पुणे में ‘सोनम रघुवंशी’ जैसा खौफनाक कांड: मंगेतर को लोहगढ़ किले की 400 फीट गहरी खाई में धकेला; बिजनेसमैन की बेटी ने प्रेमी संग मिलकर रची थी हत्या की साजिश

स्थान: पुणे (लोनावला)

दिनांक: 24 जून, 2026

विशेष संवाददाता, पुणे:

महाराष्ट्र के पुणे से एक ऐसा सनसनखेज हत्याकांड सामने आया है जिसने कुछ समय पहले देश को झकझोर देने वाले ‘सोनम रघुवंशी केस’ की खौफनाक यादें ताजा कर दी हैं। यहां एक रसूखदार बिजनेसमैन की बेटी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर अपने होने वाले पति (मंगेतर) की लोहगढ़ किले की 400 फीट गहरी खाई में धकेलकर बेरहमी से हत्या कर दी। मृतक की पहचान रियल एस्टेट फर्म के डायरेक्टर और युवा बिजनेसमैन केतन विशाल अग्रवाल के रूप में हुई है।

आरोपी मंगेतर सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी ने इस सोची-समझी हत्या को ‘ट्रेकिंग के दौरान पैर फिसलने का हादसा’ साबित करने की पूरी कोशिश की थी। लेकिन केतन के परिवार के संदेह और पुलिस की कड़ी तकनीकी जांच ने इस अंधे कत्ल की परतों को खोल दिया, जिसके बाद लोनावला ग्रामीण पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

बर्थडे ट्रेक के बहाने जाल में फंसाया, नवंबर में होनी थी आलीशान शादी

पुलिस जांच के अनुसार, केतन और सिया की सगाई हो चुकी थी और आगामी नवंबर में एक महल में बेहद आलीशान तरीके से उनकी शादी होनी थी। हालांकि, सिया इस शादी से खुश नहीं थी क्योंकि वह कोंढवा (पुणे) के रहने वाले चेतन चौधरी से प्यार करती थी। केतन को अपने रास्ते से हटाने के लिए दोनों ने मिलकर खौफनाक साजिश रची।

  • साजिश के तहत बदला प्लान: दोनों पहले प्री-वेडिंग फोटोशूट के लिए बाली (इंडोनेशिया) जाने वाले थे, लेकिन सिया ने केतन का पासपोर्ट जानबूझकर छिपा दिया ताकि ट्रिप कैंसिल हो जाए।
  • किले पर ले गई मंगेतर: इसके बाद, 18 जून की सुबह सिया अपने ‘प्री-बर्थडे’ सेलिब्रेशन और फोटोशूट के बहाने केतन को लोनावला के पास स्थित ऐतिहासिक लोहगढ़ किले पर ले गई। वहां प्लानिंग के मुताबिक उसका प्रेमी चेतन चौधरी भी गुपचुप तरीके से पहुंच गया।
  • 400 फीट नीचे धकेला: किले के एक सुनसान और ऊंचे पॉइंट पर जब केतन फोटो खिंचवाने या नजारा देखने में व्यस्त था, तभी सिया और चेतन ने मिलकर उसे पीछे से जोरदार धक्का दे दिया। केतन 400 फीट गहरी खाई में जा गिरा और गंभीर चोटों के कारण मौके पर ही उसकी मौत हो गई।

रोने का नाटक और ‘हादसे’ की झूठी कहानी; ऐसे खुली पोल

वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी सिया ने पुलिस और स्थानीय लोगों को बताया कि तेज हवाओं के कारण केतन का संतुलन बिगड़ गया और पैर फिसलने से वह खाई में गिर गए। शुरुआती तौर पर पुलिस ने इसे एक दुखद हादसा मानते हुए आकस्मिक मौत (ADR) का मामला दर्ज किया था।

पिता के शक ने पलटा केस:

केतन का शव मिलने के बाद जब अंतिम संस्कार की प्रक्रिया चल रही थी, तब केतन के पिता विशाल अग्रवाल ने नोटिस किया कि सिया के चेहरे पर कोई गम या दुख के भाव नहीं थे, बल्कि उसका व्यवहार बेहद सामान्य और अजीब था। केतन के परिवार ने पुलिस में संदेह जताया, जिसके बाद पुणे क्राइम ब्रांच और ग्रामीण पुलिस ने गहराई से तफ्तीश शुरू की।

जब पुलिस ने सिया और चेतन के मोबाइल फोन के कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स (CDR) और सोशल मीडिया चैट्स खंगाले, तो चौंकाने वाले खुलासे हुए। दोनों के बीच केतन को रास्ते से हटाने की पूरी प्लानिंग की कड़ियां मिल गईं। पुलिस के कड़े रुख के आगे दोनों टूट गए और उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया।

14 जून को भी की थी नाकाम कोशिश

पुणे ग्रामीण पुलिस के एसपी संदीप सिंह गिल के मुताबिक, आरोपियों ने केतन को मारने की पहली योजना 14 जून को बनाई थी, जिसमें वे केतन के मन में सांप का डर पैदा कर उसे खाई के पास ले जाना चाहते थे, लेकिन वह प्लान फेल हो गया था। फिलहाल, कोर्ट ने दोनों आरोपियों को पुलिस रिमांड पर भेज दिया है और पुलिस इस हाई-प्रोफाइल मर्डर केस में और सबूत जुटाने में लगी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *