दिनांक: 15 जून, 2026
ब्रातिस्लावा (स्लोवाकिया): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने पांच दिवसीय यूरोप दौरे के दूसरे चरण में रविवार शाम स्लोवाकिया की राजधानी ब्रातिस्लावा पहुंचे। साल 1993 में चेकोस्लोवाकिया के शांतिपूर्ण विभाजन के बाद एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में उभरे स्लोवाकिया के 33 साल के इतिहास में यह किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली ऐतिहासिक यात्रा (Maiden Visit) है।
‘ब्रेड और नमक’ से स्वागत: स्लोवाकियाई परंपरा का अद्भुत नजारा
हवाई अड्डे पर उतरते ही प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत स्लोवाकिया के विदेश और यूरोपीय मामलों के मंत्री जुराज ब्लानार ने किया। इस दौरान उन्हें स्लोवाकिया की सदियों पुरानी और प्रतिष्ठित परंपरा के अनुसार ‘ब्रेड और नमक’ (Bread and Salt) भेंट कर सम्मानित किया गया।
परंपरा का महत्व: स्लोवाकियाई संस्कृति में विशिष्ट और सम्मानित मेहमानों का स्वागत ब्रेड और नमक से करने का रिवाज है। यहाँ ‘ब्रेड’ समृद्धि और जीवन का प्रतीक है, जबकि ‘नमक’ स्थाई दोस्ती, सुरक्षा और मूल्यवान रिश्ते को दर्शाता है। पीएम मोदी ने इस पर आभार व्यक्त करते हुए सोशल मीडिया पर लिखा—“ब्रातिस्लावा में पारंपरिक ब्रेड और नमक का यह अर्पण स्लोवाकिया की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और उनकी मित्रता की भावना का एक सुंदर प्रतिबिंब है।”
वंदे मातरम की गूंज और लोक नृत्य
प्रधानमंत्री के स्वागत के लिए होटल परिसर में भी भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए थे।
- विदेशी कलाकारों द्वारा वंदे मातरम: स्लोवाकिया के प्रसिद्ध ‘लूकनिका एन्सेम्बल’ (Lucnica Ensemble) के कलाकारों ने प्रधानमंत्री के सम्मान में भारत का राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ गाया।
- सांस्कृतिक प्रस्तुतियां: इसके अलावा, ‘महादेवा कीर्तन प्रोजेक्ट’ द्वारा आध्यात्मिक संगीत और माईजावा (Myjava) क्षेत्र के बच्चों के समूह ‘कोपानिसियारिक’ (Kopaniciarik) द्वारा पारंपरिक स्लोवाकियाई लोक नृत्य पेश किया गया, जिसकी प्रधानमंत्री ने जमकर सराहना की। इस दौरान वहां मौजूद प्रवासी भारतीयों ने ‘मोदी-मोदी’ और ‘भारत माता की जय’ के नारे भी लगाए।
आज राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से द्विपक्षीय वार्ता
तीन दिवसीय आधिकारिक दौरे के मुख्य रणनीतिक कार्य आज (15 जून) से शुरू होंगे। प्रधानमंत्री मोदी आज स्लोवाकिया के ऐतिहासिक महल (Bratislava Castle) में औपचारिक स्वागत समारोह के बाद वहां के प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको (Robert Fico) के साथ वन-टू-वन और प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता करेंगे। इसके बाद वे राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी (Peter Pellegrini) से भी मुलाकात करेंगे।
किन सेक्टर्स पर रहेगा भारत का फोकस?
मध्य यूरोप का यह लैंडलॉक्ड (भूमि से घिरा) देश भारत की रक्षा और औद्योगिक रणनीति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है:
- डिफेंस सेक्टर (रक्षा साझेदारी): स्लोवाकिया पारंपरिक रूप से सैन्य हार्डवेयर और उन्नत रक्षा तकनीकों का सप्लायर रहा है। इस दौरे में दोनों देशों के बीच रक्षा उत्पादन को लेकर बड़े समझौते होने की उम्मीद है।
- बिजनेस और ऑटोमोबाइल: स्लोवाकिया में रेलवे और ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरिंग हब मौजूद हैं। भारतीय कंपनियां वहां बड़ा निवेश करने की तैयारी में हैं।
- एआई और इमर्जिंग टेक्नोलॉजी: प्रधानमंत्री मोदी दोनों देशों के बिजनेस लीडर्स के साथ एक विशेष बैठक में भी शामिल होंगे, जहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), सेमीकंडक्टर और क्लीन एनर्जी पर रणनीतिक रोडमैप तैयार किया जाएगा।
स्लोवाकिया के बाद, पीएम मोदी 16 जून को वापस फ्रांस लौटेंगे, जहां वे फ्रांस के एवियन शहर में आयोजित होने वाले शक्तिशाली देशों के G7 शिखर सम्मेलन में विशेष अतिथि के रूप में हिस्सा लेंगे।
