10 फरवरी 2026
ग्वालियर में कलश यात्रा के दौरान भगदड़, एक महिला की मौत
एक बच्ची समेत चार महिलाएं घायल, कलश वितरण के वक्त बेकाबू हुई भीड़
पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा की ओर से आयोजित था कार्यक्रम
ग्वालियर।
मध्य प्रदेश के ग्वालियर में रविवार को आयोजित एक धार्मिक कलश यात्रा उस समय मातम में बदल गई, जब कलश वितरण के दौरान अचानक मची भगदड़ में एक महिला की मौत हो गई, जबकि एक बच्ची समेत चार महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और कार्यक्रम को तत्काल रोकना पड़ा।
यह कलश यात्रा पूर्व गृह मंत्री और भाजपा नेता नरोत्तम मिश्रा की ओर से आयोजित की गई थी, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं और श्रद्धालु शामिल हुए थे।
कैसे हुआ हादसा?
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार्यक्रम स्थल पर कलश पाने के लिए महिलाओं की संख्या अचानक बढ़ गई। आयोजकों की ओर से जैसे ही कलश वितरण शुरू हुआ, भीड़ आगे की ओर धकेलने लगी।
इसी दौरान संतुलन बिगड़ने से कई महिलाएं जमीन पर गिर पड़ीं और देखते ही देखते भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।
गिरी हुई महिलाओं को भीड़ ने कुचल दिया, जिससे एक महिला की मौके पर ही हालत गंभीर हो गई। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घायलों में बच्ची भी शामिल
हादसे में घायल चार लोगों में
- तीन महिलाएं
- और एक नाबालिग बच्ची शामिल हैं।
घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों के मुताबिक, सभी की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है, हालांकि एक महिला को गंभीर चोटें आई हैं।
मौके पर मची अफरा-तफरी
हादसे के बाद कार्यक्रम स्थल पर चीख-पुकार मच गई। कई महिलाएं घबराकर इधर-उधर भागने लगीं। पुलिस और प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और भीड़ को नियंत्रित किया। एंबुलेंस की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया।
प्रशासन और पुलिस की प्रतिक्रिया
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि
- प्रारंभिक जांच में हादसे की वजह अचानक बढ़ी भीड़ और अव्यवस्थित कलश वितरण सामने आई है।
- कार्यक्रम में सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे।
प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं और आयोजकों से भी जवाब तलब किया जा सकता है।
नरोत्तम मिश्रा की प्रतिक्रिया
घटना के बाद नरोत्तम मिश्रा ने गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण घटना है और घायलों के इलाज में किसी तरह की कमी नहीं आने दी जाएगी। साथ ही उन्होंने प्रशासन को पीड़ित परिवार को हर संभव मदद देने के निर्देश देने की बात कही।
सवालों के घेरे में आयोजन व्यवस्था
इस हादसे के बाद एक बार फिर बड़े धार्मिक आयोजनों में
- भीड़ नियंत्रण,
- सुरक्षा व्यवस्था
- और प्रशासनिक अनुमति की तैयारियों पर सवाल खड़े हो गए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर कलश वितरण को चरणबद्ध तरीके से किया जाता और पुलिस बल की पर्याप्त तैनाती होती, तो यह हादसा टल सकता था।
निष्कर्ष
श्रद्धा और आस्था के इस आयोजन में एक महिला की मौत और कई लोगों के घायल होने से पूरे इलाके में शोक का माहौल है। प्रशासनिक जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि हादसे के लिए लापरवाही किस स्तर पर हुई और जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई की जाएगी।

