09 जून 2026
हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व माना जाता है। अधिक मास (मलमास) में आने वाली परमा एकादशी अत्यंत पुण्यदायी मानी जाती है। इस वर्ष श्रद्धालुओं के बीच यह भ्रम बना हुआ है कि परमा एकादशी का व्रत 10 जून को रखा जाएगा या 11 जून को। पंचांग के अनुसार उदया तिथि के आधार पर परमा एकादशी का व्रत 11 जून 2026, गुरुवार को रखा जाएगा।
परमा एकादशी 2026 की तिथि
- परमा एकादशी व्रत: 11 जून 2026, गुरुवार
- एकादशी तिथि प्रारंभ: 11 जून 2026, रात्रि 12:57 बजे
- एकादशी तिथि समाप्त: 11 जून 2026, रात्रि 10:36 बजे
- पारण (व्रत खोलने) का समय: 12 जून 2026, प्रातः 05:23 बजे से 08:10 बजे तक
क्यों खास है परमा एकादशी?
परमा एकादशी अधिक मास के कृष्ण पक्ष में आती है और लगभग तीन वर्ष में एक बार पड़ती है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु की विधिपूर्वक पूजा और व्रत करने से व्यक्ति के पापों का नाश होता है तथा मोक्ष की प्राप्ति होती है। इसे अत्यंत फलदायी एकादशियों में गिना जाता है।
पूजा विधि
- ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें।
- भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करें।
- भगवान को पीले पुष्प, तुलसी दल, धूप, दीप और नैवेद्य अर्पित करें।
- “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करें।
- विष्णु सहस्रनाम और एकादशी व्रत कथा का पाठ करें।
- दिनभर सात्विकता का पालन करें और रात्रि जागरण का भी विशेष महत्व माना जाता है।
परमा एकादशी का महत्व
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इस व्रत को करने से आर्थिक संकट दूर होते हैं, सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है और भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है। अधिक मास में आने के कारण इस एकादशी का महत्व सामान्य एकादशियों से भी अधिक माना गया है।
निष्कर्ष
यदि आप परमा एकादशी का व्रत रखने जा रहे हैं, तो 11 जून 2026 (गुरुवार) को व्रत रखें। 10 जून को व्रत नहीं है, क्योंकि एकादशी तिथि 11 जून की उदया तिथि में पड़ रही है। व्रत का पारण 12 जून की सुबह शुभ मुहूर्त में किया जाएगा।
