इंदौर जल त्रासदी: ई-रिक्शा चालक की मौत

इंदौर | 22 जनवरी 2026

मध्य प्रदेश की व्यावसायिक राजधानी इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी के कारण मचा हड़कंप थमने का नाम नहीं ले रहा है। हाल ही में एक ई-रिक्शा चालक, अर्जुन (42 वर्ष) की मौत ने प्रशासन की नींद उड़ा दी है। पिछले कुछ दिनों में इस इलाके से मौत का यह तीसरा मामला बताया जा रहा है।

परिवार का आरोप: “गंदा पानी ही कातिल है”

मृतक अर्जुन के परिजनों का साफ कहना है कि उनकी मौत इलाके में सप्लाई हो रहे दूषित पानी की वजह से हुई है।

  • लक्षण: परिवार के अनुसार, अर्जुन को पिछले कुछ दिनों से लगातार उल्टी, दस्त और पेट दर्द की शिकायत थी।
  • इलाके की स्थिति: भागीरथपुरा के कई घरों में पिछले 15 दिनों से नलों में काला और बदबूदार पानी आ रहा है। परिवार का दावा है कि इसी पानी को पीने से अर्जुन की तबीयत बिगड़ी और अस्पताल ले जाते समय उन्होंने दम तोड़ दिया।

प्रशासन और डॉक्टरों का तर्क: “मौत की वजह कैंसर”

दूसरी ओर, स्वास्थ्य विभाग और एमवाय (MY) अस्पताल के डॉक्टरों ने परिवार के दावों को खारिज किया है।

  • मेडिकल रिपोर्ट: डॉक्टरों का कहना है कि मृतक पहले से ही कैंसर (कार्सिनोमा) से पीड़ित था। उनकी हालत गंभीर थी और मौत की मुख्य वजह बीमारी का बढ़ना है, न कि दूषित पानी।
  • नगर निगम की सफाई: नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि पानी की पाइपलाइनों की जांच की गई है और जहाँ लीकेज था, उसे ठीक कर दिया गया है। उनके अनुसार पानी अब पीने योग्य है।

इलाके में दहशत का माहौल

भागीरथपुरा में स्थिति अभी भी तनावपूर्ण है:

राजनीतिक मुद्दा: कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए इसे ‘प्रशासनिक लापरवाही से हुई हत्या’ करार दिया है।

सैकड़ों लोग बीमार: स्थानीय निवासियों के अनुसार, अब भी दर्जनों लोग निजी और सरकारी अस्पतालों में भर्ती हैं।

विरोध प्रदर्शन: स्थानीय लोगों ने नगर निगम के खिलाफ नारेबाजी की और मांग की है कि जब तक साफ पानी सुनिश्चित नहीं होता, तब तक टैंकरों से सप्लाई की जाए और मृतकों के परिवारों को मुआवजा मिले।