उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण के विरोध में प्रदर्शन, रहवासियों ने भाजपा कार्यालय का दो घंटे किया घेराव

उज्जैन |06 मार्च 2026

उज्जैन के पिपलीनाका क्षेत्र में प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण के विरोध में गुरुवार को स्थानीय रहवासियों का आक्रोश फूट पड़ा। करीब 500 से अधिक लोगों ने एकजुट होकर क्षेत्रीय विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा के कार्यालय का घेराव किया और उनकी कार को भी रोक लिया। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में लोग भाजपा के लोकशक्ति कार्यालय में भी पहुंच गए, जिससे कुछ देर के लिए वहां तनावपूर्ण स्थिति बन गई। इस दौरान कई महिलाएं भावुक होकर रोने लगीं और कुछ की तबीयत बिगड़ने से वे बेहोश भी हो गईं।

दरअसल, उज्जैन विकास प्राधिकरण (यूडीए) पिपलीनाका से भैरवगढ़ तक करीब 1.5 किलोमीटर लंबी सड़क को 100 फीट चौड़ा करने की योजना पर काम कर रहा है। इसी संबंध में 3 मार्च को प्रभावित मकानों के रहवासियों को नोटिस जारी किया गया था, जिसमें सात दिन के भीतर मकान खाली करने और तोड़ने के निर्देश दिए गए हैं। नोटिस के बाद से ही क्षेत्र के लोगों में नाराजगी बढ़ गई है और वे अपने मकानों को बचाने की मांग कर रहे हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क चौड़ीकरण की योजना में कुछ बदलाव कर उनके घरों को बचाया जा सकता है। उनका तर्क है कि सड़क के दोनों ओर बनाए जाने वाले 10-10 फीट के फुटपाथ और डिवाइडर की चौड़ाई कम कर दी जाए, तो अधिकांश मकानों को तोड़ने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसी मांग को लेकर रहवासियों ने विरोध प्रदर्शन किया और प्रशासन से योजना पर पुनर्विचार करने की अपील की।

मामले की गंभीरता को देखते हुए विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा और भाजपा नगर अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने कलेक्टर रौशन कुमार सिंह और उज्जैन विकास प्राधिकरण के सीईओ संदीप सोनी से चर्चा की। विधायक ने साफ कहा कि वे विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन ऐसा विकास स्वीकार नहीं किया जा सकता जिससे गरीब और आम लोग बेघर हो जाएं।

विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सड़क चौड़ीकरण 24 मीटर से अधिक किया गया और लोगों के घरों को नुकसान पहुंचाया गया, तो वे स्वयं जनता के साथ सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे। उन्होंने कहा कि विकास जरूरी है, लेकिन वह न्यायसंगत और मानवीय होना चाहिए ताकि किसी भी परिवार को अपने आशियाने से हाथ न धोना पड़े।

फिलहाल प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच बातचीत का दौर जारी है। आने वाले दिनों में इस परियोजना को लेकर अंतिम निर्णय लिया जा सकता है, जिस पर क्षेत्र के हजारों लोगों की नजर बनी हुई है।