नई दिल्ली | 10 फरवरी 2026
गाजियाबाद में AQI 289 तक पहुंचा, दिल्ली में 60 अंकों की छलांग के साथ 249
खराब हवा से बढ़ी लोगों की परेशानी, प्रशासन अलर्ट
नई दिल्ली।
दिल्ली-एनसीआर में एक बार फिर वायु प्रदूषण ने गंभीर रूप अख्तियार कर लिया है। बीते 24 घंटों में प्रदूषण के स्तर में तेज़ बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे आम लोगों की सांसों पर संकट गहराता नजर आ रहा है। गाजियाबाद में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 289 तक पहुंच गया है, जो ‘खराब’ श्रेणी के बेहद करीब है, जबकि दिल्ली में AQI 60 अंकों की बढ़ोतरी के साथ 249 दर्ज किया गया है।
एनसीआर के अन्य इलाकों में भी बिगड़ी हवा
केवल दिल्ली और गाजियाबाद ही नहीं, बल्कि
नोएडा,
ग्रेटर नोएडा,
फरीदाबाद
जैसे इलाकों में भी हवा की गुणवत्ता लगातार बिगड़ रही है। कई जगहों पर AQI 250 के आसपास बना हुआ है, जो स्वास्थ्य के लिए खतरनाक माना जाता है।
प्रदूषण बढ़ने के प्रमुख कारण
विशेषज्ञों के अनुसार, प्रदूषण में अचानक उछाल के पीछे कई कारण हैं—
हवा की गति का धीमा होना,
तापमान में गिरावट,
वाहनों से निकलने वाला धुआं,
निर्माण कार्यों से उड़ने वाली धूल,
और आसपास के क्षेत्रों में पराली जलाने की घटनाएं।
इन कारणों से प्रदूषक कण वातावरण में ही फंसे रह जा रहे हैं, जिससे हवा साफ नहीं हो पा रही।
स्वास्थ्य पर पड़ रहा असर
खराब हवा का असर सबसे ज्यादा
बच्चों,
बुजुर्गों,
अस्थमा और सांस की बीमारी से पीड़ित लोगों
पर पड़ रहा है। अस्पतालों में सांस लेने में तकलीफ, आंखों में जलन, खांसी और एलर्जी के मामलों में बढ़ोतरी देखी जा रही है।
डॉक्टरों ने लोगों को सुबह-शाम खुले में टहलने से बचने, मास्क पहनने और घर के अंदर रहने की सलाह दी है।
प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण एजेंसियां सतर्क
प्रदूषण के बढ़ते स्तर को देखते हुए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और प्रशासन अलर्ट मोड में हैं। जरूरत पड़ने पर
निर्माण कार्यों पर रोक,
डीजल जनरेटर के इस्तेमाल पर नियंत्रण,
और ट्रैफिक प्रबंधन को सख्त करने
जैसे कदम उठाए जा सकते हैं।
लोगों से अपील
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि
निजी वाहनों के बजाय सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें,
कचरा और पत्तियां न जलाएं,
निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण के उपाय अपनाएं।
आगे क्या?
मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले कुछ दिनों तक हवा की गति धीमी रहने की संभावना है, जिससे प्रदूषण से तत्काल राहत मिलने के आसार कम हैं। यदि हालात और बिगड़ते हैं तो ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के तहत सख्त कदम उठाए जा सकते हैं।
निष्कर्ष
दिल्ली-एनसीआर में बढ़ता वायु प्रदूषण एक बार फिर गंभीर चिंता का विषय बन गया है। गाजियाबाद और दिल्ली में AQI का खतरनाक स्तर यह संकेत दे रहा है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले दिनों में हालात और बिगड़ सकते हैं। ऐसे में प्रशासन और आम लोगों—दोनों की साझा जिम्मेदारी बनती है कि प्रदूषण पर लगाम लगाई जाए।

