चमोली, उत्तराखंड | 3 अक्टूबर 2026
उत्तराखंड के चमोली जिले में लंबे वीकेंड के बीच बद्रीनाथ धाम और हेमकुंड साहिब जाने वाले यात्रियों की बढ़ती भीड़ का असर सड़कों पर दिखाई दे रहा है। जोशीमठ से मारवाड़ी के बीच करीब 7 किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम शनिवार सुबह तक जारी रहा। सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लगने से श्रद्धालुओं, पर्यटकों, स्थानीय लोगों और स्कूली बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
शुक्रवार से बनी जाम की स्थिति
जानकारी के अनुसार, जोशीमठ के पेट्रोल पंप और जीरो बैंड क्षेत्र से लेकर मारवाड़ी तक वाहनों की कतार देखी गई। शुक्रवार सुबह शुरू हुई जाम की स्थिति शनिवार सुबह तक पूरी तरह सामान्य नहीं हो सकी।
पहाड़ी क्षेत्र की संकरी सड़क पर एक साथ बड़ी संख्या में वाहनों के पहुंचने से ट्रैफिक की रफ्तार बेहद धीमी हो गई। कई जगह वाहन कुछ मिनट आगे बढ़ने के बाद फिर रुकते दिखाई दिए।
एक से तीन घंटे में पूरा हो रहा 7 किलोमीटर का रास्ता
सामान्य परिस्थितियों में कम समय में पूरा होने वाला यह करीब 7 किलोमीटर का रास्ता जाम के कारण यात्रियों को काफी लंबे समय में तय करना पड़ रहा है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, कुछ यात्रियों को इस दूरी को पार करने में एक से तीन घंटे तक का समय लग रहा है।
इस दौरान कई यात्री अपने वाहनों में ही लंबे समय तक फंसे रहे।
बद्रीनाथ और हेमकुंड जाने वाले श्रद्धालुओं की बढ़ी भीड़
जाम के पीछे सबसे प्रमुख कारणों में बद्रीनाथ धाम और हेमकुंड साहिब की ओर बढ़ रहा यातायात बताया जा रहा है। हेमकुंड साहिब यात्रा अपने अंतिम चरण में है, जबकि पितृ पक्ष के कारण बद्रीनाथ धाम में भी श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी हुई है।
इसके अलावा 2 अक्टूबर की छुट्टी के बाद शनिवार और रविवार का अवकाश होने के कारण पहाड़ों की ओर जाने वाले पर्यटकों की संख्या भी बढ़ी है। इससे बद्रीनाथ मार्ग पर वाहनों का दबाव और बढ़ गया।
स्थानीय लोगों की आवाजाही भी प्रभावित
जाम का असर केवल तीर्थयात्रियों तक सीमित नहीं है। स्थानीय लोग, कर्मचारी और स्कूल-कॉलेज जाने वाले लोग भी लंबे समय तक सड़क पर फंसे रहे।
स्थानीय लोगों के लिए यह मार्ग रोजमर्रा की आवाजाही का महत्वपूर्ण हिस्सा है। लंबे समय तक ट्रैफिक बाधित होने से दैनिक कामकाज पर भी असर पड़ा है।
पहाड़ी सड़क पर सुरक्षा को लेकर चिंता
संकरी पहाड़ी सड़क पर वाहनों की संख्या बढ़ने से सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी हुई है। जाम के दौरान कुछ वाहन सड़क के किनारे तक पहुंचते दिखाई दिए, जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ सकता है।
पहाड़ी इलाकों में सड़क की चौड़ाई सीमित होने के कारण आमतौर पर ट्रैफिक का दबाव बढ़ने पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित होती है। इस मार्ग पर मानसून के दौरान भी यातायात संबंधी परेशानियां सामने आती रही हैं।
ट्रैफिक सामान्य करने की कोशिश
जाम की सूचना के बाद यातायात व्यवस्था को सुचारू करने के प्रयास किए जा रहे हैं। हालांकि वाहनों की संख्या अधिक होने के कारण ट्रैफिक को पूरी तरह सामान्य करने में समय लग रहा है। दोनों दिशाओं से वाहनों की आवाजाही के कारण सड़क पर दबाव और बढ़ने की स्थिति सामने आई है।
प्रशासन के सामने फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती यात्रियों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करते हुए दोनों दिशाओं के ट्रैफिक को नियंत्रित करना है।
लंबे वीकेंड ने बढ़ाया पहाड़ों पर ट्रैफिक
2 अक्टूबर की छुट्टी के बाद लगातार तीन दिन का अवकाश मिलने से उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के प्रमुख पहाड़ी मार्गों पर पर्यटकों और श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ी है। बद्रीनाथ मार्ग के अलावा अन्य प्रमुख पहाड़ी सड़कों पर भी वाहनों का दबाव बढ़ने की जानकारी सामने आई है।
