नई दिल्ली, 26 अक्टूबर 2026। राजधानी दिल्ली के उत्तर-पूर्वी इलाके हर्ष विहार में निर्माणाधीन मकान का हिस्सा ढहने से दर्दनाक हादसा हो गया। रविवार, 25 अक्टूबर की शाम मिलन गार्डन इलाके में हुए इस हादसे में 60 वर्षीय चंद्रपाल और उनके 33 वर्षीय बेटे विजय कुमार की मौत हो गई। दोनों को रातभर चले राहत एवं बचाव अभियान के दौरान मलबे से निकाला गया। उन्हें गुरु तेग बहादुर (GTB) अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद इलाके में शोक का माहौल है।
शाम को अचानक ढह गया मकान का हिस्सा
जानकारी के अनुसार, रविवार शाम करीब 6 बजकर 46 मिनट पर पुलिस को हर्ष विहार के मिलन गार्डन स्थित मकान का हिस्सा गिरने की सूचना मिली। शुरुआती जांच में सामने आया कि पुरानी इमारत के भूतल और उसके ऊपर बने हिस्से को नुकसान पहुंचा। इमारत में निर्माण कार्य चल रहा था और अतिरिक्त मंजिल बनाने की तैयारी की जा रही थी।
हादसे के बाद आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। मलबे में लोगों के दबे होने की आशंका के चलते तुरंत बचाव अभियान शुरू किया गया।
पिता-पुत्र की मलबे में दबने से मौत
इस हादसे में जान गंवाने वाले चंद्रपाल की उम्र 60 वर्ष थी, जबकि उनके बेटे विजय कुमार की उम्र 33 वर्ष बताई गई है। दोनों हर्ष विहार की गली नंबर 14 के निवासी थे।
रातभर चले रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान बचाव दल ने दोनों को मलबे से बाहर निकाला। उन्हें तत्काल GTB अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। पिता और बेटे की एक साथ मौत की खबर से परिवार और आसपास के लोगों में शोक छा गया।
NDRF और दमकल विभाग ने संभाला मोर्चा
हादसे की गंभीरता को देखते हुए दमकल विभाग, दिल्ली पुलिस, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) की टीमें राहत एवं बचाव कार्य में जुटीं। घटनास्थल पर एंबुलेंस और क्रेन भी तैनात की गईं। सिविल डिफेंस के स्वयंसेवकों ने भी अभियान में सहयोग किया।
बचाव दल ने मलबा हटाकर अंदर फंसे लोगों की तलाश की। सोमवार सुबह तक भी घटनास्थल पर तलाशी और मलबा हटाने की कार्रवाई को लेकर अलग-अलग रिपोर्टें सामने आईं। कुछ रिपोर्टों में एक अन्य व्यक्ति की तलाश जारी होने, जबकि कुछ में तीन शव मिलने का उल्लेख किया गया। इसलिए मृतकों की कुल संख्या और बचाव अभियान की अंतिम स्थिति की आधिकारिक पुष्टि महत्वपूर्ण है।
निर्माण कार्य के दौरान हादसा कैसे हुआ?
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, पुरानी इमारत में अतिरिक्त मंजिल बनाने का काम चल रहा था। शुरुआती रिपोर्टों में बताया गया कि निर्माण कार्य रविवार सुबह शुरू हुआ था और शाम तक काम का एक चरण पूरा कर लिया गया था। इसके कुछ समय बाद इमारत का हिस्सा ढह गया।
हालांकि, मकान का हिस्सा गिरने की सटीक वजह अभी स्पष्ट नहीं हुई है। यह जांच का विषय है कि हादसा इमारत की संरचनात्मक स्थिति, निर्माण प्रक्रिया या किसी अन्य कारण से हुआ। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और संबंधित कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
निर्माण स्थलों की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
दिल्ली में पुरानी इमारतों और निर्माणाधीन मकानों से जुड़े हादसे चिंता का विषय बने हुए हैं। हर्ष विहार की घटना ने एक बार फिर निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा इंतजामों और इमारतों की मजबूती की जांच की आवश्यकता को उजागर किया है।
निर्माण के समय भवन की संरचना का तकनीकी आकलन, निर्धारित मानकों का पालन और श्रमिकों के लिए आवश्यक सुरक्षा उपाय बेहद जरूरी हैं। हालांकि, इस मामले में किसी विशेष सुरक्षा चूक की अभी पुष्टि नहीं हुई है। इसका पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा।
