नई दिल्ली | 10 अक्टूबर 2026
देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का मिजाज बदला हुआ है। कहीं भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है, तो कहीं गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की 10 अक्टूबर की विज्ञप्ति के अनुसार, बिहार में कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। वहीं तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल और लक्षद्वीप के कुछ हिस्सों में भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है। दूसरी ओर, राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के रिकॉर्ड में उत्तराखंड के बागेश्वर और गुजरात के भरूच क्षेत्र में हल्के भूकंप दर्ज किए गए हैं।
बिहार में भारी बारिश, तमिलनाडु और केरल में भी अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार, 10 अक्टूबर की सुबह 8:30 बजे तक पिछले 24 घंटों में बिहार में बहुत भारी बारिश दर्ज की गई। इस दौरान बारिश की मात्रा कुछ स्थानों पर 12 से 20 सेंटीमीटर तक रही। तमिलनाडु, केरल और ओडिशा में भी भारी बारिश दर्ज की गई, जहां कुछ क्षेत्रों में 7 से 11 सेंटीमीटर तक वर्षा हुई।
विभाग ने 10 अक्टूबर को बिहार में कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई है। तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल और लक्षद्वीप के कुछ हिस्सों में भी भारी बारिश हो सकती है। केरल और माहे में 10 अक्टूबर को बारिश की संभावना है।
मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में आंधी-बिजली की चेतावनी
मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में 10 अक्टूबर को गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका जताई गई। मौसम विभाग के भोपाल केंद्र के अनुसार, पूर्वी मध्य प्रदेश के लिए आंधी-तूफान और बिजली से संबंधित चेतावनी जारी थी, जबकि पश्चिमी मध्य प्रदेश के लिए उस दिन कोई चेतावनी नहीं थी।
मौसम विभाग ने पूर्वी मध्य प्रदेश में कुछ स्थानों पर बारिश की संभावना भी जताई है। किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने तथा बिजली चमकने के दौरान खुले मैदानों में जाने से बचने की सलाह दी जाती है।
ओडिशा और पूर्वोत्तर भारत में भी गरज-चमक का खतरा
मौसम विभाग के अनुसार, ओडिशा में 10 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर गरज-चमक, बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। हवा के झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।
अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में भी गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी मौसम खराब रहने की संभावना है। विभाग ने लोगों को तेज हवाओं के दौरान कमजोर ढांचों और पेड़ों के पास खड़े होने से बचने की सलाह दी है।
उत्तराखंड के बागेश्वर में 2.8 तीव्रता का भूकंप
राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार, 10 अक्टूबर को उत्तराखंड के बागेश्वर क्षेत्र में 2.8 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। इसका समय दोपहर 3 बजकर 40 मिनट 53 सेकंड दर्ज किया गया।
इसी दिन मणिपुर के नोनी क्षेत्र में 2.7 तीव्रता और मेघालय के पश्चिम खासी हिल्स क्षेत्र में 2.6 तीव्रता के भूकंप भी रिकॉर्ड किए गए। ये कम तीव्रता के भूकंपीय घटनाक्रम थे। उपलब्ध रिकॉर्ड में इन घटनाओं से बड़े नुकसान की पुष्टि नहीं की गई है।
गुजरात के भरूच में भी दर्ज हुए भूकंप के झटके
राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के रिकॉर्ड में 10 अक्टूबर की सुबह गुजरात के भरूच क्षेत्र में 3.1 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। यह घटना सुबह 2 बजकर 7 मिनट के आसपास हुई थी और इसका केंद्र भरूच के उत्तर-पूर्व में बताया गया।
भूकंप की तीव्रता कम थी। हालांकि, किसी भी भूकंपीय घटना के प्रभाव का आकलन स्थानीय परिस्थितियों, केंद्र की गहराई और आबादी से दूरी के आधार पर किया जाता है।
क्या 10 अक्टूबर को ओलावृष्टि का भी अलर्ट है?
मौसम विभाग की 10 अक्टूबर की राष्ट्रीय प्रेस विज्ञप्ति में जिन प्रमुख चेतावनियों का उल्लेख है, उनमें भारी बारिश, गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं की संभावना शामिल है। इस विज्ञप्ति में ओलावृष्टि की कोई स्पष्ट चेतावनी दर्ज नहीं है।
इसलिए फिलहाल ओले गिरने की पुष्टि या देशव्यापी ओलावृष्टि अलर्ट का दावा करना उचित नहीं होगा। स्थानीय स्तर पर मौसम तेजी से बदल सकता है, इसलिए जिलेवार अपडेट देखना जरूरी है।
खराब मौसम में सावधानी बरतने की सलाह
मौसम विभाग ने तेज बारिश और आंधी की स्थिति में लोगों को सुरक्षित स्थान पर रहने की सलाह दी है। बिजली चमकने के दौरान पेड़ों के नीचे खड़े होने, खुले मैदान में रहने और जलाशयों के पास जाने से बचना चाहिए। किसानों को खेतों में जलभराव रोकने और कटी हुई फसल को सुरक्षित रखने की व्यवस्था करनी चाहिए।
