मॉनसून की विदाई के बीच पहाड़ों में बदला मौसम, शिमला-मनाली से चारधाम तक बारिश-आंधी का अलर्ट

नई दिल्ली | 30 सितंबर 2026

देश में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून अब धीरे-धीरे विदाई की ओर बढ़ रहा है, लेकिन पहाड़ी इलाकों में मौसम ने अभी पूरी तरह करवट नहीं ली है। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के कई हिस्सों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर जारी रहने का अनुमान है। दूसरी ओर दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बारिश की गतिविधियां अब कम होने की संभावना है।

मौसम के इस बदलाव का असर पर्यटन और धार्मिक यात्राओं पर भी दिखाई दे रहा है। उत्तराखंड में चारधाम यात्रा पहले ही खराब मौसम के कारण प्रभावित हुई है, जबकि हिमाचल के शिमला, मनाली, मंडी और आसपास के पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश और तापमान में बदलाव देखने को मिल रहा है।

पहाड़ों में अभी जारी रहेगा बारिश और आंधी का दौर

मौसम विभाग के अनुसार जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 29 सितंबर से 4 अक्टूबर के बीच बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना बनी हुई है।

हिमाचल प्रदेश के शिमला, मनाली, मंडी और चंबा समेत कई क्षेत्रों में मौसम बदल सकता है। वहीं उत्तराखंड के देहरादून, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग और पौड़ी गढ़वाल जैसे इलाकों में भी बारिश की संभावना जताई गई है।

पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण संवेदनशील ढलानों पर भूस्खलन और सड़क बाधित होने का खतरा भी बना हुआ है। ऐसे में स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की एडवाइजरी का पालन करना जरूरी है।

चारधाम यात्रा पर भी मौसम का असर

उत्तराखंड में खराब मौसम का असर केदारनाथ, बद्रीनाथ समेत चारधाम यात्रा पर पड़ा है। पिछले दिनों भारी बारिश और भूस्खलन के कारण यात्रा को अस्थायी रूप से रोका गया था। राज्य में कई इलाकों में सड़क संपर्क भी प्रभावित हुआ था।

ऐसे में चारधाम जाने वाले श्रद्धालुओं और पहाड़ी क्षेत्रों में घूमने पहुंचे पर्यटकों को मौसम की स्थिति देखकर ही यात्रा की योजना बनाने की सलाह दी जा रही है।

दिल्ली-NCR में बदला मौसम, अब शुष्क होने के संकेत

दिल्ली-NCR में पिछले दिनों हुई बारिश और गरज-चमक के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई। राजधानी में मौसम कुछ समय के लिए सुहाना हुआ और गर्मी-उमस से राहत मिली।

हालांकि अब तस्वीर बदल रही है। IMD के पूर्वानुमान के मुताबिक 30 सितंबर से दिल्ली और उत्तर-पश्चिम भारत के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां कम होने तथा मौसम के मुख्यतः शुष्क रहने की संभावना है।

दिल्ली में सितंबर के अंतिम दिनों में बारिश के कारण तापमान में भी बदलाव देखा गया। मंगलवार को राजधानी में बादल और बारिश के चलते मौसम सामान्य से ठंडा महसूस हुआ।

यूपी में भारी बारिश के बाद अब राहत के संकेत

उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ दिनों में हुई असामान्य बारिश ने कई जिलों में बाढ़, जलभराव और फसलों को नुकसान जैसी स्थिति पैदा की। 25 से 27 सितंबर के बीच राज्य में सामान्य से कई गुना अधिक बारिश दर्ज की गई।

अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी बारिश की गतिविधि कम होने के संकेत हैं। IMD के पूर्वानुमान में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए 30 सितंबर से मुख्यतः शुष्क मौसम की संभावना जताई गई है।

मॉनसून की विदाई ने पकड़ी रफ्तार

मॉनसून की वापसी का सिलसिला उत्तर-पश्चिम भारत से आगे बढ़ रहा है। IMD के अनुसार मॉनसून की वापसी की रेखा गंगानगर, चंडीगढ़, मुजफ्फरनगर, अलीगढ़, धौलपुर, उदयपुर, डीसा और नलिया से गुजर रही थी।

मौसम विभाग के अनुसार मॉनसून की वापसी का आकलन केवल बारिश बंद होने से नहीं किया जाता। इसके लिए लगातार कुछ दिनों तक बारिश की गतिविधि में कमी, निचले वायुमंडल में एंटी-साइक्लोनिक स्थिति और वातावरण में नमी में कमी जैसे मानकों को देखा जाता है।

पहाड़ों में क्यों बना हुआ है मौसम का असर?

मॉनसून की वापसी शुरू होने के बावजूद पहाड़ी क्षेत्रों में अलग-अलग मौसम प्रणालियों के कारण बारिश हो सकती है। हालिया मौसम बदलाव में पश्चिमी विक्षोभ और मध्य भारत के ऊपर बने सिस्टम की भूमिका भी बताई गई है। इन प्रणालियों के प्रभाव से उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां हुईं।

यही वजह है कि एक तरफ मैदानी इलाकों में मॉनसून की विदाई दिखाई दे रही है, वहीं दूसरी तरफ पहाड़ों में बारिश का दौर पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।

⚠️ यात्रियों के लिए जरूरी सावधानी

पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के दौरान अचानक भूस्खलन, पत्थर गिरने, सड़क बंद होने और नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने का खतरा रहता है। इसलिए शिमला, मनाली, उत्तराखंड या चारधाम क्षेत्र में यात्रा करने वालों को निकलने से पहले स्थानीय मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी जरूर लेनी चाहिए।

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