श्री महाकालेश्वर मंदिर में नई व्यवस्था: अब संध्या और शयन आरती के लिए भी ऑनलाइन बुकिंग अनिवार्य

उज्जैन | 20 फरवरी 2026


मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित विश्वप्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन व्यवस्था को लेकर बड़ा बदलाव किया गया है। मंदिर प्रशासन ने भस्म आरती की तर्ज पर अब संध्या आरती और शयन आरती के लिए भी ऑनलाइन बुकिंग अनिवार्य करने का निर्णय लिया है। नई व्यवस्था के अनुसार इन दोनों आरतियों में शामिल होकर दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं को प्रति व्यक्ति 250 रुपये शुल्क देना होगा। प्रशासन का कहना है कि इससे भीड़ नियंत्रण, सुरक्षा व्यवस्था और दर्शन प्रक्रिया को अधिक सुव्यवस्थित बनाया जा सकेगा।

मंदिर समिति के अधिकारियों के मुताबिक अभी तक संध्या और शयन आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु बिना पूर्व पंजीकरण के पहुंच जाते थे, जिससे परिसर में अत्यधिक भीड़ और अव्यवस्था की स्थिति बन जाती थी। कई बार श्रद्धालुओं को लंबा इंतजार करना पड़ता था और सुरक्षा व्यवस्थाओं पर भी दबाव बढ़ जाता था। ऑनलाइन बुकिंग प्रणाली लागू होने से श्रद्धालु पहले से समय स्लॉट तय कर सकेंगे और मंदिर प्रशासन को भी भीड़ प्रबंधन में सुविधा होगी।

नई व्यवस्था के तहत जो श्रद्धालु ऑनलाइन स्लॉट बुक करेंगे, उन्हें आरती के दौरान निर्धारित स्थान पर बैठकर दर्शन का अवसर मिलेगा, जबकि बिना बुकिंग वाले श्रद्धालु केवल चलते-चलते सामान्य दर्शन ही कर सकेंगे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह निर्णय किसी प्रकार की पाबंदी नहीं बल्कि व्यवस्था सुधार के उद्देश्य से लिया गया है, ताकि श्रद्धालुओं को अधिक सुगम और व्यवस्थित आध्यात्मिक अनुभव मिल सके।

मंदिर समिति ने यह भी बताया कि ऑनलाइन बुकिंग पोर्टल जल्द ही सक्रिय कर दिया जाएगा और श्रद्धालुओं को वेबसाइट या आधिकारिक ऐप के माध्यम से स्लॉट चयन की सुविधा मिलेगी। साथ ही वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग भक्तों के लिए अलग से विशेष प्रावधानों पर भी विचार किया जा रहा है।

धार्मिक और पर्यटन दृष्टि से महत्वपूर्ण इस फैसले को लेकर स्थानीय स्तर पर मिली-जुली प्रतिक्रिया सामने आ रही है—कुछ लोग इसे व्यवस्थागत सुधार मान रहे हैं, जबकि कुछ श्रद्धालुओं का कहना है कि आरती दर्शन पर शुल्क से आम भक्तों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।