खाड़ी क्षेत्र में तनाव चरम पर: ईरान के ‘कायराना’ हमलों से भड़के पड़ोसी देश, ट्रम्प ने कहा- ‘हमला मेरा फैसला’

दिनांक: 4 जून, 2026

कुवैत सिटी/वाशिंगटन: पश्चिम एशिया में ईरान द्वारा किए गए मिसाइल और ड्रोन हमलों ने क्षेत्रीय शांति को बड़े संकट में डाल दिया है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) द्वारा कुवैत और बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने के बाद खाड़ी देशों ने इस “कायराना आक्रामकता” की कड़ी निंदा की है।

ईरान के हमले और पड़ोसी देशों का आक्रोश

ईरान ने दावा किया है कि ये हमले अमेरिका द्वारा उसके ‘केशम द्वीप’ और एक तेल टैंकर पर की गई बमबारी का “जवाबी हमला” थे। हालांकि, इन हमलों के दौरान कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टर्मिनल पर भी मिसाइल गिरी, जिसमें कम से कम एक व्यक्ति की मौत हो गई और दर्जनों लोग घायल हो गए।

कुवैत और बहरीन ने ईरान के इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है कि उनकी धरती का इस्तेमाल अमेरिका ने ईरान के खिलाफ किया था। कुवैत के उप विदेश मंत्री ने इन दावों को “आधारहीन और सबूतों से परे” बताते हुए कहा कि ऐसी आक्रामकता से पूरे क्षेत्र का तनाव बढ़ गया है और यह पड़ोसी देशों की संप्रभुता पर हमला है। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने भी सभी खाड़ी देशों से इस संकट के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान किया है।

ट्रम्प की दो टूक: ‘यह मेरा फैसला था’

व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने स्पष्ट किया कि ईरान के खिलाफ हालिया हमले उनकी रणनीति का हिस्सा हैं। जब उनसे ईरान के हमलों के बाद संघर्ष विराम (ceasefire) की स्थिति पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा, “हम उन्हें (ईरान को) पहले ही काफी जोरदार जवाब दे चुके हैं, और हमने इस स्थिति को तुरंत नियंत्रित भी कर लिया है”।

ट्रम्प ने इन हमलों को सैन्य दृष्टिकोण से अधिक तवज्जो न देते हुए कहा कि अमेरिका जमीन पर युद्ध (boots on the ground) नहीं चाहता, लेकिन ईरान को यह समझना होगा कि उकसावे की हर कार्रवाई का जवाब दिया जाएगा। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि ईरान के सर्वोच्च नेता के साथ शांति वार्ता अभी भी जारी है और इस सप्ताहांत तक कोई ठोस नतीजा निकल सकता है।

अमेरिकी सेना ने दावों की हवा निकाली

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरान के इन दावों का खंडन किया है कि उसने अमेरिकी ठिकानों को बड़ी क्षति पहुंचाई है। अमेरिकी रक्षा अधिकारियों के अनुसार, ईरान द्वारा दागी गई अधिकांश मिसाइलों और ड्रोनों को हवा में ही मार गिराया गया। पेंटागन ने इसे “असफल प्रयास” करार देते हुए कहा कि अमेरिकी बल पूरी तरह सतर्क हैं और खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं।

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