दिनांक: 24 जून, 2026
खेल डेस्क, साउथेम्प्टन (इंग्लैंड):
आईसीसी (ICC) विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप-2 में लगातार दो करारी हार (पहले न्यूजीलैंड और फिर दक्षिण अफ्रीका) के बाद भारतीय महिला क्रिकेट टीम के सेमीफाइनल में पहुँचने के समीकरण बेहद पेचीदा और मुश्किल हो चुके हैं। कप्तान हरमनप्रीत कौर के ऐतिहासिक 200वें अंतरराष्ट्रीय मैच में दक्षिण अफ्रीका के हाथों मिली शिकस्त ने भारत की उम्मीदों को करारा झटका दिया है।
अब अगर भारतीय टीम को नॉकआउट (सेमीफाइनल) चरण में जगह बनानी है, तो उसे ग्रुप स्टेज के अपने बचे हुए दोनों मुकाबलों में चमत्कारी प्रदर्शन करना होगा। इस बीच, टूर्नामेंट की अंक तालिका (Points Table) की स्थिति साफ होने के साथ ही चार टीमें आधिकारिक तौर पर सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हो चुकी हैं।
सेमीफाइनल का गणित: भारत के लिए ‘करो या मरो’ की स्थिति
ग्रुप-2 में दक्षिण अफ्रीका और न्यूजीलैंड की टीमें मजबूत स्थिति में पहुंच चुकी हैं। भारत के लिए अब आगे की राह किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं है:
- जीतना अनिवार्य: भारत को अपने आगामी दोनों ग्रुप मैचों में बांग्लादेश और विश्व चैंपियन ऑस्ट्रेलिया को हर हाल में हराना होगा।
- नेट रन रेट (NRR) का पेंच: केवल जीत ही काफी नहीं होगी; न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ करारी हार के कारण भारत का नेट रन रेट काफी नीचे गिर चुका है। इसलिए भारत को बांग्लादेश के खिलाफ बड़े अंतर से जीत दर्ज करनी होगी ताकि रन रेट में सुधार हो सके।
- दूसरों पर निर्भरता: भारत को यह दुआ भी करनी होगी कि दक्षिण अफ्रीका या न्यूजीलैंड में से कोई अपनी लय खोए और अपने आगामी मैच बड़े अंतर से हारे।
विश्व कप का रोमांच बढ़ा, 4 टीमें टूर्नामेंट से हुईं बाहर
टूर्नामेंट के दूसरे सप्ताह के समापन के साथ ही दोनों ग्रुपों से दो-दो (कुल चार) टीमें आधिकारिक तौर पर सेमीफाइनल की रेस से बाहर हो चुकी हैं।
- ग्रुप-1 से विदाई: ग्रुप-1 से लगातार तीन मैच हारने के बाद स्कॉटलैंड और श्रीलंका की विमेंस टीमें टूर्नामेंट से बाहर होने वाली शुरुआती टीमें बनीं।
- ग्रुप-2 से बाहर: भारत के ही ग्रुप-2 से पाकिस्तान और आयरलैंड की टीमें लगातार लचर प्रदर्शन के बाद नॉकआउट की होड़ से पूरी तरह बाहर हो चुकी हैं।
इन चार टीमों के बाहर होने के बाद अब सेमीफाइनल के 4 स्थानों के लिए ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, दक्षिण अफ्रीका, न्यूजीलैंड, भारत और वेस्टइंडीज के बीच कांटे की टक्कर है।
बल्लेबाजी और फील्डिंग में सुधार की सख्त जरूरत
कल साउथेम्प्टन में खेले गए मैच के बाद भारतीय टीम के थिंक-टैंक और मुख्य कोच ने स्वीकार किया कि टीम उम्मीदों के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पा रही है। स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा की सलामी जोड़ी पावरप्ले का फायदा उठाने में नाकाम रही है, वहीं मध्यक्रम में जेमिमा रोड्रिग्स और ऋचा घोष बड़े शॉट्स खेलने के चक्कर में जल्दी विकेट गंवा रही हैं। इसके अलावा पिछले मैच में छूटे महत्वपूर्ण कैच भी भारत की हार का बड़ा कारण बने।
कप्तान हरमनप्रीत कौर ने बांग्लादेश के खिलाफ होने वाले अगले मुकाबले से पहले कहा, “हम जानते हैं कि परिस्थितियां हमारे पक्ष में नहीं हैं, लेकिन हमारे पास खोने के लिए कुछ नहीं है। हम बांग्लादेश और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपना स्वाभाविक और आक्रामक क्रिकेट खेलेंगे। टीम के सभी खिलाड़ी वापसी के लिए बेताब हैं।”
