सावधान! व्हाट्सएप पर आया ‘शादी का कार्ड’ खाली कर सकता है

इंदौर | 7 फरवरी 2026

मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर से साइबर अपराध का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। ठगों ने एक कांग्रेस नेता के नाम का इस्तेमाल कर लोगों को डिजिटल शादी के कार्ड भेजे हैं। इस कार्ड के साथ एक लिंक दिया गया है, जिस पर क्लिक करते ही मोबाइल हैक होने और पैसे कटने की खबरें आ रही हैं।

1. कैसे होती है यह ठगी? (Modus Operandi)

साइबर अपराधी व्हाट्सएप पर एक मैसेज भेजते हैं जिसमें लिखा होता है: “हमारे बेटे/बेटी की शादी में आपका स्वागत है, नीचे दिए गए लिंक से डिजिटल कार्ड डाउनलोड करें।”

  • APK फाइल का खतरा: जैसे ही कोई उस लिंक पर क्लिक करता है, मोबाइल में एक ‘APK’ फाइल (मैलवेयर) डाउनलोड हो जाती है।
  • रिमोट एक्सेस: यह फाइल डाउनलोड होते ही आपके फोन का पूरा कंट्रोल (ओटीपी, गैलरी, कॉन्टैक्ट्स) हैकर के पास चला जाता है।
  • अकाउंट साफ: इसके बाद ठग पलक झपकते ही आपके यूपीआई या नेट बैंकिंग के जरिए पैसे उड़ा लेते हैं।

2. इंदौर का मामला: कांग्रेस नेता के नाम का इस्तेमाल

इंदौर में एक स्थानीय कांग्रेस नेता के नाम और फोटो का इस्तेमाल कर फर्जी कार्ड फैलाया गया। चूंकि लोग नेता को जानते थे, इसलिए उन्होंने बिना सोचे-समझे लिंक पर क्लिक कर दिया। जब कई लोगों के पास एक जैसे संदिग्ध मैसेज पहुंचे, तब जाकर इस मामले की शिकायत साइबर सेल में की गई।

3. साइबर एक्सपर्ट्स की चेतावनी

विशेषज्ञों का कहना है कि शादी के सीजन में लोग भावुक होकर कार्ड खोलते हैं, जिसका फायदा ठग उठाते हैं।

  • अज्ञात लिंक: कभी भी अनजान नंबर से आए .apk या .zip फाइल वाले लिंक को न खोलें।
  • परमिशन न दें: अगर कोई फाइल डाउनलोड हो भी जाए, तो उसे ‘इन्स्टॉल’ या ‘एक्सेस’ न दें।

बचाव के लिए क्या करें?

  • अगर आपको किसी परिचित के नंबर से भी ऐसा लिंक मिले, तो पहले उन्हें फोन करके कन्फर्म करें।
  • अपने फोन में Antivirus और Two-Factor Authentication चालू रखें।
  • ठगी होने पर तुरंत 1930 नंबर पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट दर्ज कराएं।

पुलिस का बयान: “इंदौर साइबर सेल इस मामले की जांच कर रही है। शुरुआती जांच में पता चला है कि ये लिंक जामताड़ा और मेवात जैसे इलाकों से ऑपरेट किए जा रहे हैं। जनता से अपील है कि वे डिजिटल कार्ड के लिंक पर क्लिक न करें।”