12 मई 2026
मैसूरु (कर्नाटक): कर्नाटक के मैसूरु शहर में सड़क विस्तार और फ्लाईओवर परियोजनाओं के लिए 561 पेड़ों को हटाने के प्रस्ताव के खिलाफ बड़ा जनआंदोलन शुरू हो गया है। Environmental activists, local citizens और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने बड़े स्तर पर विरोध दर्ज कराया है और शहर की हरित पहचान को बचाने की मांग उठाई है।
किन परियोजनाओं के लिए हटाए जाएंगे पेड़?
जानकारी के अनुसार National Highways Authority of India (NHAI) द्वारा कई road expansion और flyover projects प्रस्तावित किए गए हैं, जिनके लिए बड़ी संख्या में mature trees हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
पेड़ों की कटाई का प्रस्ताव जिन प्रमुख क्षेत्रों में है:
- Bengaluru–Mysuru Highway (NH-275)
- Nanjangud Road stretch
- Kerala border–Kollegal corridor
- Bannimantap area
- Hunsur Road
- M.C. Hundi Road
- Varuna Circle area
561 पेड़ों को हटाने का प्रस्ताव
प्रस्तावित सूची के अनुसार कुल:
561 पेड़ों को हटाने की योजना
बनाई गई है।
इनमें कई पुराने और बड़े पेड़ शामिल हैं जो वर्षों से शहर की पर्यावरणीय पहचान का हिस्सा माने जाते रहे हैं।
कौन-कौन सी प्रजातियां प्रभावित होंगी?
Reports के अनुसार लगभग 22 अलग-अलग species के पेड़ प्रभावित हो सकते हैं।
मुख्य प्रजातियां:
- Neem
- Teak
- Mahogany
- Rain Trees
- Sandalwood
Environmental groups का कहना है कि इन mature trees को हटाने से urban biodiversity पर गंभीर असर पड़ सकता है।
ऑनलाइन अभियान में हजारों लोग जुड़े
पेड़ों को बचाने के लिए online campaigns और public petitions तेजी से चल रही हैं।
जानकारी के अनुसार:
- करीब 25,000 लोगों ने online petition का समर्थन किया
- नागरिक समूहों और environmental activists ने सामूहिक अभियान शुरू किया
- सोशल मीडिया पर भी tree conservation को लेकर लगातार जागरूकता अभियान चल रहे हैं
Forest Department ने मांगी आपत्तियां
Karnataka Forest Department ने मामले में:
- Public notice जारी किया
- नागरिकों से objections और suggestions मांगे
- Karnataka Tree Preservation Act, 1976 के तहत प्रक्रिया शुरू की
प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगें
Environmental activists और नागरिकों का कहना है कि:
- Development projects जरूरी हैं लेकिन mass tree cutting नहीं होनी चाहिए
- Alternative engineering solutions अपनाए जाएं
- Trees को translocate (स्थानांतरित) करने के विकल्प तलाशे जाएं
- Mysuru की “Green City” पहचान को संरक्षित रखा जाए
Forest Minister ने किया निरीक्षण
कर्नाटक के Forest Minister Eshwar Khandre ने भी इस मामले का संज्ञान लिया है।
उन्होंने:
- Site inspection किया
- अधिकारियों को tree translocation options explore करने के निर्देश दिए
- Detailed fresh report submit करने को कहा
Environmental Impact को लेकर चिंता
Environmental experts के अनुसार mature trees हटने से:
- शहर में heat levels बढ़ सकते हैं
- Pollution और dust exposure बढ़ सकता है
- Shade cover कम हो सकता है
- Urban wildlife और biodiversity प्रभावित हो सकती है
Activists का कहना है कि Mysuru लंबे समय से एक “green heritage city” के रूप में जाना जाता रहा है और बड़े स्तर पर tree removal से शहर का ecological balance प्रभावित हो सकता है।
Development और Environment के बीच संतुलन की मांग
इस पूरे मामले में development projects और environmental conservation के बीच संतुलन बनाए रखने की मांग की जा रही है।
Experts का कहना है कि sustainable urban planning के जरिए infrastructure development और tree conservation दोनों को साथ लेकर चलना जरूरी है।
निष्कर्ष
12 मई 2026 को सामने आए इस मुद्दे ने Mysuru में urban development projects और environmental protection को लेकर बड़ी बहस खड़ी कर दी है। 561 पेड़ों को हटाने के प्रस्ताव के खिलाफ नागरिकों, environmental groups और social activists ने व्यापक अभियान शुरू किया है, जबकि राज्य सरकार और forest department पूरे मामले की समीक्षा कर रहे हैं।
