मार्च में ही भीषण गर्मी का कहर, देश के कई राज्यों में 40°C के पार तापमान

24 मार्च 2026

मार्च की शुरुआत में ही देश के कई हिस्सों में भीषण गर्मी ने दस्तक दे दी है। महाराष्ट्र के विदर्भ, गुजरात और राजस्थान में तापमान तेजी से बढ़कर 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया है, जिससे हीटवेव जैसी स्थिति बन गई है।

किन क्षेत्रों में सबसे ज्यादा असर

मौसम विभाग के अनुसार, सबसे ज्यादा गर्मी इन क्षेत्रों में दर्ज की जा रही है:

  • विदर्भ (महाराष्ट्र)
  • सौराष्ट्र और कच्छ (गुजरात)
  • पश्चिमी राजस्थान

इन इलाकों में तापमान सामान्य से 4 से 8 डिग्री सेल्सियस तक अधिक रिकॉर्ड किया गया है।

तापमान का हाल

24 मार्च 2026 को विदर्भ के अकोला में दोपहर 2:30 बजे (IST) तापमान 39.1°C दर्ज किया गया।

इससे पहले, 11 मार्च तक ही राजस्थान, महाराष्ट्र और गुजरात के 14 से ज्यादा शहरों में तापमान 40°C के पार पहुंच चुका था, जो इस मौसम के लिए असामान्य है।

इतनी जल्दी क्यों बढ़ी गर्मी

विशेषज्ञों के मुताबिक, इस साल फरवरी महीने ने रिकॉर्ड तोड़ दिए।

  • फरवरी 2026 पिछले 125 वर्षों में सबसे ज्यादा गर्म और सूखा रहा
  • सूखा मौसम और एंटी-साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण तापमान तेजी से बढ़ा
  • इसी वजह से मार्च में ही हीटवेव जैसी स्थिति बन गई

स्वास्थ्य पर खतरा

तेज गर्मी और लू के कारण लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता है।

  • हीटस्ट्रोक का खतरा बढ़ा
  • तेज धूप में लंबे समय तक रहने से डिहाइड्रेशन
  • बुजुर्गों और बच्चों के लिए अधिक जोखिम

मौसम विभाग की चेतावनी

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

  • दोपहर 12 बजे से 4 बजे तक धूप में निकलने से बचें
  • ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं
  • हल्के और ढीले कपड़े पहनें
  • धूप में बाहर जाते समय सिर को ढककर रखें

निष्कर्ष

मार्च में ही इस तरह की भीषण गर्मी चिंता का विषय है। अगर यही स्थिति बनी रही तो आने वाले महीनों में गर्मी और अधिक खतरनाक हो सकती है। ऐसे में जरूरी है कि लोग सावधानी बरतें और मौसम विभाग की सलाह का पालन करें।