स्थान: नई दिल्ली
दिनांक: 27 जून, 2026
विशेष संवाददाता, नई दिल्ली:
हिंद महासागर क्षेत्र (IOR) में भारत की रणनीतिक पकड़ को और मजबूत करने तथा पड़ोसी देशों के साथ द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार सुबह तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा (State Visit) पर सेशेल्स के लिए रवाना हो गए हैं। पिछले 11 वर्षों में प्रधानमंत्री मोदी का सेशेल्स का यह दूसरा दौरा है, इससे पहले उन्होंने साल 2015 में इस द्वीपीय देश की यात्रा की थी।
प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा बेहद ऐतिहासिक माना जा रहा है क्योंकि वे सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी के विशेष आमंत्रण पर वहां के ‘गोल्डन जुबली राष्ट्रीय दिवस समारोह’ (Golden Jubilee National Day) में बतौर ‘गेस्ट ऑफ ऑनर’ (मुख्य अतिथि) शामिल होने जा रहे हैं। इसके साथ ही, वर्ष 2026 भारत और सेशेल्स के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना की 50वीं वर्षगांठ का गवाह भी बन रहा है।
हर 8वां व्यक्ति भारतीय मूल का; प्रवासी नागरिकों से करेंगे संवाद
भौगोलिक रूप से भले ही सेशेल्स एक छोटा द्वीपीय देश हो, लेकिन भारत के साथ इसके सांस्कृतिक और जनसांख्यिकीय (Demographic) संबंध बेहद गहरे हैं।
- मजबूत भारतीय डायस्पोरा: सेशेल्स की कुल आबादी में से लगभग हर 8वां व्यक्ति (12% से अधिक आबादी) भारतीय मूल का है। यहां रह रहे करीब 10,000 से अधिक भारतीय प्रवासियों ने देश के आर्थिक विकास और व्यापारिक परिदृश्य में अहम भूमिका निभाई है।
- लिविंग ब्रिज से मुलाकात: अपने तीन दिवसीय प्रवास के दौरान प्रधानमंत्री मोदी वहां रह रहे भारतीय समुदाय के लोगों से विशेष संवाद करेंगे। रवाना होने से पहले पीएम मोदी ने अपने बयान में कहा, “वहां का जीवंत भारतीय समुदाय पीढ़ियों से भारत और सेशेल्स के बीच एक मजबूत ‘लिविंग ब्रिज’ के रूप में काम कर रहा है, जिनसे मिलने के लिए मैं बेहद उत्सुक हूं।”
सेशेल्स की नेशनल असेंबली को संबोधित करने वाले पहले भारतीय पीएम बनेंगे
विदेश मंत्रालय (MEA) द्वारा जारी आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार, इस दौरे के दौरान एक अनोखा कूटनीतिक इतिहास भी रचा जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सेशेल्स की संसद यानी ‘नेशनल असेंबली’ को संबोधित करने वाले भारत के पहले प्रधानमंत्री बनेंगे। यह ऐतिहासिक अवसर दोनों देशों के साझा लोकतांत्रिक मूल्यों और संसदीय परंपराओं की प्रगाढ़ता को प्रदर्शित करता है।
विमानन और नौसैनिक शक्ति का प्रदर्शन:
इस बार सेशेल्स के राष्ट्रीय दिवस परेड समारोह में भारत की सैन्य ताकत की झलक भी देखने को मिलेगी। भारतीय रक्षा बलों (थल सेना और नौसेना) की एक विशेष टुकड़ी वहां की मुख्य परेड में हिस्सा लेगी। इसके साथ ही, भारत के दो अत्याधुनिक युद्धपोत (Indian Navy Ships) इस दौरान सेशेल्स के पोर्ट पर तैनात रहकर कूटनीतिक उपस्थिति दर्ज कराएंगे।
‘विज़न महासागर’ (MAHASAGAR) और समुद्री सुरक्षा पर रहेगा मुख्य फोकस
रक्षा और रणनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार, चीन की हिंद महासागर में बढ़ती दखलअंदाजी के बीच भारत के लिए सेशेल्स का भौगोलिक स्थान बेहद महत्वपूर्ण है। यह दौरा भारत की ‘विज़न महासागर’ (MAHASAGAR – Region) नीति और ‘ग्लोबल साउथ’ (Global South) के प्रति प्रतिबद्धता का एक प्रमुख हिस्सा है।
- द्विपक्षीय वार्ता: प्रधानमंत्री मोदी सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी के साथ रक्षा सहयोग, समुद्री सुरक्षा (Maritime Security), पायरेसी (समुद्री डकैती) विरोधी अभियानों और ब्लू इकोनॉमी (समुद्री व्यापार) को लेकर व्यापक समीक्षा बैठक करेंगे। गौरतलब है कि इससे पहले फरवरी 2026 में सेशेल्स के राष्ट्रपति ने भी भारत का सफल दौरा किया था, जिसके बाद से दोनों देशों के बीच कूटनीतिक साझापन काफी तेजी से बढ़ा है।
