विजयवाड़ा, आंध्र प्रदेश | 22 अक्टूबर 2026
आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने सोने की कथित अंतरराष्ट्रीय तस्करी के एक नेटवर्क का खुलासा किया है। अधिकारियों ने कार्रवाई के दौरान विदेशी करेंसी और विदेशी मूल का सोना जब्त किया है, जिसकी कुल अनुमानित कीमत 5.84 करोड़ रुपये बताई गई है। इस मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। जांच एजेंसी को संदेह है कि सोने की तस्करी बांग्लादेश से कोलकाता के रास्ते हैदराबाद तक की जा रही थी।
कार के गुप्त चैंबर से मिली विदेशी करेंसी
DRI के हैदराबाद जोनल यूनिट और विजयवाड़ा क्षेत्रीय यूनिट ने खुफिया जानकारी के आधार पर संयुक्त कार्रवाई की। अधिकारियों ने विजयवाड़ा के बाहरी इलाके में एक स्कॉर्पियो गाड़ी को रोका और उसकी तलाशी ली।
तलाशी के दौरान वाहन में विशेष रूप से बनाए गए गुप्त चैंबर से विदेशी करेंसी बरामद हुई। गाड़ी में सवार दो लोगों से पूछताछ की गई। अधिकारियों के मुताबिक, दोनों ने कथित तौर पर बताया कि वे विजयवाड़ा के बाहरी इलाके में तस्करी का सोना पहुंचा चुके थे और बरामद विदेशी मुद्रा उसकी बिक्री से प्राप्त रकम का हिस्सा थी।
बस में सफर कर रहे तीन लोगों से मिला सोना
कार सवार लोगों से मिली जानकारी के आधार पर अधिकारियों ने हैदराबाद की ओर जा रही एक सार्वजनिक बस में सफर कर रहे तीन अन्य संदिग्धों की पहचान की। इसके बाद टोल प्लाजा पर बस को रोककर तलाशी ली गई।
कार्रवाई के दौरान तीन विदेशी मूल के सोने के बिस्कुट बरामद किए गए, जिनका कुल वजन लगभग 3.1 किलोग्राम था। अधिकारियों के अनुसार, सोने को एक पाउच में रखकर आरोपियों की कमर के चारों ओर छिपाया गया था, ताकि जांच के दौरान आसानी से पता न चल सके।
इस तरह अलग-अलग स्थानों पर की गई कार्रवाई में कथित तस्करी से जुड़े पांच लोगों को पकड़ा गया।
5.84 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त
DRI के अनुसार, इस कार्रवाई में कुल 3,147.1 ग्राम विदेशी मूल का सोना, 60,000 अमेरिकी डॉलर और 21,500 यूरो जब्त किए गए। बरामद सोने और विदेशी करेंसी की कुल अनुमानित कीमत लगभग 5.84 करोड़ रुपये है।
| जब्त सामग्री | मात्रा |
|---|---|
| विदेशी मूल का सोना | 3,147.1 ग्राम |
| अमेरिकी डॉलर | 60,000 |
| यूरो | 21,500 |
| कुल अनुमानित कीमत | 5.84 करोड़ रुपये |
अधिकारियों के अनुसार, विदेशी करेंसी को सोने की कथित तस्करी से प्राप्त बिक्री रकम से जोड़कर देखा जा रहा है। मामले में जब्त सामग्री की कानूनी जांच जारी है।
बांग्लादेश से कोलकाता और फिर हैदराबाद तक पहुंचता था सोना
जांच एजेंसी को मिली खुफिया जानकारी के मुताबिक, संदिग्ध नेटवर्क कथित तौर पर बांग्लादेश से विदेशी मूल का सोना भारत में लाकर कोलकाता के रास्ते हैदराबाद तक पहुंचाता था। विजयवाड़ा का इस्तेमाल सोने की डिलीवरी और उससे जुड़ी रकम के लेन-देन के लिए किए जाने की आशंका है।
हालांकि, तस्करी नेटवर्क के सभी सदस्यों, सोने के वास्तविक स्रोत और पूरे कारोबार के तौर-तरीकों का पता लगाने के लिए जांच अभी जारी है। एजेंसी यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क से और कौन-कौन लोग जुड़े हो सकते हैं।
पांचों आरोपी गिरफ्तार, न्यायिक हिरासत में भेजे गए
DRI ने पांचों आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद संबंधित न्यायालय में पेश किया। रिपोर्टों के अनुसार, अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
फिलहाल एजेंसी मामले की आगे जांच कर रही है। जांच के दौरान तस्करी के रास्तों, सोने की खरीद-फरोख्त और विदेशी करेंसी के स्रोत से संबंधित अन्य जानकारियां सामने आने की संभावना है। आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर होगी।
आंध्र प्रदेश में इसी महीने दूसरी बड़ी कार्रवाई
आंध्र प्रदेश में सोने की तस्करी के खिलाफ यह अक्टूबर महीने में DRI की दूसरी बड़ी कार्रवाई बताई गई है। इससे पहले 8 और 9 अक्टूबर की रात विशाखापत्तनम के पास कोलकाता से हैदराबाद जा रही एक कार से लगभग 5.83 किलोग्राम विदेशी मूल का सोना बरामद किया गया था। उस सोने की अनुमानित कीमत करीब 8.98 करोड़ रुपये बताई गई थी और दो लोगों को गिरफ्तार किया गया था।
उस मामले में सोना कार की अगली यात्री सीट के नीचे बनाए गए गुप्त हिस्से में छिपाया गया था। अधिकारियों के अनुसार, शुरुआती जांच में सोने को भारत-बांग्लादेश सीमा के रास्ते देश में लाए जाने की जानकारी सामने आई थी।
