स्थान: अयोध्या
दिनांक: 26 जून, 2026
विशेष संवाददाता, अयोध्या:
राम नगरी अयोध्या इस समय एक साथ दो बड़े घटनाक्रमों को लेकर देश भर की सुर्खियों में बनी हुई है। एक तरफ जहां श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित किए गए करोड़ों रुपये के चढ़ावे में हेराफेरी (गबन) के मामले में विशेष जांच टीम (SIT) ने बड़ी कार्रवाई की है; वहीं दूसरी तरफ, आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आज होने वाले प्रस्तावित अयोध्या दौरे को लेकर धार्मिक और स्थानीय संगठनों ने मोर्चा खोल दिया है।
1. राम मंदिर चढ़ावा घोटाला: चंपत राय के पूर्व शक्तिशाली सहयोगी टिन्नू यादव समेत 8 पुलिस कस्टडी में
श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के रोजाना के लाखों-करोड़ों रुपये के चढ़ावे में बड़ी वित्तीय हेराफेरी के खेल का पर्दाफाश करते हुए तीन सदस्यीय एसआईटी (SIT) ने मुख्य संदिग्ध राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव समेत कुल 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस आज इन सभी आरोपियों को कड़ी सुरक्षा के बीच स्थानीय अदालत में पेश कर रिमांड की मांग करेगी।
- ड्राइवर से ‘पावरफुल मैन’ बनने का सफर: टिन्नू यादव कभी राम मंदिर क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय का निजी ड्राइवर हुआ करता था। लेकिन धीरे-धीरे उसने मंदिर के सुरक्षा और बैंकिंग ऑपरेशन्स में अपना रसूख बढ़ा लिया।
- 50 करोड़ के गबन का आरोप: जांच में सामने आया है कि टिन्नू यादव मंदिर में गुप्त रूप से सोने-चांदी के आभूषण और नगद दान देने वाले कई बड़े श्रद्धालुओं को रसीद ही नहीं जारी करता था। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव द्वारा इस कथित चोरी का मुद्दा उठाए जाने के बाद शुरू हुई जांच में खुलासा हुआ है कि इस काले धन से टिन्नू यादव ने करोड़ों का आलीशान बंगला और कई बेनामी संपत्तियां खड़ी की हैं। एसआईटी अब आरोपी की जमीन के रिकॉर्ड्स और आभूषणों के लिखित मिलान की जांच कर रही है।
- पत्नी की सफाई: दूसरी ओर, टिन्नू यादव की पत्नी पूनम यादव ने सारे आरोपों को खारिज करते हुए इसे 32 साल की सेवा को बदनाम करने की सोची-समझी साजिश बताया है।
2. भारी विरोध के बीच आज रामलला के दरबार में हाजिरी लगाएंगे अरविंद केजरीवाल
इन प्रशासनिक कार्यवाहियों के बीच आज अयोध्या की राजनीतिक सरगर्मी भी चरम पर है। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल आज रामलला के दर्शन और विशेष पूजा-अर्चना के लिए अयोध्या पहुंच रहे हैं। हालांकि, उनके पहुंचने से पहले ही अयोध्या के पांडा-पुरोहित समाज और ‘सनातन रक्षक संघ’ जैसे कई धार्मिक संगठनों ने उनके इस दौरे का तीखा विरोध शुरू कर दिया है।
राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन:
स्थानीय पुरोहितों और हिंदू संगठनों ने अरविंद केजरीवाल के पूर्व बयानों और राजनीतिक रुख पर कड़ी आपत्ति जताते हुए अयोध्या के क्षेत्राधिकारी (CO) को राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि चुनावी लाभ और सियासी जमीन तलाशने के लिए किए जा रहे इस दौरे का वे कड़ा विरोध करते हैं। हालांकि, आम आदमी पार्टी के स्थानीय नेताओं ने साफ किया है कि अरविंद केजरीवाल का यह दौरा पूरी तरह से उनकी व्यक्तिगत आस्था से जुड़ा हुआ है और वे निर्धारित समय पर ही रामलला के दर्शन करेंगे।
प्रशासन ने दोनों ही संवेदनशील मामलों को देखते हुए राम जन्मभूमि परिसर और उसके आसपास के संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल और अतिरिक्त सुरक्षा घेरा तैनात कर दिया है ताकि कानून व्यवस्था सुचारू बनी रहे।
