीन की कागजी सैन्य ताकत के पीछे भ्रष्टाचार और घटिया निर्माण का अंबार लगा हुआ है।
Wikipedia+ 2
आइए जानते हैं कि 99 साल की हो चुकी चाइनीज आर्मी के भीतर आखिर क्या चल रहा है, मिसाइलों में पानी भरने का सच क्या है और क्यों इसे ‘वॉर-अनटेस्टेड’ (युद्ध का अनुभवहीन) सेना माना जाता है।
YouTube
1. सबसे बड़ा खुलासा: मिसाइलों में ईंधन की जगह भरा था ‘पानी’
कुछ समय पहले अमेरिकी खुफिया रिपोर्टों के हवाले से ब्लूमबर्ग और अन्य अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने एक ऐसा खुलासा किया था, जिसने पूरी दुनिया को चौंका दिया था।
- भ्रष्टाचार की हदें पार: रिपोर्ट के अनुसार, चीनी सेना (विशेषकर ‘रॉकेट फोर्स’) के भीतर भ्रष्टाचार इस हद तक व्याप्त था कि मिसाइलों के फ्यूल टैंक में रॉकेट ईंधन (Rocket Propellant) की बजाय पानी भरा हुआ पाया गया।
- साइलो (Silo) के ढक्कन खराब: पश्चिमी चीन के शिनजियांग (Xinjiang) रेगिस्तानों में बनाए गए विशाल न्यूक्लियर मिसाइल साइलो के ढक्कन (Lids) इस तरह डिजाइन और निर्मित किए गए थे कि वे ठीक से खुल ही नहीं सकते थे। ऐसे में युद्ध की स्थिति में उन मिसाइलों को लॉन्च करना असंभव साबित होता। Asia Times
- शी जिनपिंग का बड़ा एक्शन: इस खुलासे के बाद राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने सेना के भीतर अब तक की सबसे बड़ी ‘शुद्धिकरण कार्रवाई’ (Military Purge) की। रक्षा मंत्रियों से लेकर रॉकेट फोर्स के कई शीर्ष कमांडरों को या तो बर्खास्त कर दिया गया या वे रहस्यमय तरीके से गायब हो गए। YouTube
2. ‘वॉर-अनटेस्टेड’ आर्मी: पिछले कई दशकों से कोई युद्ध नहीं लड़ा
चीन अपनी डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग और हथियारों की लंबी फेहरिस्त पर गर्व करता है, लेकिन सैन्य विशेषज्ञों का मानना है कि चीनी सेना की सबसे बड़ी कमजोरी यह है कि वह ‘वॉर-अनटेस्टेड’ (Combat-Untested) है।
Wikipedia
- तजुर्बे की कमी: पीपुल्स लिबरेशन आर्मी ने पिछले कई दशकों (1979 के वियतनाम युद्ध के बाद से) में कोई भी बड़ा प्रत्यक्ष युद्ध या आधुनिक सैन्य संघर्ष नहीं लड़ा है। Asia Times
- कमांडर बिना अनुभव के: चीनी सेना के अधिकांश जनरलों और सैनिकों के पास युद्ध के मैदान का वास्तविक अनुभव नहीं है। इसके विपरीत, अमेरिका और अन्य पश्चिमी देशों की सेनाएं लगातार अलग-अलग मोर्चों पर व्यावहारिक युद्ध का अनुभव रखती हैं। कागजी अभ्यास और आर्टिफिशियल सिमुलेशन युद्ध के मैदान की असल गोलीबारी और तनाव का मुकाबला नहीं कर सकते।
3. चीनी रक्षा तंत्र में दीमक की तरह लगा भ्रष्टाचार Internationale Politik Quarterly
चीन ने पिछले एक-दो दशकों में अपने रक्षा बजट में बेतहाशा वृद्धि की है और दुनिया का सबसे बड़ा नेवी बेड़ा तैयार किया है। लेकिन इस अंधाधुंध फंडिंग ने सेना के भीतर घूसखोरी और टेंडर घोटालों को जन्म दिया:
Internationale Politik Quarterly
- रिश्वत देकर प्रमोशन: चीनी सेना में उच्च पदों पर पोस्टिंग और प्रमोशन के लिए बोली लगने के खुलासे हुए हैं। जो अधिकारी वफादारी या योग्यता के बजाय पैसों के दम पर पदों पर पहुंचे, उन्होंने हथियारों की गुणवत्ता से समझौता किया। Wikipedia+ 1
- घटिया पार्ट्स का इस्तेमाल: रक्षा उपकरणों के निर्माण में मिलने वाले ठेकों में बड़े पैमाने पर कमीशनखोरी हुई, जिसके कारण कई हथियार और उपकरण मानक स्तर (Standard Quality) के नहीं बन पाए।
निष्कर्ष: कागजी शेर साबित हो सकती है PLA?
चीन अपनी आर्थिक और तकनीकी प्रगति के बल पर खुद को ग्लोबल सुपरपॉवर के रूप में पेश करता है, और उसकी सेना अपने 99वें साल में प्रवेश कर चुकी है। हालांकि, मिसाइल कांड, घटिया निर्माण और युद्ध के व्यावहारिक अनुभव की कमी जैसे गंभीर मुद्दों ने यह साबित कर दिया है कि चीन की सैन्य ताकत जितनी बाहर से चमकदार दिखती है, अंदर से वह उतनी ही अधिक विसंगतियों और भ्रष्टाचार से घिरी हुई है। ताइवान या किसी बड़े मोर्चे पर उतरने से पहले ड्रैगन के लिए इन अंदरूनी कमियों को दूर करना सबसे बड़ी चुनौती बन गया है।
Wikipedia
