पुलिस लाइन में 12 दिन तक फर्जी जवान बनकर रहा युवक, बैरक में सोया और पुलिसकर्मियों के बीच घूमता रहा

कटिहार (बिहार)। 6 नवंबर

पुलिस की वर्दी, जवानों जैसी दिनचर्या और पुलिस लाइन के भीतर रहने का मौका… बिहार के कटिहार में एक युवक ने कथित तौर पर फर्जी पहचान के सहारे पुलिस विभाग के सुरक्षा घेरे में ही अपनी जगह बना ली। हैरानी की बात यह रही कि वह करीब 12 दिनों तक पुलिस लाइन में रहा और किसी को उसकी असलियत का पता नहीं चला। आखिरकार संदेह होने पर पूछताछ की गई, जिसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ।

आरोपी की पहचान दीपक कुमार के रूप में हुई है। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, वह खुद को SAP (स्पेशल ऑक्जिलरी पुलिस) के जवानों की गाड़ी का ड्राइवर बताकर पुलिस लाइन में रह रहा था।

खुद को SAP जवानों का ड्राइवर बताकर बनाया भरोसा

रिपोर्टों के अनुसार, दीपक कुमार ने पुलिस लाइन में अपनी पहचान SAP जवानों की गाड़ी के ड्राइवर के रूप में बताई थी। इसी दावे के आधार पर वह परिसर में रहने लगा। इस दौरान वह पुलिसकर्मियों के बीच सामान्य रूप से घूमता और जवानों की तरह दिनचर्या का हिस्सा बना रहा।

कुछ रिपोर्टों में उसके बैरक में रहने और जवानों के साथ समय बिताने की जानकारी भी सामने आई है। हालांकि, पुलिस ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि आरोपी को पुलिस लाइन में प्रवेश किस व्यक्ति के माध्यम से मिला था।

शक होने पर खुली फर्जी पहचान की पोल

करीब 12 दिनों तक पुलिस लाइन में रहने के बाद उसकी गतिविधियों को लेकर संदेह पैदा हुआ। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने उससे पूछताछ और पहचान का सत्यापन किया। जांच में उसकी बताई गई पहचान सही नहीं पाई गई और उसे हिरासत में ले लिया गया।

आरोपी मूल रूप से बिहार के सहरसा जिले का रहने वाला बताया जा रहा है। पुलिस अब उसके दस्तावेजों, संपर्कों और पुलिस लाइन में रहने के दौरान की गतिविधियों की जांच कर रही है।

पुलिस लाइन जैसे सुरक्षित परिसर में कैसे मिला प्रवेश?

इस घटना ने पुलिस लाइन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस लाइन ऐसा परिसर होता है, जहां पुलिस बल के जवानों के रहने, प्रशिक्षण और विभागीय गतिविधियों से जुड़े महत्वपूर्ण इंतजाम होते हैं। ऐसे स्थान पर किसी बाहरी व्यक्ति का कई दिनों तक रहना सुरक्षा और पहचान सत्यापन की प्रक्रिया में संभावित चूक की ओर इशारा करता है।

अब जांच का एक अहम पहलू यह है कि दीपक कुमार को परिसर में प्रवेश कैसे मिला और क्या किसी पुलिसकर्मी या कर्मचारी ने उसकी मदद की थी। पुलिस उसके संभावित सहयोगियों और संपर्कों की भी पड़ताल कर रही है।

आरोपी की मंशा जानने में जुटी पुलिस

फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि युवक ने फर्जी पहचान बनाकर पुलिस लाइन में रहने का कदम क्यों उठाया। क्या उसका उद्देश्य केवल वहां ठहरना था या वह किसी अन्य गतिविधि की तैयारी कर रहा था, यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।

दीपक कुमार की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस लाइन की सुरक्षा व्यवस्था और बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश से जुड़े नियमों की समीक्षा पर भी ध्यान दिया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही इस पूरे मामले की अन्य जानकारियां सामने आ सकेंगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *