इतिहास के पन्नों में दर्ज हुआ आज का दिन: पीएम मोदी बने देश के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले ‘निर्वाचित’ प्रधानमंत्री

दिनांक: 10 जून, 2026

भारतीय राजनीति के इतिहास में आज, 10 जून 2026, का दिन एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगातार 4,399 दिनों तक पद पर बने रहकर देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया है। पंडित नेहरू ने 1952 के पहले आम चुनाव के बाद से अपने निधन तक कुल 4,398 दिन लगातार सेवा की थी।

क्या है यह ऐतिहासिक रिकॉर्ड?

यह रिकॉर्ड ‘लगातार सेवा’ (Unbroken Stint) के आधार पर है। प्रधानमंत्री मोदी ने 26 मई 2014 को पहली बार शपथ ली थी और तब से वे बिना किसी अंतराल के इस पद पर बने हुए हैं। 2019 और 2024 के आम चुनावों में मिली जीत के बाद यह कार्यकाल और अधिक सुदृढ़ हुआ है।

पीएम मोदी के 12 वर्षों के ’12 विकास अध्याय’

इस ऐतिहासिक उपलब्धि के अवसर पर प्रधानमंत्री के 12 वर्षों के कार्यकाल को विकास के 12 मुख्य स्तंभों के रूप में देखा जा रहा है। समर्थकों और सरकार की ओर से इन 12 वर्षों की यात्रा को ‘बदलाव के 12 अध्याय’ कहा जा रहा है:

  1. वित्तीय समावेश (जन-धन): 58 करोड़ से अधिक बैंक खातों के साथ आम आदमी को बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ना।
  2. स्वच्छता का संकल्प: ‘स्वच्छ भारत मिशन’ के तहत 12 करोड़ से अधिक शौचालयों का निर्माण।
  3. स्वास्थ्य सुरक्षा (आयुष्मान भारत): करोड़ों गरीब परिवारों को ₹5 लाख तक का सालाना स्वास्थ्य बीमा कवर।
  4. डिजिटल क्रांति: यूपीआई और डिजिटल गवर्नेंस के माध्यम से भ्रष्टाचार पर प्रहार और पारदर्शी सेवा वितरण।
  5. ढांचागत विकास (Infrastructure): रिकॉर्ड गति से सड़कों, हाईवे, एक्सप्रेस-वे और एयरपोर्ट्स का जाल बिछाना।
  6. ऊर्जा सुरक्षा (उज्ज्वला): 10 करोड़ से अधिक परिवारों को मुफ्त गैस कनेक्शन देकर धुएं से मुक्ति।
  7. आर्थिक सुधार: ‘जीएसटी’ (GST) लागू कर ‘एक राष्ट्र, एक कर’ के सपने को साकार करना।
  8. ऐतिहासिक निर्णय: अनुच्छेद 370 का खात्मा और राम मंदिर निर्माण जैसे प्रतीकात्मक और कानूनी मील के पत्थर।
  9. सामाजिक सुधार: ‘तीन तलाक’ प्रथा का खात्मा कर महिलाओं के अधिकारों को सुदृढ़ करना।
  10. वैश्विक प्रभाव: ग्लोबल साउथ (Global South) की आवाज बनकर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की साख बढ़ाना।
  11. आत्मनिर्भर भारत: मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए पीएलआई (PLI) स्कीम और निर्यात में ऐतिहासिक वृद्धि।
  12. रोजगार और कौशल: युवाओं के लिए स्किल इंडिया और रोजगार सृजन की दिशा में बड़े स्तर पर निवेश।

दो युगों का तुलनात्मक विश्लेषण

राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि नेहरू और मोदी का कार्यकाल दो अलग-अलग युगों का प्रतिनिधित्व करता है। जहाँ नेहरू का दौर स्वतंत्रता के बाद लोकतंत्र की नींव रखने और संस्थानों के निर्माण का था, वहीं मोदी का कार्यकाल वैश्विक प्रतिस्पर्धा, डिजिटल युग और सामाजिक-आर्थिक सुधारों के ‘न्यू इंडिया’ का निर्माण करने वाला माना जा रहा है।

प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर राष्ट्र के नाम संदेश में कहा, “यह देश के 140 करोड़ नागरिकों का विश्वास है, जिसने मुझे सेवा का यह अवसर दिया है। हम इसी गति और संकल्प के साथ विकसित भारत के लक्ष्य की ओर बढ़ना जारी रखेंगे।”

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