24 मार्च 2026
देश के कई हिस्सों में बेमौसम बारिश, आंधी और ओलावृष्टि ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। 19 से 24 मार्च के बीच सक्रिय हुए एक मजबूत वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के कारण राजस्थान सहित उत्तर भारत के कई राज्यों में रबी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है।
राजस्थान में सबसे ज्यादा असर
राजस्थान के कई जिलों में इस मौसम का सबसे गंभीर असर देखने को मिला है। प्रभावित जिलों में शामिल हैं:
- अजमेर
- जोधपुर
- बीकानेर
- जैसलमेर
- बाड़मेर
- अलवर
कई क्षेत्रों में इसबगोल (इसबगोल हस्क) की 70–80% तक फसल बर्बाद हो गई है, जबकि जीरे की फसल में करीब 40% तक नुकसान की रिपोर्ट सामने आई है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने तुरंत गिरदावरी (फसल नुकसान का सर्वे) के आदेश दिए हैं।
कटाई के समय आई आफत
यह बेमौसम बारिश ऐसे समय पर हुई जब फसलें कटाई के लिए तैयार थीं या खेतों में सुखाने के लिए रखी गई थीं।
- खड़ी फसलें तेज हवा और बारिश से गिर गईं
- कटी हुई फसलें भीगकर खराब हो गईं
- किसानों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है
फसलों की गुणवत्ता पर असर
विशेषज्ञों के अनुसार, बारिश और नमी के कारण फसलों की गुणवत्ता भी प्रभावित हुई है।
- जीरे की फसल काली पड़ गई, जिससे उसका बाजार मूल्य गिर गया
- गेहूं के दानों में नमी बढ़ने से गुणवत्ता खराब होने की आशंका
- कुल मिलाकर किसानों को उत्पादन और कीमत दोनों में नुकसान
उत्तर भारत के अन्य राज्यों में भी असर
राजस्थान के अलावा पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के करीब 25 जिलों में भी फसलों को नुकसान हुआ है।
- गेहूं और सरसों की फसल प्रभावित
- विशेषज्ञों के अनुसार गेहूं की फसल को 5–7% तक नुकसान
मौसम में अचानक बदलाव
इस वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के कारण तापमान में भी अचानक गिरावट दर्ज की गई।
- अधिकतम तापमान 30°C से नीचे चला गया
- न्यूनतम तापमान 20°C से कम हो गया
- मार्च के अंत में फरवरी जैसी ठंड का एहसास
इसके साथ ही कई क्षेत्रों में 40–50 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं और बिजली गिरने की घटनाएं भी सामने आईं।
आगे भी बारिश की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में भी कुछ इलाकों में बारिश और आंधी जारी रह सकती है, जिससे किसानों की चिंता और बढ़ गई है।
राहत और सरकारी कदम
राजस्थान सरकार ने किसानों को राहत देने का भरोसा दिया है।
- प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के तहत नुकसान की भरपाई की जाएगी
- फसल नुकसान का आकलन तेजी से किया जा रहा है
- केंद्र सरकार भी स्थिति की समीक्षा कर रही है
निष्कर्ष
बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने रबी फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है, खासकर तब जब फसलें कटाई के लिए तैयार थीं। इससे किसानों की आय पर सीधा असर पड़ा है। ऐसे में जरूरी है कि समय पर राहत और मुआवजा देकर किसानों को इस संकट से उबारा जाए।

