मैच फिक्सिंग में फंसे सर्बियाई टेनिस खिलाड़ी स्टीफन मिलिसेविच, लगा 24 साल का बैन; अक्टूबर 2050 तक रहेंगे खेल से दूर

नई दिल्ली | 16 अक्टूबर 2026

टेनिस की दुनिया में मैच फिक्सिंग के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। सर्बिया के टेनिस खिलाड़ी स्टीफन मिलिसेविच पर इंटरनेशनल टेनिस इंटीग्रिटी एजेंसी (ITIA) ने 24 साल का प्रतिबंध लगा दिया है। खिलाड़ी पर मैच फिक्सिंग और दूसरे खिलाड़ियों को कथित भ्रष्ट नेटवर्क में शामिल करने से जुड़े गंभीर आरोप थे। इसके साथ ही उन पर 70,000 अमेरिकी डॉलर का जुर्माना भी लगाया गया है। प्रतिबंध के चलते वह 8 अक्टूबर 2050 तक टेनिस से जुड़ी गतिविधियों में हिस्सा नहीं ले सकेंगे।

छह मैच फिक्स करने और छह अन्य में प्रयास का आरोप

ITIA के अनुसार, मिलिसेविच पर 2022 से 2024 के बीच छह मैचों को फिक्स करने का आरोप था। इनमें से पांच मुकाबलों में वह खुद खेल रहे थे। इसके अलावा, उन पर छह अन्य मैचों को फिक्स करने का प्रयास करने का भी आरोप लगाया गया।

जांच एजेंसी ने यह भी कहा कि खिलाड़ी ने कई पेशेवर टेनिस खिलाड़ियों को कथित भ्रष्ट नेटवर्क में शामिल करने की कोशिश की। एजेंसी के मुताबिक, इस नेटवर्क से जुड़े अन्य खिलाड़ियों ने भी मैच फिक्सिंग की। हालांकि, ITIA ने संबंधित मैचों के नाम और नेटवर्क में शामिल दूसरे खिलाड़ियों की पहचान सार्वजनिक नहीं की है।

जांच में सहयोग नहीं करने पर कार्रवाई

ITIA ने बताया कि उसने 2026 में मामले की जांच की और मिलिसेविच से संपर्क करने के सात प्रयास किए। इसके बावजूद खिलाड़ी ने जांच में सहयोग नहीं किया और आरोपों पर अपना जवाब भी नहीं दिया।

24 सितंबर 2026 को जांच पूरी होने के बाद उन्हें गंभीर उल्लंघन का औपचारिक नोटिस जारी किया गया। जवाब नहीं मिलने के बाद टेनिस के भ्रष्टाचार-रोधी नियमों और सजा संबंधी दिशानिर्देशों के तहत 24 साल की अयोग्यता और 70,000 डॉलर के जुर्माने की सजा प्रभावी हो गई। यह प्रतिबंध 9 अक्टूबर 2026 से लागू है और 8 अक्टूबर 2050 को समाप्त होगा।

अब न खेल सकेंगे, न कोचिंग कर पाएंगे

प्रतिबंध के दौरान मिलिसेविच केवल पेशेवर मैच खेलने से ही नहीं, बल्कि टेनिस से जुड़ी अन्य गतिविधियों से भी दूर रहेंगे। ITIA के आदेश के अनुसार, वह वर्ल्ड टेनिस, ATP, WTA, ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट या किसी राष्ट्रीय टेनिस संघ द्वारा आयोजित अथवा मान्यता प्राप्त प्रतियोगिताओं में न खेल सकेंगे, न कोचिंग दे सकेंगे और न ही उनमें शामिल हो सकेंगे।

24 साल का यह प्रतिबंध इतना लंबा है कि इसके समाप्त होने तक खिलाड़ी की उम्र 53 वर्ष हो जाएगी।

करियर की सर्वोच्च रैंकिंग 1338 रही

29 वर्षीय मिलिसेविच ने अपने पेशेवर करियर में निचले स्तर के टूर्नामेंटों में हिस्सा लिया था। उनकी पुरुष एकल में सर्वोच्च विश्व रैंकिंग 1338 रही, जो उन्होंने अगस्त 2014 में हासिल की थी।

उनके खिलाफ की गई कार्रवाई टेनिस में मैच फिक्सिंग रोकने के लिए लागू नियमों के तहत हुई है। इससे पहले भी कई खिलाड़ियों को मैचों के नतीजों में हेरफेर और भ्रष्ट नेटवर्क से जुड़े मामलों में लंबे प्रतिबंधों का सामना करना पड़ा है।

इससे पहले भी खिलाड़ियों पर लग चुके हैं लंबे प्रतिबंध

टेनिस में मैच फिक्सिंग के मामलों पर कार्रवाई करते हुए ITIA पहले भी खिलाड़ियों को कड़ी सजा दे चुकी है। फ्रांस के क्वेंटिन फोलियोट को दिसंबर 2025 में 20 साल के लिए प्रतिबंधित किया गया था। वहीं, चीन के पांग रेनलोंग पर भी मैचों से जुड़े भ्रष्टाचार के मामलों में 12 साल का प्रतिबंध लगाया गया था।

इन मामलों के जरिए टेनिस की अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं यह संदेश देने की कोशिश कर रही हैं कि मैचों के नतीजों में हेरफेर और दूसरे खिलाड़ियों को ऐसे नेटवर्क में शामिल करने पर गंभीर कार्रवाई की जाएगी।

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