नई दिल्ली | 10 अक्टूबर 2026
मां दुर्गा की आराधना का पावन पर्व शारदीय नवरात्र 11 अक्टूबर, रविवार से शुरू होने जा रहा है। नौ दिनों तक चलने वाले इस पर्व में भक्त मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना करते हैं और व्रत रखते हैं। नवरात्र के पहले दिन घटस्थापना या कलश स्थापना के साथ पूजा की शुरुआत होती है। ऐसे में श्रद्धालु पूजा की तैयारियों के साथ शुभ मुहूर्त जानने में जुटे हैं।
11 अक्टूबर को होगी घटस्थापना
हिंदू पंचांग के अनुसार, आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 10 अक्टूबर की रात 9 बजकर 19 मिनट से शुरू होकर 11 अक्टूबर की रात लगभग 9 बजकर 30 मिनट तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर शारदीय नवरात्र की शुरुआत 11 अक्टूबर से मानी जाएगी।
घटस्थापना का शुभ मुहूर्त
पंचांग के अनुसार, 11 अक्टूबर को घटस्थापना के लिए सुबह का शुभ समय शहर के अनुसार अलग-अलग रहेगा।
- भोपाल: सुबह 6:16 बजे से 10:10 बजे तक।
- दिल्ली: सुबह 6:19 बजे से 10:12 बजे तक।
- मुंबई: सुबह 6:32 बजे से 10:27 बजे तक।
- इंदौर: सुबह 6:22 बजे से 10:16 बजे तक।
यदि सुबह के मुहूर्त में कलश स्थापना नहीं कर पाते हैं, तो भोपाल में अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:43 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक बताया गया है। अन्य शहरों में इसका समय अलग हो सकता है।
घटस्थापना के लिए किन चीजों की जरूरत होगी?
नवरात्र के पहले दिन पूजा के लिए मिट्टी का पात्र, जौ, साफ मिट्टी, जल से भरा कलश, आम या अशोक के पत्ते, नारियल, लाल कपड़ा, रोली, अक्षत, फूल, दीपक और धूप जैसी सामग्री तैयार रखी जाती है। परंपरा के अनुसार सामग्री में थोड़ा अंतर हो सकता है।
कैसे करें कलश स्थापना?
सबसे पहले पूजा स्थल की सफाई करें और मां दुर्गा की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें। इसके बाद मिट्टी के पात्र में मिट्टी और जौ बोएं। कलश में जल भरकर उसमें परंपरा के अनुसार सुपारी, अक्षत और सिक्का रखें। कलश के मुख पर पत्ते लगाकर नारियल स्थापित करें और उसे पूजा स्थल पर रखें।
इसके बाद मां शैलपुत्री की पूजा, दीप प्रज्वलन और दुर्गा मंत्रों का जाप किया जाता है। पूजा की विधि परिवार की परंपरा और स्थानीय पंचांग के अनुसार अपनाई जा सकती है।
नवरात्र के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा
नवरात्र के पहले दिन मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, मां शैलपुत्री की आराधना से भक्तों को शक्ति, धैर्य और स्थिरता की प्रेरणा मिलती है। श्रद्धालु इस दिन व्रत रखकर मां दुर्गा से सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना करते हैं।
