उत्तर प्रदेश में वायु गुणवत्ता सुधार के लिए वर्ल्ड बैंक और भारत सरकार के बीच समझौता, 300 मिलियन डॉलर का प्रोग्राम शुरू

16 मार्च 2026

उत्तर प्रदेश में वायु प्रदूषण को कम करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। वर्ल्ड बैंक, भारत सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार के बीच एक अहम समझौते पर हस्ताक्षर किए गए हैं, जिसके तहत राज्य में स्वच्छ हवा और पर्यावरण सुधार के लिए व्यापक योजना लागू की जाएगी।

क्या है क्लीन एयर मैनेजमेंट प्रोग्राम

इस समझौते के तहत उत्तर प्रदेश क्लीन एयर मैनेजमेंट प्रोग्राम शुरू किया जाएगा, जिसकी कुल लागत लगभग 299.66 मिलियन डॉलर है।

इस योजना का उद्देश्य परिवहन, कृषि और उद्योग जैसे प्रमुख क्षेत्रों में सुधार कर वायु गुणवत्ता को बेहतर बनाना है। इसके साथ ही यह कार्यक्रम युवाओं और महिलाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा।

वायु गुणवत्ता निगरानी पर जोर

कार्यक्रम के तहत राज्य में करीब 200 नए एयर क्वालिटी मॉनिटर लगाए जाएंगे। इनसे मिलने वाला डेटा उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को भेजा जाएगा, जिससे प्रदूषण की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा सकेगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बयान

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश तेजी से 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है और इसमें पर्यावरण संतुलन की अहम भूमिका है।

उन्होंने कहा कि विकास केवल GDP से नहीं, बल्कि स्वच्छ हवा, स्वस्थ नागरिक और बेहतर पर्यावरण से भी मापा जाएगा।

निजी निवेश और रोजगार के अवसर

वर्ल्ड बैंक के अनुसार, इस कार्यक्रम के जरिए लगभग 150 मिलियन डॉलर का निजी निवेश भी आकर्षित किया जाएगा, खासकर परिवहन और MSME सेक्टर में।

इसमें इलेक्ट्रिक बसों और थ्री-व्हीलर्स को बढ़ावा देने, उद्योगों में स्वच्छ तकनीक अपनाने और उत्सर्जन निगरानी प्रणाली विकसित करने पर जोर दिया जाएगा।

किसानों और घरेलू स्तर पर भी लाभ

इस योजना से करीब 39 लाख परिवारों को स्वच्छ ईंधन (क्लीन कुकिंग) की सुविधा मिलेगी।

इसके अलावा 700 से अधिक ईंट भट्टों को आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल तकनीक में बदला जाएगा और किसानों को उर्वरकों के बेहतर उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

अंतरराष्ट्रीय सहयोग का हिस्सा

यह कार्यक्रम वर्ल्ड बैंक के रीजनल एयर क्वालिटी मैनेजमेंट प्रोग्राम का हिस्सा है, जो इंडो-गंगेटिक प्लेन्स और हिमालयी क्षेत्रों में प्रदूषण कम करने के लिए चलाया जा रहा है।

इस योजना की अवधि 10 वर्ष होगी, जिसमें शुरुआती 2 साल की ग्रेस पीरियड भी शामिल है।

निष्कर्ष: उत्तर प्रदेश में वायु प्रदूषण से निपटने के लिए वर्ल्ड बैंक और सरकार के बीच हुआ यह समझौता एक महत्वपूर्ण पहल है। इससे न सिर्फ पर्यावरण में सुधार होगा, बल्कि रोजगार, स्वास्थ्य और आर्थिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।