Shardiya Navratri 2026: 10 या 11 अक्टूबर, कब से शुरू होंगे शारदीय नवरात्र? नोट करें घटस्थापना का मुहूर्त

नई दिल्ली | 29 सितंबर 2026

शारदीय नवरात्रि का इंतजार कर रहे श्रद्धालुओं के लिए इस साल तारीख को लेकर थोड़ा असमंजस बना हुआ है। सवाल है कि शारदीय नवरात्रि 10 अक्टूबर से शुरू होंगे या 11 अक्टूबर से? पंचांग की गणना के अनुसार इस बार नवरात्रि की शुरुआत 11 अक्टूबर 2026, रविवार से होगी। हालांकि आश्विन शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 10 अक्टूबर की रात से ही शुरू हो जाएगी। उदया तिथि के नियम के अनुसार 11 अक्टूबर को पहला नवरात्र माना जाएगा।

नवरात्रि के पहले दिन घरों और मंदिरों में घटस्थापना यानी कलश स्थापना की जाती है। इसी के साथ मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा का नौ दिवसीय क्रम शुरू होता है।

10 अक्टूबर की रात से शुरू होगी प्रतिपदा तिथि

पंचांग के अनुसार प्रतिपदा तिथि 10 अक्टूबर 2026 की रात करीब 9:19 बजे शुरू होगी और 11 अक्टूबर की रात करीब 9:30 बजे तक रहेगी। चूंकि 11 अक्टूबर को सूर्योदय प्रतिपदा तिथि में होगा, इसलिए उदया तिथि के आधार पर इसी दिन नवरात्रि का पहला दिन माना जाएगा।

यानी आसान शब्दों में समझें तो 10 अक्टूबर की रात से प्रतिपदा शुरू होगी, लेकिन नवरात्रि का पहला व्रत और घटस्थापना 11 अक्टूबर को होगी।

11 अक्टूबर को घटस्थापना का शुभ मुहूर्त

11 अक्टूबर को घटस्थापना के लिए सुबह का समय महत्वपूर्ण रहेगा। उपलब्ध पंचांग गणना के अनुसार सुबह 6:19 बजे से 10:12 बजे तक घटस्थापना का शुभ मुहूर्त रहेगा। इसकी अवधि करीब 3 घंटे 52 मिनट बताई गई है।

इसके अलावा अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:44 बजे से दोपहर 12:31 बजे तक रहेगा।

हालांकि घटस्थापना के सटीक समय में स्थान के अनुसार कुछ मिनटों का अंतर हो सकता है। इसलिए अपने शहर के स्थानीय पंचांग के अनुसार समय देखना उचित रहेगा।

पहले दिन होगी मां शैलपुत्री की पूजा

नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है। इसके साथ घर में कलश स्थापित कर नवरात्रि की पूजा शुरू की जाती है।

कलश स्थापना के दौरान कलश में जल भरकर उसके ऊपर नारियल रखा जाता है और उसके साथ जौ बोने की परंपरा भी है। धार्मिक परंपराओं में कलश को शुभता और देवी शक्ति का प्रतीक माना जाता है।

2026 में किस दिन किस देवी की पूजा?

शारदीय नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। 2026 में क्रम इस प्रकार रहेगा:

तारीखदिनदेवी का स्वरूप
11 अक्टूबररविवारमां शैलपुत्री
12 अक्टूबरसोमवारमां ब्रह्मचारिणी
13 अक्टूबरमंगलवारमां चंद्रघंटा
14 अक्टूबरबुधवारमां कूष्मांडा
15 अक्टूबरगुरुवारमां स्कंदमाता
16 अक्टूबरशुक्रवारमां कात्यायनी
17 अक्टूबरशनिवारमां कालरात्रि
18 अक्टूबररविवारमां महागौरी
19 अक्टूबरसोमवारमां सिद्धिदात्री

2026 में नवरात्रि का नौ दिवसीय क्रम 11 से 19 अक्टूबर तक रहेगा। 20 अक्टूबर को विजयादशमी यानी दशहरा मनाया जाएगा।

19 अक्टूबर को अष्टमी-नवमी का संयोग

इस बार नवरात्रि के अंतिम दिनों में तिथियों के कारण दुर्गा अष्टमी और महानवमी 19 अक्टूबर को पड़ने की जानकारी पंचांगों में दी गई है। ऐसे में कन्या पूजन, हवन और नवमी से जुड़े अनुष्ठानों के लिए स्थानीय पंचांग के अनुसार समय देखना महत्वपूर्ण रहेगा।

नवरात्रि में घटस्थापना का क्या महत्व है?

धार्मिक मान्यता के अनुसार घटस्थापना के साथ नवरात्रि की विधिवत शुरुआत मानी जाती है। घर में कलश स्थापित कर देवी की आराधना की जाती है और नौ दिनों तक पूजा, व्रत, दुर्गा सप्तशती पाठ, भजन-कीर्तन और अन्य धार्मिक अनुष्ठान किए जाते हैं।

देश के अलग-अलग हिस्सों में नवरात्रि मनाने की परंपराओं में अंतर भी देखने को मिलता है। कहीं दुर्गा पूजा के बड़े आयोजन होते हैं तो कहीं गरबा और डांडिया के माध्यम से मां की आराधना की जाती है।

कब है दशहरा?

नवरात्रि के नौ दिनों के बाद 20 अक्टूबर 2026 को विजयादशमी यानी दशहरा मनाया जाएगा। इस दिन भगवान राम की रावण पर विजय और देवी दुर्गा की महिषासुर पर विजय से जुड़ी धार्मिक परंपराओं के अनुसार आयोजन किए जाते हैं।

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