मेलबर्न | 29 जनवरी 2026
ऑस्ट्रेलियन ओपन के महिला सिंगल्स सेमीफाइनल में आज दुनिया ने खेल के साथ-साथ कड़वाहट का वह रूप देखा जो शायद ही किसी ग्रैंड स्लैम में दिखता हो। बेलारूस की एरिना सबालेंका ने यूक्रेन की एलिना स्वितोलिना को 6-2, 6-3 से हराकर फाइनल में जगह बना ली, लेकिन चर्चा उनकी जीत से ज्यादा मैच के दौरान दिखे ‘हैंडशेक स्नब’ (हाथ न मिलाने) की हो रही है।
1. क्यों नहीं हुआ हैंडशेक? (सबसे बड़ी वजह)
इस तनाव की जड़ें टेनिस कोर्ट में नहीं, बल्कि रूस-यूक्रेन युद्ध में हैं:
- यूक्रेन का रुख: फरवरी 2022 में रूस द्वारा यूक्रेन पर किए गए आक्रमण के बाद से ही यूक्रेनी खिलाड़ियों ने एक कड़ा स्टैंड लिया है। वे रूस या उसके सहयोगी देश (बेलारूस) के किसी भी खिलाड़ी से हाथ नहीं मिलाते।
- बेलारूस का कनेक्शन: सबालेंका बेलारूस से हैं, जिस पर रूस की मदद करने का आरोप है। स्वितोलिना ने पहले ही साफ कर दिया था कि जब तक उनके देश पर हमले नहीं रुकते, वे विपक्षी खिलाड़ियों से कोई औपचारिक शिष्टाचार (Handshake) नहीं निभाएंगी।
2. मैच से पहले ही दिख गया था तनाव
तनाव की शुरुआत मैच शुरू होने से पहले ही हो गई थी:
- फोटो से दूरी: टॉस के बाद जब सबालेंका बॉल किड के साथ परंपरागत प्री-मैच फोटो के लिए खड़ी हुईं, तो स्वितोलिना ने उसमें शामिल होने से साफ इनकार कर दिया और दूर खड़ी रहीं।
- नेट पर सन्नाटा: मैच खत्म होने के बाद सबालेंका नेट के पास आईं, लेकिन स्वितोलिना उनकी तरफ देखे बिना सीधे अंपायर से हाथ मिलाकर कोर्ट से बाहर चली गईं।
3. अंपायर के फैसले और सबालेंका का गुस्सा
मैच के दौरान भी माहौल काफी गरम रहा:
- हिंड्रेंस (Hindrance) कॉल: एक महत्वपूर्ण रैली के दौरान सबालेंका के चिल्लाने (Grunt) को अंपायर ने ‘बाधा’ माना और स्वितोलिना को पॉइंट दे दिया।
- बहस और वीडियो रिव्यू: इस फैसले पर सबालेंका भड़क गईं और उन्होंने अंपायर से तीखी बहस की। उन्होंने वीडियो रिव्यू की मांग की, जिससे खेल काफी देर तक रुका रहा और दर्शकों ने भी हूटिंग शुरू कर दी।
4. स्टेडियम में ‘नो हैंडशेक’ का ऐलान
ऑस्ट्रेलियन ओपन के आयोजकों को इस तनाव का अंदाजा पहले से था। दर्शकों के बीच किसी भी तरह के हंगामे को रोकने के लिए स्टेडियम की बड़ी स्क्रीन पर एक संदेश चलाया गया:
“मैच के अंत में खिलाड़ियों के बीच कोई हैंडशेक नहीं होगा। हम दोनों एथलीटों के प्रति आपके सम्मान की सराहना करते हैं।”

