मप्र में प्रशासनिक गरमाहट और ‘किसान’ अवतार: पूर्व मंत्री से नोकझोंक पर बोले अफसर- ‘तमीज से बात कीजिए’; भाजपा के अवैध पोस्टर हटाने पर दिग्विजय सिंह ने दी शाबाशी, उधर धान के खेत में उतरे केंद्रीय मंत्री शिवराज

स्थान: भोपाल/विदिशा

दिनांक: 26 जून, 2026

विशेष ब्यूरो, भोपाल:

मध्य प्रदेश के सियासी गलियारों से लेकर ग्रामीण धरातल तक बीते 24 घंटे बेहद हलचल भरे रहे हैं। सूबे की राजधानी भोपाल में जहां अवैध पोस्टरों को हटाने को लेकर एक कड़क प्रशासनिक अधिकारी और भाजपा के पूर्व मंत्री के बीच तीखी बहस हो गई, वहीं प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने इस प्रशासनिक कार्रवाई की खुलकर तारीफ की है। दूसरी तरफ, मध्य प्रदेश की राजनीति से निकलकर दिल्ली की सत्ता संभाल रहे केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान एक बार फिर अपने पुराने ‘किसान’ अंदाज में नजर आए, जब वे विदिशा के गांवों में सीधे धान के खेतों में उतर गए।

1. “मुझसे तमीज से बात कीजिए” — जब भाजपा के पूर्व मंत्री पर बिफरे निगम अधिकारी

भोपाल नगर निगम के अतिक्रमण हटाओ दस्ते और जिला प्रशासन की एक संयुक्त टीम शहर के वीआईपी और संवेदनशील इलाकों में वीआईपी रोड और लिंक रोड के आसपास लगे अवैध होर्डिंग्स और राजनीतिक विज्ञापनों को हटाने की कार्रवाई कर रही थी।

  • क्या था विवाद?: इसी दौरान भाजपा के एक पूर्व कैबिनेट मंत्री और वरिष्ठ नेता अपने समर्थकों के साथ मौके पर पहुंच गए। उन्होंने कार्यकर्ताओं के स्वागत में लगाए गए भाजपा के पोस्टरों और होर्डिंग्स को हटाए जाने का कड़ा विरोध किया। पूर्व मंत्री ने तल्ख लहजे में अधिकारी से कहा, “आप लोग सिर्फ हमारी पार्टी के ही बैनर क्यों निशाना बना रहे हैं? यह सीधे तौर पर ज्यादती है।”
  • अफसर का दोटूक जवाब: पूर्व मंत्री के ऊंचे स्वर और उंगली दिखाकर बात करने के अंदाज पर ड्यूटी पर तैनात प्रशासनिक अधिकारी (एडीएम/निगम उपायुक्त) बिफर गए। उन्होंने बेहद सख्त लहजे में बीच सड़क पर नेता जी से कहा, “आप कानून अपना काम करने दीजिए और मुझसे बात करते समय अपनी भाषा का ध्यान रखिए, तमीज से बात कीजिए। हम केवल नियमों के तहत अवैध अतिक्रमण और पोस्टर हटा रहे हैं, इसमें कोई राजनीतिक भेदभाव नहीं है।” इस तीखी नोकझोंक का वीडियो सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह फैल गया है।

2. दिग्विजय सिंह ने दी पीठ थपथपाई: “नियम सबके लिए बराबर होने चाहिए”

इस पूरे घटनाक्रम के सामने आने के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने तत्काल प्रतिक्रिया देते हुए सोशल मीडिया पर उक्त निडर अधिकारी की पीठ थपथपाई है।

दिग्विजय सिंह की शाबाशी:

पूर्व मुख्यमंत्री ने वीडियो को री-ट्वीट करते हुए लिखा, “शाबाश! मध्य प्रदेश की नौकरशाही में आज भी ऐसे ईमानदार और जांबाज अधिकारियों की जरूरत है जो सत्ता के रसूख के आगे घुटने नहीं टेकते। कानून का पालन कराना हर लोक सेवक का कर्तव्य है, चाहे सामने कोई पूर्व मंत्री हो या रसूखदार नेता। भोपाल नगर निगम और जिला प्रशासन को इस निष्पक्ष कार्रवाई के लिए बधाई।” कांग्रेस के अन्य नेताओं ने भी इस बहाने भाजपा सरकार पर सरकारी काम में दखलअंदाजी करने का आरोप लगाया है।

3. सूट-बूट छोड़ सीधे धान के कीचड़ और खेत में उतरे ‘अपने’ शिवराज

इन राजनीतिक शह-मात के खेल के बीच, देश के केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान मध्य प्रदेश के विदिशा जिले के ग्रामीण दौरों पर बिल्कुल अलग और देसी अंदाज में दिखाई दिए। कृषि मंत्री का पदभार संभालने के बाद से ही देशव्यापी ‘खेत बचाओ अभियान’ का नेतृत्व कर रहे शिवराज सिंह ने प्रोटोकॉल तोड़कर विदिशा के एक गांव में सीधे धान के खेत का रुख किया।

  • वैज्ञानिकों के साथ ग्राउंड जीरो पर निरीक्षण: शिवराज सिंह ने हाल ही में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) द्वारा विकसित की गई धान की नई उन्नत किस्मों (जैसे ‘कमला’ डीआरआर-100) की जमीनी प्रगति देखने के लिए खुद खेत में कदम रखा। उन्होंने वैज्ञानिकों से इसके उत्पादन और कम पानी में तैयार होने की तकनीक पर चर्चा की।
  • मशीनी रोपाई का लाइव डेमो: कृषि मंत्री ने खेतों में आधुनिक पैडी ट्रांसप्लान्टर (धान रोपाई मशीन) का खुद निरीक्षण किया और स्थानीय किसानों के साथ बैठकर उनकी समस्याओं को सुना।

शिवराज सिंह चौहान ने खेतों के बीच से ही किसानों को संबोधित करते हुए कहा, “मैं दिल्ली में बैठकर सिर्फ फाइलें नहीं देखूँगा। खेती की असली हकीकत खेतों के कीचड़ और पसीने में ही समझ आती है। हमारा लक्ष्य नई और मूल्य-आधारित तकनीकों (Quality-Based Pricing) के जरिए किसानों की लागत को आधा करना और उनकी आय को दोगुना करना है।”

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