भोपाल में प्रोपेगेंडा बहस पर बोले कलाकार संजय मेहता: “सच सामने आता है तो सवाल उठते हैं”

भोपाल। 10 अप्रैल 2026

रंगमंच से फिल्मों तक अपनी मजबूत पहचान बना चुके वरिष्ठ कलाकार संजय मेहता इन दिनों अपनी नई फिल्म धुरंधर: द रिवेंज को लेकर चर्चा में हैं। फिल्म में वे ‘अब्दुल भुट्टावी’ का अहम किरदार निभा रहे हैं। भोपाल में बातचीत के दौरान उन्होंने फिल्मों पर लगने वाले प्रोपेगेंडा के आरोप, वैश्विक हालात और सांस्कृतिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली पर खुलकर अपनी राय रखी।

संजय मेहता ने कहा कि आज का समय तकनीकी रूप से भले ही काफी उन्नत हो, लेकिन यह दौर उतना ही संवेदनशील भी है। उन्होंने वैश्विक संघर्षों का जिक्र करते हुए कहा कि युद्ध जैसी स्थितियां केवल किसी एक देश या क्षेत्र तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि पूरी मानवता के लिए खतरा बन जाती हैं।

फिल्मों पर लगने वाले ‘प्रोपेगेंडा’ के आरोपों को लेकर उन्होंने स्पष्ट कहा कि कई बार सच्चाई को भी गलत तरीके से प्रस्तुत कर दिया जाता है। उनके अनुसार, “जब हम सच्चाई दिखाने की कोशिश करते हैं, तो उसे प्रोपेगेंडा कह दिया जाता है। कई ऐसी बातें होती हैं जो पहले सार्वजनिक नहीं होतीं, लेकिन जब वे सामने आती हैं तो लोगों को लगता है कि यह किसी खास एजेंडे के तहत किया गया है।”

उन्होंने आगे कहा कि सिनेमा समाज का आईना होता है और इसका काम सिर्फ मनोरंजन करना नहीं, बल्कि उन पहलुओं को सामने लाना भी है, जिनसे आम लोग अनजान रहते हैं। ऐसे में हर संवेदनशील विषय पर बनी फिल्म को प्रोपेगेंडा कह देना उचित नहीं है।

सांस्कृतिक संस्थाओं की भूमिका पर भी उन्होंने सवाल उठाए। उनका मानना है कि इन संस्थाओं को कलाकारों को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता देने के साथ-साथ समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी भी समझनी चाहिए।

फिल्म ‘धुरंधर: द रिवेंज’ के बारे में बात करते हुए मेहता ने कहा कि यह फिल्म सिर्फ एक कहानी नहीं, बल्कि कई अनछुए पहलुओं को उजागर करने का प्रयास है। उन्होंने उम्मीद जताई कि दर्शक फिल्म को खुले नजरिए से देखेंगे और उसके संदेश को समझने की कोशिश करेंगे।

फिलहाल, फिल्म और उससे जुड़े मुद्दों को लेकर बहस जारी है, और संजय मेहता के बयान ने इस चर्चा को और तेज कर दिया है।