भोपाल | 14 अक्टूबर 2026
भोपाल के गोविंदपुरा औद्योगिक क्षेत्र में लंबे समय से स्ट्रीट लाइटों की कमी और अंधेरे की समस्या से परेशान व्यापारियों ने खुद पहल करते हुए करीब 600 स्ट्रीट लाइटें लगवाई हैं। व्यापारियों के मुताबिक, औद्योगिक क्षेत्र से नगर निगम को हर साल लगभग 7 करोड़ रुपये का टैक्स मिलता है, इसके बावजूद पिछले पांच वर्षों से क्षेत्र की कई सड़कों पर पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था नहीं थी। ऐसे में कारोबारियों को अपने स्तर पर व्यवस्था करनी पड़ी।
पांच साल से अंधेरे से परेशान थे व्यापारी
गोविंदपुरा औद्योगिक क्षेत्र भोपाल के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में शामिल है। यहां कई फैक्ट्रियां, छोटे-बड़े उद्योग, गोदाम और व्यावसायिक प्रतिष्ठान संचालित होते हैं। प्रतिदिन बड़ी संख्या में कर्मचारी, कारोबारी, मालवाहक वाहन और अन्य लोग यहां आते-जाते हैं। ऐसे क्षेत्र में सड़कों पर पर्याप्त रोशनी होना सुरक्षा और आवागमन के लिहाज से जरूरी माना जाता है।
व्यापारियों के अनुसार, पिछले करीब पांच वर्षों से औद्योगिक क्षेत्र की कई सड़कों पर अंधेरे की समस्या बनी हुई थी। रात के समय काम करने वाले कर्मचारियों, उद्योगों से निकलने वाले वाहनों और देर तक खुले रहने वाले प्रतिष्ठानों को परेशानी का सामना करना पड़ता था। इसी समस्या को देखते हुए व्यापारियों ने सामूहिक रूप से स्ट्रीट लाइट लगाने का निर्णय लिया।
व्यापारियों ने अपने स्तर पर लगवाईं 600 लाइटें
क्षेत्र में रोशनी की व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए व्यापारियों ने करीब 600 स्ट्रीट लाइटें लगवाई हैं। इस पहल का उद्देश्य अंधेरे वाले हिस्सों में रोशनी बढ़ाना और रात के समय कर्मचारियों तथा कारोबारियों के आवागमन को सुविधाजनक बनाना है।
व्यापारियों की यह पहल स्थानीय बुनियादी सुविधाओं को लेकर औद्योगिक क्षेत्र की जरूरतों को भी सामने लाती है। औद्योगिक क्षेत्रों में बेहतर सड़क, प्रकाश व्यवस्था, सुरक्षा और साफ-सफाई जैसी सुविधाएं उद्योगों के सुचारु संचालन के लिए महत्वपूर्ण होती हैं।
टैक्स वसूली और सुविधाओं को लेकर उठे सवाल
व्यापारियों का कहना है कि गोविंदपुरा औद्योगिक क्षेत्र से नगर निगम को हर साल लगभग 7 करोड़ रुपये का टैक्स मिलता है। इसके बावजूद यदि सड़क प्रकाश जैसी बुनियादी सुविधा के लिए कारोबारियों को स्वयं खर्च करना पड़े, तो यह व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।
हालांकि, टैक्स वसूली और स्ट्रीट लाइटों की जिम्मेदारी से संबंधित आधिकारिक आंकड़ों तथा नगर निगम के पक्ष की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है। यह भी स्पष्ट होना आवश्यक है कि औद्योगिक क्षेत्र की किन सड़कों पर स्ट्रीट लाइटों के रखरखाव या स्थापना की जिम्मेदारी नगर निगम, औद्योगिक विकास प्राधिकरण अथवा किसी अन्य विभाग की है।
नियमित रखरखाव भी जरूरी
स्ट्रीट लाइटें लगाने के बाद उनकी नियमित देखरेख, खराब लाइटों की मरम्मत और बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना भी महत्वपूर्ण होगा। व्यापारियों की पहल से क्षेत्र में रोशनी की समस्या कम करने में मदद मिल सकती है, लेकिन लंबे समय तक व्यवस्था बनाए रखने के लिए संबंधित विभागों और औद्योगिक संगठनों के बीच समन्वय आवश्यक है।
गोविंदपुरा औद्योगिक क्षेत्र में व्यापारियों द्वारा की गई यह पहल बुनियादी सुविधाओं की जरूरत को रेखांकित करती है। अब क्षेत्र के कारोबारियों की अपेक्षा होगी कि संबंधित विभाग सड़क प्रकाश सहित अन्य जरूरी सुविधाओं के लिए प्रभावी व्यवस्था करें, ताकि उद्योगों और कर्मचारियों को रोजमर्रा की परेशानियों से राहत मिल सके।
