नई दिल्ली | 8 अक्टूबर 2026: भारतीय वायुसेना आज अपना 94वां स्थापना दिवस मना रही है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के वायु योद्धाओं, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने भारतीय वायुसेना के साहस, समर्पण और देश के आसमान की सुरक्षा में उसकी भूमिका की सराहना की।
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि भारत को अपने वायु योद्धाओं पर गर्व है और देश उनके साहस तथा प्रतिबद्धता को सलाम करता है। उन्होंने यह भी कहा कि बीते दशक में भारतीय वायुसेना और देश की अन्य सेनाओं तक आधुनिक तकनीकों की पहुंच बढ़ी है।
हथियारों के साथ डेटा और ड्रोन की भूमिका पर जोर
वायुसेना दिवस के मौके पर जारी अपने वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री ने आधुनिक युद्ध में बदलती तकनीक का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारतीय वायुसेना अब केवल पारंपरिक हथियारों के जरिए ही नहीं, बल्कि डेटा और ड्रोन जैसी तकनीकों के इस्तेमाल से भी विरोधियों पर प्रभाव डालने में सक्षम हो रही है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले एक दशक में वायुसेना सहित भारतीय सशस्त्र बलों को दुनिया की आधुनिक तकनीकों तक पहुंच मिली है। उनके मुताबिक, तकनीकी क्षमता अब सैन्य अभियानों का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है।
ऑपरेशन सिंदूर का भी किया उल्लेख
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में ऑपरेशन सिंदूर का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस अभियान का हर क्षण भारतीय सैन्य क्षमता का प्रमाण देता है।
प्रधानमंत्री के संदेश में ऑपरेशन सिंदूर को आधुनिक सैन्य क्षमता, तकनीक और एकीकृत अभियानों के संदर्भ में रखा गया। वायुसेना प्रमुख ने भी वायुसेना दिवस की पूर्व संध्या पर कहा था कि ऑपरेशन सिंदूर ने एकीकृत हवाई अभियानों की क्षमता को रेखांकित किया।
94 साल पहले हुई थी भारतीय वायुसेना की स्थापना
भारतीय वायुसेना की स्थापना 8 अक्टूबर 1932 को हुई थी। इसी वजह से हर साल 8 अक्टूबर को वायुसेना दिवस मनाया जाता है।
2026 में भारतीय वायुसेना अपना 94वां स्थापना दिवस मना रही है। इस अवसर पर देशभर में वायुसेना के इतिहास, उपलब्धियों और वर्तमान परिचालन क्षमताओं को प्रदर्शित करने वाले कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
इस साल की थीम क्या है?
2026 के वायुसेना दिवस की थीम है:
“Indian Air Force – Infallible, Impervious and Precise”
इस थीम में वायुसेना की परिचालन क्षमता, मजबूती और सटीक कार्रवाई पर जोर दिया गया है।
ड्रोन तकनीक पर बढ़ रहा फोकस
भारतीय वायुसेना आधुनिक युद्ध में ड्रोन और मानवरहित प्रणालियों की भूमिका बढ़ाने पर भी काम कर रही है।
सितंबर 2026 में पोखरण में IAF Dronathon-2026 आयोजित किया गया था। इसमें निगरानी और टोही, स्वायत्त संचालन, स्वॉर्म टेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और काउंटर-ड्रोन सिस्टम जैसी तकनीकों का परीक्षण किया गया।
इस दौरान भारतीय वायुसेना ने ‘Vayu UTtaM’ नामक स्वदेशी मल्टी-मोड अनमैन्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम की क्षमता का भी प्रदर्शन किया था। यह सिस्टम सैन्य और नागरिक ड्रोन की पहचान और ट्रैकिंग में इस्तेमाल किया जा सकता है।
आधुनिक युद्ध में बदल रही तकनीक की भूमिका
आज के युद्ध में सिर्फ लड़ाकू विमान और पारंपरिक हथियार ही निर्णायक नहीं रह गए हैं। ड्रोन, सेंसर, रियल-टाइम डेटा, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर, कमांड एवं कंट्रोल सिस्टम और नेटवर्क आधारित ऑपरेशन भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
इसी बदलते सैन्य वातावरण के बीच भारतीय वायुसेना अपनी मानवरहित प्रणालियों और संबंधित तकनीकों को अपनी परिचालन जरूरतों के साथ जोड़ने पर काम कर रही है।
वायु योद्धाओं को PM मोदी ने दी शुभकामनाएं
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में देश की ओर से भारतीय वायुसेना के प्रत्येक वायु योद्धा और उनके परिवारों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि वायुसेना के जवानों ने अपने काम से देशवासियों को प्रभावित किया है और लोगों में सुरक्षा का भरोसा पैदा किया है।
वायुसेना दिवस देश की हवाई सुरक्षा में योगदान देने वाले वर्तमान और पूर्व वायु योद्धाओं के प्रति सम्मान व्यक्त करने का अवसर भी है।
