रांची | 9 अक्टूबर 2026
भारतीय क्रिकेट के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी एक बार फिर अपनी आक्रामक बल्लेबाजी को लेकर चर्चा में हैं। वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे टी20 मुकाबले से पहले रांची के जेएससीए स्टेडियम में अभ्यास के दौरान वैभव ने लंबे-लंबे शॉट लगाए। उनके बल्ले से निकले छक्कों ने मैदान पर मौजूद लोगों का ध्यान खींचा। भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर भी नेट्स में उनकी बल्लेबाजी को देखते नजर आए।
नेट्स में दिखा वैभव का आक्रामक अंदाज
15 वर्षीय वैभव ने अभ्यास सत्र में गेंदों को बाउंड्री के पार पहुंचाने पर खास ध्यान दिया। उनके बड़े शॉट देखकर वहां मौजूद पुलिसकर्मियों और मीडिया कर्मियों की भी दिलचस्पी बढ़ गई। सोशल मीडिया पर भी उनके अभ्यास के वीडियो को लेकर चर्चा होने लगी।
हालांकि, नेट्स में शानदार बल्लेबाजी करना और अंतरराष्ट्रीय मुकाबले की प्लेइंग इलेवन में जगह मिलना दो अलग-अलग बातें हैं। वैभव के खेलने पर अंतिम फैसला टीम मैनेजमेंट ही करेगा।
गंभीर का रिएक्शन क्यों हो रहा है वायरल?
अभ्यास सत्र के दौरान गंभीर को वैभव की बल्लेबाजी पर नजर रखते हुए देखा गया। इसी दृश्य ने क्रिकेट फैंस का ध्यान खींचा है। हालांकि, केवल वीडियो में गंभीर को बल्लेबाजी देखते हुए देखकर किसी विशेष प्रतिक्रिया या चयन के फैसले का निष्कर्ष निकालना सही नहीं होगा।
गंभीर पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि प्रतिभाशाली खिलाड़ी को भी टीम में अपने मौके का इंतजार करना पड़ सकता है। उनके अनुसार, प्लेइंग इलेवन का फैसला सोशल मीडिया के दबाव से नहीं, बल्कि टीम की जरूरत और कोच-कप्तान के आकलन से होता है।
क्या दूसरे टी20 में मिलेगा मौका?
भारत और वेस्टइंडीज के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज का दूसरा मुकाबला 9 अक्टूबर को रांची में निर्धारित है। पहले मुकाबले में भारत ने वेस्टइंडीज को आठ विकेट से हराकर सीरीज में 1-0 की बढ़त बनाई थी।
पहले मैच में संजू सैमसन 11 रन बनाकर आउट हुए थे। इसके बाद ओपनिंग संयोजन में बदलाव की चर्चा तेज हुई। ऐसे में वैभव के नेट्स में प्रदर्शन ने उनकी संभावित एंट्री को लेकर उत्सुकता और बढ़ा दी है।
भारतीय टीम के बैटिंग कोच सितांशु कोटक ने भी दूसरे मैच से पहले प्लेइंग इलेवन को लेकर कोई अंतिम पुष्टि नहीं की थी। उन्होंने संकेत दिया कि टीम में शामिल सभी खिलाड़ियों के पास मौका है।
वैभव को अभी क्यों करना पड़ सकता है इंतजार?
गंभीर के मुताबिक, भारतीय टीम लंबे समय से अच्छा प्रदर्शन कर रहे खिलाड़ियों के संयोजन को जल्दबाजी में बदलना नहीं चाहती। संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा जैसे खिलाड़ियों के साथ टीम की निरंतरता बनाए रखना भी चयन प्रक्रिया का हिस्सा है।
वैभव की प्रतिभा और आक्रामक बल्लेबाजी उन्हें मजबूत दावेदार बनाती है, लेकिन अंतिम फैसला मुकाबले की रणनीति और टीम संयोजन पर निर्भर करेगा।
