राजधानी भोपाल में न्यूनतम तापमान 3.8°C तक गिर गया है,

मध्य प्रदेश के अधिकांश हिस्से इन दिनों बर्फीली हवाओं और घने कोहरे की चपेट में हैं। कड़ाके की ठंड और शीतलहर (Cold Wave) ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। राजधानी भोपाल सहित प्रदेश के कई जिलों में रात का तापमान सामान्य से 5 से 7 डिग्री नीचे गिर गया है, जिससे ठिठुरन बढ़ गई है।

भोपाल में एक दशक की सबसे ठंडी रात

राजधानी भोपाल में ठंड ने पिछले 10 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। यहाँ न्यूनतम तापमान 3.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो साल 2015 के बाद सबसे कम है। रात के साथ-साथ दिन के तापमान में भी भारी गिरावट देखी गई है, जिससे दिन में भी ‘सीवियर कोल्ड डे’ जैसी स्थिति बनी हुई है।

राजगढ़ और ग्वालियर-चंबल में ‘जमी’ बर्फ

प्रदेश के ग्रामीण अंचलों में ठंड का असर और भी भयावह है।

  • राजगढ़ जिला प्रदेश में सबसे ठंडा रहा, जहाँ पारा लुढ़ककर 2 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया है।
  • ग्वालियर, दतिया और छतरपुर में ओस की बूंदें जमने की खबरें आ रही हैं। खेतों में पाला पड़ने की आशंका से किसान अपनी फसलों को लेकर चिंतित हैं।

घने कोहरे से थमी रफ्तार: विजिबिलिटी 20 मीटर से कम

कोहरे ने प्रदेश के परिवहन तंत्र को अस्त-व्यस्त कर दिया है:

  • रेल यातायात: घने कोहरे के कारण दिल्ली-मुंबई और दिल्ली-चेन्नई रूट की लगभग 25 से ज्यादा ट्रेनें अपने निर्धारित समय से 5 से 10 घंटे की देरी से चल रही हैं।
  • सड़क मार्ग: ग्वालियर-झांसी हाईवे और भोपाल-इंदौर एक्सप्रेसवे पर दृश्यता (Visibility) महज 20 मीटर रह गई है, जिससे वाहन चालकों को दिन में भी हेडलाइट जलाकर रेंगना पड़ रहा है।

प्रशासन का बड़ा फैसला: स्कूलों में छुट्टियां

बढ़ती ठंड और बच्चों के स्वास्थ्य को देखते हुए प्रदेश के अधिकांश कलेक्टरों ने कड़े निर्देश जारी किए हैं:

आंगनबाड़ियों के समय में भी परिवर्तन किया गया है। 

भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और उज्जैन समेत कई जिलों में कक्षा 8वीं तक के स्कूलों को बंद रखने के आदेश दिए गए हैं।