नई दिल्ली | 16 अक्टूबर 2026
दिल्ली में इस साल दशहरे पर रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों के साथ 30 फीट ऊंचे कॉकरोच के पुतले का भी दहन किया जाएगा। पीतमपुरा में आयोजित होने वाली श्री केशव रामलीला समिति ने यह अनोखी पहल स्वच्छता का संदेश देने के उद्देश्य से की है। आयोजकों के मुताबिक, कॉकरोच का पुतला गंदगी और मैल का प्रतीक होगा। इसके जरिए लोगों को घरों, गलियों और आसपास के सार्वजनिक स्थानों को साफ रखने के प्रति जागरूक किया जाएगा।
रावण की सेना में शामिल होगा कॉकरोच का पुतला
श्री केशव रामलीला समिति के अनुसार, इस बार रामलीला में पारंपरिक पुतलों के साथ कॉकरोच को भी रावण की सेना में शामिल एक असुर के रूप में दर्शाया जाएगा। दशहरे पर रावण दहन के दौरान इसका भी दहन होगा।
समिति का कहना है कि विजयादशमी का पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। इसी विचार को आगे बढ़ाते हुए कॉकरोच के पुतले के माध्यम से गंदगी और अस्वच्छता जैसी समस्याओं के खिलाफ संदेश देने की कोशिश की जा रही है।
स्वच्छ भारत और स्वच्छ दिल्ली अभियान से जोड़ी पहल
रामलीला समिति के अध्यक्ष और मॉडल टाउन से भाजपा विधायक अशोक गोयल ने बताया कि कॉकरोच का पुतला जलाने का उद्देश्य स्वच्छ भारत और स्वच्छ दिल्ली अभियान के संदेश को मजबूत करना है। उनके अनुसार, घरों और आसपास के वातावरण में फैली गंदगी को दूर करना भी सामाजिक जिम्मेदारी है।
आयोजकों ने स्पष्ट किया है कि यह फैसला किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं लिया गया है। उनका कहना है कि रामलीला के पारंपरिक संदेश के साथ स्वच्छता और साफ-सफाई के महत्व को भी लोगों तक पहुंचाना इस पहल का मकसद है।
पहले भी सामाजिक बुराइयों पर आधारित पुतले जला चुकी है समिति
समिति के अध्यक्ष के मुताबिक, रामलीला में रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पारंपरिक पुतलों के अलावा पहले भी देश और समाज को प्रभावित करने वाली समस्याओं के प्रतीकात्मक पुतले जलाए जाते रहे हैं। इस बार कॉकरोच का चयन गंदगी और अस्वच्छता के प्रतीक के रूप में किया गया है।
इस पहल के जरिए आयोजक लोगों को यह संदेश देना चाहते हैं कि स्वच्छता केवल सरकारी अभियान तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी भी है। घरों के आसपास कचरा जमा न होने देना, कूड़े का सही निपटान करना और सार्वजनिक स्थानों को साफ रखना इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
राजनीतिक चर्चाओं के बीच भी पहल सुर्खियों में
कॉकरोच के पुतले को लेकर यह घोषणा ऐसे समय में सामने आई है, जब दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) नाम से जुड़े विरोध प्रदर्शनों की भी चर्चा हो रही है। इस संयोग के कारण पहल को लेकर सार्वजनिक बहस शुरू हुई है। हालांकि, रामलीला समिति ने राजनीतिक संबंध होने से इनकार करते हुए इसे स्वच्छता अभियान से जुड़ा निर्णय बताया है।
दशहरे पर आकर्षण का केंद्र बनेगा अनोखा पुतला
दशहरे पर रावण दहन देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग रामलीला मैदानों में पहुंचते हैं। इस बार पीतमपुरा में 30 फीट ऊंचे कॉकरोच के पुतले को शामिल किए जाने से आयोजन में एक नया आकर्षण जुड़ने की उम्मीद है।
आयोजकों को उम्मीद है कि इस प्रतीकात्मक दहन के जरिए लोगों तक स्वच्छता का संदेश पहुंचेगा और वे अपने आसपास साफ-सफाई बनाए रखने के लिए प्रेरित होंगे।
