चेन्नई, 10 सितंबर 2026। दलीप ट्रॉफी 2026 के फाइनल मुकाबले के पांचवें और आखिरी दिन ईस्ट जोन की दूसरी पारी में कुमार कुशाग्र के रूप में छठा विकेट गिर गया। कुशाग्र अर्धशतक पूरा करने से चूक गए और 34 रन बनाकर पवेलियन लौटे। उनके आउट होने के बाद ईस्ट जोन की टीम अपनी स्थिति को और मजबूत करने में जुटी हुई है।
चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेले जा रहे इस फाइनल में ईस्ट जोन ने पहली पारी में विशाल 708 रन बनाए थे। इसके जवाब में साउथ जोन की पहली पारी 336 रन पर सिमट गई। इस तरह ईस्ट जोन को पहली पारी में ही 372 रन की बड़ी बढ़त हासिल हुई।
दूसरी पारी में भी ईस्ट जोन का दबदबा
पहली पारी में बड़ी बढ़त मिलने के बावजूद ईस्ट जोन ने साउथ जोन को फॉलोऑन नहीं दिया और दोबारा बल्लेबाजी करने का फैसला किया। हालांकि दूसरी पारी की शुरुआत टीम के लिए अच्छी नहीं रही और शुरुआती विकेट जल्दी गिर गए।
इसके बाद कप्तान ईशान किशन और शिखर मोहन ने पारी को संभाला। दोनों ने महत्वपूर्ण साझेदारी करके टीम की बढ़त को और बड़ा किया। ईशान किशन ने 80 रन की तेज पारी खेली, जबकि शिखर मोहन ने 52 रन बनाए।
कुशाग्र और क़ुरैशी ने संभाली पारी
ईशान किशन और शिखर मोहन के आउट होने के बाद ईस्ट जोन की पारी थोड़ी मुश्किल स्थिति में पहुंची। ऐसे समय में कुमार कुशाग्र और एमडी कौैनैन क़ुरैशी ने जिम्मेदारी संभाली।
दोनों बल्लेबाजों ने संयम के साथ बल्लेबाजी करते हुए टीम को संभाला। दिन का खेल खत्म होने तक कुशाग्र 34 और क़ुरैशी 26 रन बनाकर नाबाद थे। दोनों के बीच 52 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी हुई थी।
फिफ्टी से चूके कुशाग्र
पांचवें दिन ईस्ट जोन को उम्मीद थी कि कुशाग्र अपनी पारी को आगे बढ़ाते हुए अर्धशतक पूरा करेंगे। लेकिन वह 34 रन के स्कोर से आगे नहीं बढ़ सके।
उनकी पारी में तीन चौके शामिल रहे। अर्धशतक से 16 रन दूर रहते हुए उनका विकेट गिर गया और ईस्ट जोन को दूसरी पारी में छठा झटका लगा।
कुशाग्र के आउट होने के बावजूद ईस्ट जोन के पास पहली पारी की विशाल बढ़त के कारण मुकाबले पर मजबूत पकड़ बनी हुई है।
पहली पारी में लगाया था शानदार शतक
कुमार कुशाग्र ने इसी फाइनल की पहली पारी में शानदार बल्लेबाजी करते हुए 101 रन बनाए थे। उन्होंने 132 गेंदों का सामना किया और आठ चौके तथा पांच छक्के लगाए थे।
उनकी इस शतकीय पारी ने ईस्ट जोन को 708 रन के विशाल स्कोर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
ईस्ट जोन ने बनाया था 708 रन का विशाल स्कोर
फाइनल में ईस्ट जोन की बल्लेबाजी पूरी तरह हावी रही। कप्तान ईशान किशन ने शानदार 270 रन की पारी खेली। उनके अलावा कुमार कुशाग्र ने 101 और शिखर मोहन ने 85 रन बनाए।
इन बड़ी पारियों की बदौलत ईस्ट जोन ने 163 ओवर में 708 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया।
साउथ जोन 336 रन पर हुआ ऑलआउट
ईस्ट जोन के विशाल स्कोर के जवाब में साउथ जोन की पहली पारी 336 रन पर समाप्त हुई। कप्तान तिलक वर्मा ने 99 रन की शानदार पारी खेली, लेकिन वह शतक से सिर्फ एक रन पहले आउट हो गए।
साउथ जोन के 336 रन पर सिमटने के बाद ईस्ट जोन को पहली पारी में 372 रन की बढ़त मिली।
खिताब की ओर ईस्ट जोन
पहली पारी में 372 रन की बढ़त और दूसरी पारी में भी मजबूत स्थिति ने ईस्ट जोन को खिताब का प्रबल दावेदार बना दिया है। मुकाबले के पांचवें और अंतिम दिन साउथ जोन के सामने ईस्ट जोन को जल्दी समेटने और फिर विशाल लक्ष्य का पीछा करने की चुनौती है।
ईस्ट जोन के लिए यह मुकाबला लंबे समय बाद दलीप ट्रॉफी खिताब जीतने का बड़ा मौका है। टीम ने पूरे फाइनल में बल्ले और गेंद दोनों से मजबूत प्रदर्शन किया है।
कुमार कुशाग्र भले ही दूसरी पारी में अर्धशतक पूरा नहीं कर सके, लेकिन उनकी पहली पारी की शतकीय पारी फाइनल में ईस्ट जोन के दबदबे की बड़ी वजह रही है।
अब मुकाबले के अंतिम चरण में सभी की नजर ईस्ट जोन की बढ़त और साउथ जोन की वापसी की कोशिश पर है।
