गुजरात में सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज शिक्षकों का विरोध प्रदर्शन, वेतन और प्रमोशन को लेकर नाराज़गी

30 अप्रैल 2026

गांधीनगर: Gujarat में सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों के शिक्षकों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर 30 अप्रैल 2026 को राज्यस्तरीय विरोध प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। लंबे समय से चली आ रही समस्याओं के समाधान न होने से नाराज़ शिक्षकों ने इस प्रदर्शन को अपनी आवाज़ उठाने का पहला बड़ा कदम बताया है।


प्रदर्शन की पूरी जानकारी

यह विरोध प्रदर्शन 30 अप्रैल को दोपहर 3:00 बजे आयोजित किया गया, जिसका स्थान गांधीनगर के कर्मयोगी गार्डन स्थित CTE कार्यालय के पास तय किया गया।

प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने काले कपड़े पहनकर और काले झंडे लेकर विरोध जताने की योजना बनाई, जो उनके असंतोष और नाराज़गी का प्रतीक है।


किस संगठन ने किया आयोजन?

इस प्रदर्शन का आयोजन Gujarat State Government Engineering Colleges Academic Gazetted Officers’ Association द्वारा किया गया है।

यह संगठन राज्य के विभिन्न सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों के शिक्षकों का प्रतिनिधित्व करता है और लंबे समय से उनकी समस्याओं को उठाता आ रहा है।


क्या हैं शिक्षकों की मुख्य मांगें?

शिक्षकों ने कई महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर अपनी नाराज़गी जाहिर की है, जिनका सीधा असर उनके करियर और नौकरी की स्थिति पर पड़ता है।

प्रमोशन और करियर से जुड़े मुद्दे:
• डिप्लोमा सेवा (GPSC) को डिग्री सेवा में शामिल करने की मांग
• Career Advancement Scheme (CAS) के तहत लाभ सुनिश्चित करने की मांग

उच्च शिक्षा से जुड़े मुद्दे:
• ME, MTech और PhD के लिए NOC (No Objection Certificate) की लंबित स्वीकृतियां
• इन स्वीकृतियों को पूर्व प्रभाव (retrospective effect) से लागू करने की मांग

वेतन और नौकरी की शर्तें:
• सैलरी प्रोटेक्शन (Salary Protection)
• डेपुटेशन पर कार्यरत शिक्षकों के लिए बेहतर सेवा शर्तें


शिक्षकों की चिंता क्या है?

शिक्षकों का कहना है कि उन्होंने कई बार सरकार के सामने अपनी समस्याएं रखीं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला।

उनके अनुसार, इन लंबित मुद्दों का असर:
• शिक्षकों के मनोबल (morale) पर पड़ रहा है
• करियर ग्रोथ में बाधा आ रही है


राज्यभर से भागीदारी

इस विरोध प्रदर्शन में राज्यभर के विभिन्न कॉलेजों से प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया गया है।

प्रत्येक यूनिट से 5 पदाधिकारियों को शामिल होने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे यह साफ है कि यह आंदोलन संगठित और व्यापक स्तर पर किया जा रहा है।


बड़े आंदोलन की चेतावनी

शिक्षकों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कोई कार्रवाई नहीं की गई, तो वे आने वाले समय में और बड़ा राज्यव्यापी आंदोलन शुरू कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि यह विरोध प्रदर्शन सिर्फ शुरुआत है और जरूरत पड़ने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा।


निष्कर्ष

गुजरात में सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज शिक्षकों का यह विरोध प्रदर्शन राज्य की शिक्षा व्यवस्था में मौजूद प्रशासनिक चुनौतियों को उजागर करता है।

👉 अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार इन मांगों पर क्या रुख अपनाती है और क्या शिक्षकों को उनकी समस्याओं का समाधान मिल पाता है या नहीं।

एक लाइन में:
👉 गुजरात के इंजीनियरिंग कॉलेज शिक्षकों ने वेतन, प्रमोशन और करियर से जुड़े मुद्दों को लेकर राज्यस्तरीय विरोध शुरू किया है, जो आगे बड़े आंदोलन का रूप ले सकता है।

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